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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं बरकरार
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फर्रुखाबाद (अमृतपुर)। गंगा का जलस्तर गुरुवार को पांच सेंटीमीटर कम होने के बावजूद बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं बरकरार हैं। गांव की गलियों में पानी भरा होने से बाहर निकलना भी मुसीबत से कम नहीं है। बाढ़ पीड़ितों के लिए ट्रैक्टर आटा चक्की सहारा बनी हुई है। पशुओं के चारे का भी संकट है।
गंगा में आई बाढ़ से क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में पानी भरा है। डेढ़ माह से बाढ़ झेल रहे ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से बाढ़ पीडि़तों का जनजीवन अस्तव्यस्त है। आटा पिसाने के लिए भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि ट्रैक्टर आटा चक्की इन दिनों बाढ़ पीडि़तों के लिए वरदान साबित हो रही है। बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंच कर ट्रैक्टर आटा चक्की गेहूं पीस रही हैं। तीसराम की मड़ैया गांव के पास आटा चक्की पहुंची तो ग्रामीण गेहूं नाव पर रख कर पिसवाने के लिए आए। गांव तीसराम की मड़ैया में बुधवार को कटी सड़क पार करते समय एक किशोर बह गया था। उसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम व एडीएम से नाव की व्यवस्था कराने की मांग की थी।
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एडीएम के आदेश पर लेखपाल आशीष यादव ने गुरुवार दोपहर बाद कटी सड़क पर नाव लगाई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। गुरुवार को गंगा का जलस्तर पांच सेमी. कम होने के बाद भी फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर एक फीट पानी चल रहा था। गांव आशा की मड़ैया, उदयपुर, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, सैदापुर आदि गांव के ग्रामीण नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं।
गंगा का जलस्तर 137 मीटर से पांच सेमी. कम होकर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से गंगा में 57677 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 10 सेमी. घटा है। जो 136.05 मीटर से कम होकर 135.95 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 13615 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ग्रामीणों के सामने चारा का भी संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ की जद में आए मकान गिरने की कगार पर
कंपिल। गंगा के तटवर्ती गांव पथरामई में तेजी से कटान हो रहा है। इससे गांव के उदम, टीकाराम, सुखराम के मकान भी कटान की जद में आ गए हैं। किसी भी समय यह गंगा में समा सकते हैं। कुछ ग्रामीण अपना मकान तोड़ने लगे हैं। कटान से ग्रामीण भयभीत हैं। गांव पथरामई, कारव, पुंथर दया माफी, इकलहरा, रामसिंह का नगरा, ठाकुर नगला, जटी जटा, मिस्तनी, हमीरपुर मजरा जात, सिंघनपुर, शेखपुर, बिहारीपुर, कैरई गांवों में बाढ़ का प्रकोप है। इन गांवों में बिजली गुल होने से बाढ़ पीड़ितों को अंधेरे में ही रात गुजारनी पड़ रही है। (संवाद)
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बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी
शमशाबाद। कटरी क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण बाढ़ के पानी से घिरा है। राजस्व टीम ने बाढ़ पीडितो को मंडी समिति बुलाकर राहत सामग्री बांटी। इससे ग्रामीण काफी खुश दिखे। प्रधान ज़ुबैर खा ने बताया 172 बाढ़ पीडितों को राहत सामग्री बांटी गई है। (संवाद)
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गंगा में आई बाढ़ से क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में पानी भरा है। डेढ़ माह से बाढ़ झेल रहे ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से बाढ़ पीडि़तों का जनजीवन अस्तव्यस्त है। आटा पिसाने के लिए भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि ट्रैक्टर आटा चक्की इन दिनों बाढ़ पीडि़तों के लिए वरदान साबित हो रही है। बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंच कर ट्रैक्टर आटा चक्की गेहूं पीस रही हैं। तीसराम की मड़ैया गांव के पास आटा चक्की पहुंची तो ग्रामीण गेहूं नाव पर रख कर पिसवाने के लिए आए। गांव तीसराम की मड़ैया में बुधवार को कटी सड़क पार करते समय एक किशोर बह गया था। उसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम व एडीएम से नाव की व्यवस्था कराने की मांग की थी।
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एडीएम के आदेश पर लेखपाल आशीष यादव ने गुरुवार दोपहर बाद कटी सड़क पर नाव लगाई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। गुरुवार को गंगा का जलस्तर पांच सेमी. कम होने के बाद भी फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर एक फीट पानी चल रहा था। गांव आशा की मड़ैया, उदयपुर, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, सैदापुर आदि गांव के ग्रामीण नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं।
गंगा का जलस्तर 137 मीटर से पांच सेमी. कम होकर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से गंगा में 57677 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 10 सेमी. घटा है। जो 136.05 मीटर से कम होकर 135.95 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 13615 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ग्रामीणों के सामने चारा का भी संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ की जद में आए मकान गिरने की कगार पर
कंपिल। गंगा के तटवर्ती गांव पथरामई में तेजी से कटान हो रहा है। इससे गांव के उदम, टीकाराम, सुखराम के मकान भी कटान की जद में आ गए हैं। किसी भी समय यह गंगा में समा सकते हैं। कुछ ग्रामीण अपना मकान तोड़ने लगे हैं। कटान से ग्रामीण भयभीत हैं। गांव पथरामई, कारव, पुंथर दया माफी, इकलहरा, रामसिंह का नगरा, ठाकुर नगला, जटी जटा, मिस्तनी, हमीरपुर मजरा जात, सिंघनपुर, शेखपुर, बिहारीपुर, कैरई गांवों में बाढ़ का प्रकोप है। इन गांवों में बिजली गुल होने से बाढ़ पीड़ितों को अंधेरे में ही रात गुजारनी पड़ रही है। (संवाद)
बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी
शमशाबाद। कटरी क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण बाढ़ के पानी से घिरा है। राजस्व टीम ने बाढ़ पीडितो को मंडी समिति बुलाकर राहत सामग्री बांटी। इससे ग्रामीण काफी खुश दिखे। प्रधान ज़ुबैर खा ने बताया 172 बाढ़ पीडितों को राहत सामग्री बांटी गई है। (संवाद)