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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर घटा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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अमृतपुर। गंगा के जलस्तर में बृहस्पतिवार को 10 सेमी. की कमी आई है। इससे कई गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी भी लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। बिजली गुल होने से रातें अंधेरे में काटनी पड़ रही हैं।
नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ने की मात्रा कम की गई है। 10 सेमी. कमी के बाद 135.60 मीटर चेतावनी बिंदु पर पहुंच गया। अब गांवों से पानी निकलना शुरू हो गया। नरौरा बांध से गंगा में 86,603 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दो दिन से गंगा में एक लाख से कम पानी छोड़े जाने से और कमी आने की उम्मीद है।
गांव बरुआ, हमीरपुर, खानपुर, चित्रकूट, अंबरपुर, रामप्रसाद नगला, नगला मिघन आदि में अभी भी पानी भरा है। अम्बरपुर के राकेश, संतोष, जयपाल, गिरीश चंद्र छोटेलाल, फूलचंद्र, नूर हसन, वीरपाल, रक्षपाल, फेरे, बालक राम आदि के घरों के अंदर पानी है। पंचायत घर अंबरपुर, चाचूपुर, जटपुरा भी जलमग्न हैं।
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बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीण अंधेरे में रातें गुजार रहे हैं। घरों में पानी भर जाने से जहरीले कीड़े के भय से ग्रामीणों परेशान हैं। खेतों में पानी भरने से पशुओं के चारे की समस्या है। सरकारी स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य कंचनपुर सबलपुर में जलभराव से शिक्षक व डॉक्टर सड़क किनारे बैठते हैं।
रामगंगा का जलस्तर 134.95 से घट कर 134.70 मीटर पर पहुंच गया। खो हरेली रामनगर बैराज से सुबह 39,034 और शाम को 35,771 पानी छोड़ा गया। इससे शुक्रवार को हालात खराब होने की आशंका है।
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सात गांवों में चलाई गईं नाव
गंगा में बाढ़ आने से कई गांव के रास्ते में पानी भरा है। सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, नगला दुर्गू, सैदापुर, माधव नौगमा, आशा की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया व बगला की मड़ैया में नाव चलाई जा रही है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। डीएम के आदेश पर बगला की मड़ैया में कटी सड़क पर रात में ग्रामीणों के लिए रोशनी की लिए चार्जिंग वाली लाइट लगाई गई हैं।
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गंगा में लौटने लगा बाढ़ का पानी
कंपिल। कई दिन से बाढ़ का पानी से पथरामई, हमीरपुर मजरा जात, कारव, इकलहरा, सिंघनपुर, दया माखी, पुंथर, शाहपुर गंगपुर, बिहारीपुर, आदि दर्जनों गांव जलमग्न थे। बुधवार रात से गंगा का जल स्तर कम होने से घरों व खेतों में भरा पानी गंगा में लौटने लगा है। इससे ग्रामीणों में खुशी है। (संवाद)
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फोटो- 25,
एसडीएम ने समैचीपुर चितार का लिया जायजा
शमशाबाद। एसडीएम कायमगंज रविंद्र कुमार ने गंगा का जलस्तर कम होने के बाद दोपहर बाद बाढ़ प्रभावित गांव समैचीपुर चितार का जायजा लिया। वह ट्रैक्टर से गांव में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। क्षतिग्रस्त झोपड़ियों में रह रहे लोगों से बातचीत की। प्रधान से मुलाकात कर प्राथमिक विद्यालय खाली कराया। जरूरतमंदों को पॉलिथीन व खाद्य सामग्री बांटी। एसडीएम ने बताया कि जिनकी झोपड़ियां गिरी हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। बाढ़ आपदा राहत कोष से मुआवजे के लिए तहसील स्तर से कार्रवाई की जा रही है। गांव में 345 किटें बांटी जा चुकी हैं। फसल क्षति का आकलन करवा रहे हैं। मुआवजा दिया जाएगा। (संवाद)
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नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ने की मात्रा कम की गई है। 10 सेमी. कमी के बाद 135.60 मीटर चेतावनी बिंदु पर पहुंच गया। अब गांवों से पानी निकलना शुरू हो गया। नरौरा बांध से गंगा में 86,603 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दो दिन से गंगा में एक लाख से कम पानी छोड़े जाने से और कमी आने की उम्मीद है।
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गांव बरुआ, हमीरपुर, खानपुर, चित्रकूट, अंबरपुर, रामप्रसाद नगला, नगला मिघन आदि में अभी भी पानी भरा है। अम्बरपुर के राकेश, संतोष, जयपाल, गिरीश चंद्र छोटेलाल, फूलचंद्र, नूर हसन, वीरपाल, रक्षपाल, फेरे, बालक राम आदि के घरों के अंदर पानी है। पंचायत घर अंबरपुर, चाचूपुर, जटपुरा भी जलमग्न हैं।
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बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीण अंधेरे में रातें गुजार रहे हैं। घरों में पानी भर जाने से जहरीले कीड़े के भय से ग्रामीणों परेशान हैं। खेतों में पानी भरने से पशुओं के चारे की समस्या है। सरकारी स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य कंचनपुर सबलपुर में जलभराव से शिक्षक व डॉक्टर सड़क किनारे बैठते हैं।
रामगंगा का जलस्तर 134.95 से घट कर 134.70 मीटर पर पहुंच गया। खो हरेली रामनगर बैराज से सुबह 39,034 और शाम को 35,771 पानी छोड़ा गया। इससे शुक्रवार को हालात खराब होने की आशंका है।
सात गांवों में चलाई गईं नाव
गंगा में बाढ़ आने से कई गांव के रास्ते में पानी भरा है। सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, नगला दुर्गू, सैदापुर, माधव नौगमा, आशा की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया व बगला की मड़ैया में नाव चलाई जा रही है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। डीएम के आदेश पर बगला की मड़ैया में कटी सड़क पर रात में ग्रामीणों के लिए रोशनी की लिए चार्जिंग वाली लाइट लगाई गई हैं।
गंगा में लौटने लगा बाढ़ का पानी
कंपिल। कई दिन से बाढ़ का पानी से पथरामई, हमीरपुर मजरा जात, कारव, इकलहरा, सिंघनपुर, दया माखी, पुंथर, शाहपुर गंगपुर, बिहारीपुर, आदि दर्जनों गांव जलमग्न थे। बुधवार रात से गंगा का जल स्तर कम होने से घरों व खेतों में भरा पानी गंगा में लौटने लगा है। इससे ग्रामीणों में खुशी है। (संवाद)
फोटो- 25,
एसडीएम ने समैचीपुर चितार का लिया जायजा
शमशाबाद। एसडीएम कायमगंज रविंद्र कुमार ने गंगा का जलस्तर कम होने के बाद दोपहर बाद बाढ़ प्रभावित गांव समैचीपुर चितार का जायजा लिया। वह ट्रैक्टर से गांव में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। क्षतिग्रस्त झोपड़ियों में रह रहे लोगों से बातचीत की। प्रधान से मुलाकात कर प्राथमिक विद्यालय खाली कराया। जरूरतमंदों को पॉलिथीन व खाद्य सामग्री बांटी। एसडीएम ने बताया कि जिनकी झोपड़ियां गिरी हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। बाढ़ आपदा राहत कोष से मुआवजे के लिए तहसील स्तर से कार्रवाई की जा रही है। गांव में 345 किटें बांटी जा चुकी हैं। फसल क्षति का आकलन करवा रहे हैं। मुआवजा दिया जाएगा। (संवाद)