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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर घटा, अभी भी खतरे से पांच सेंटीमीटर ऊपर
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर घटने लगा है, फिर भी खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर (सेमी) ऊपर हैं। यही वजह है कि गांवों और सड़कों पर जलभराव बरकरार है। इससे दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। नरौरा बैराज से 1.07 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बारिश से बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत है।
रविवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। इसके बावजूद खतरे के निशान से अभी भी पांच सेमी ऊपर है। गंगा का जलस्तर 137.20 मीटर से घटकर 137.15 मीटर पर आ गया है। नरौरा बैराज से 1,07,213 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में आई बाढ़ से 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं।
पानी भले ही तेजी से घट रहा हो, मगर गांवों की दुश्वारियां बरकरार है। गांवों में अभी भी पानी भरा है। स़ड़कें भी जलमग्न हैं। रात-दिन में कई-कई बार हो रही बारिश से छतों और खुले आसमान के नीचे रातें गुजार रहे बाढ़ पीड़ितों को और अधिक दिक्कत है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, मंझा, सैदापुर, तीसराम की मडैया , रामपुर, जोगराजपुर आदि गांव में पानी ज्यादा भरा होने से ग्रामीण नावों से आवागमन करने को मजबूर हैं।
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रविवार को रामनगर बैराज से रामगंगा में 3118 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर में 15 सेंटी मीटर की बढ़ोतरी हुई है। 134.75 से बढ़कर 134.90 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा के किनारे ग्रामीणों के खेत कट रहे हैं। घरों व गांव को जाने वाले रास्ते में पानी भरना शुरू हो गया।
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बदायूं मार्ग पर मक्का सुखा रहे किसान
चित्रकूट डिप पर पानी बहने के कारण बदायूं मार्ग पर आवागमन बंद है। बारिश से परेशान ग्रामीणों को इससे राहत है। किसान खेतों से काटकर लाई मक्का सड़कों पर सुखा रहे हैं। किसानों का कहना है कि काफी खेतों में मक्का जम गई है। अब जो बची है, उसी से गुजर करनी है।
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छूटे लोगों का सर्वे करके भेजेंगे डिमांड
अमृतपुर के तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत से कई लोग छूट गए हैं। उनका लेखपालों को सर्वे करने के लिए कह दिया है। सर्वे रिपोर्ट आते ही राहत सामग्री की डिमांड प्रशासन से की जाएगी। इसके बाद उन्हें भी राहत मुहैया कराई जाएगी।
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चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति ने बाढ़ पीड़ितों दी राहत सामग्री
फर्रुखाबाद। श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति की तरफ से अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह किशोर के नेतृत्व में कनिकापुर ग्राम में 100 परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई। राहत सामग्री में चावल, सत्तू, ब्रेड, नमक, बिस्किट, माचिस का पैकेट, हरी मिर्च आदि सामान था। इस मौके पर समिति के नवीन चंद कौशल, प्रशांत सिंह, कमलेश दीक्षित, अजीत वर्मा, चंदन शुक्ला, सार्थक सोमवंशी आदि का सहयोग रहा। राहत सामग्री भरा टेंपो तेज बहाव में फंसकर पलटने से बच गया। कनकापुर गांव के प्रधान व अन्य लोगों ने सहयोग करके सामग्री को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। (संवाद)
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर घटने लगा है, फिर भी खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर (सेमी) ऊपर हैं। यही वजह है कि गांवों और सड़कों पर जलभराव बरकरार है। इससे दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। नरौरा बैराज से 1.07 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बारिश से बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत है।
रविवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। इसके बावजूद खतरे के निशान से अभी भी पांच सेमी ऊपर है। गंगा का जलस्तर 137.20 मीटर से घटकर 137.15 मीटर पर आ गया है। नरौरा बैराज से 1,07,213 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में आई बाढ़ से 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं।
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पानी भले ही तेजी से घट रहा हो, मगर गांवों की दुश्वारियां बरकरार है। गांवों में अभी भी पानी भरा है। स़ड़कें भी जलमग्न हैं। रात-दिन में कई-कई बार हो रही बारिश से छतों और खुले आसमान के नीचे रातें गुजार रहे बाढ़ पीड़ितों को और अधिक दिक्कत है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, मंझा, सैदापुर, तीसराम की मडैया , रामपुर, जोगराजपुर आदि गांव में पानी ज्यादा भरा होने से ग्रामीण नावों से आवागमन करने को मजबूर हैं।
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रविवार को रामनगर बैराज से रामगंगा में 3118 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर में 15 सेंटी मीटर की बढ़ोतरी हुई है। 134.75 से बढ़कर 134.90 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा के किनारे ग्रामीणों के खेत कट रहे हैं। घरों व गांव को जाने वाले रास्ते में पानी भरना शुरू हो गया।
बदायूं मार्ग पर मक्का सुखा रहे किसान
चित्रकूट डिप पर पानी बहने के कारण बदायूं मार्ग पर आवागमन बंद है। बारिश से परेशान ग्रामीणों को इससे राहत है। किसान खेतों से काटकर लाई मक्का सड़कों पर सुखा रहे हैं। किसानों का कहना है कि काफी खेतों में मक्का जम गई है। अब जो बची है, उसी से गुजर करनी है।
छूटे लोगों का सर्वे करके भेजेंगे डिमांड
अमृतपुर के तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत से कई लोग छूट गए हैं। उनका लेखपालों को सर्वे करने के लिए कह दिया है। सर्वे रिपोर्ट आते ही राहत सामग्री की डिमांड प्रशासन से की जाएगी। इसके बाद उन्हें भी राहत मुहैया कराई जाएगी।
चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति ने बाढ़ पीड़ितों दी राहत सामग्री
फर्रुखाबाद। श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति की तरफ से अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह किशोर के नेतृत्व में कनिकापुर ग्राम में 100 परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई। राहत सामग्री में चावल, सत्तू, ब्रेड, नमक, बिस्किट, माचिस का पैकेट, हरी मिर्च आदि सामान था। इस मौके पर समिति के नवीन चंद कौशल, प्रशांत सिंह, कमलेश दीक्षित, अजीत वर्मा, चंदन शुक्ला, सार्थक सोमवंशी आदि का सहयोग रहा। राहत सामग्री भरा टेंपो तेज बहाव में फंसकर पलटने से बच गया। कनकापुर गांव के प्रधान व अन्य लोगों ने सहयोग करके सामग्री को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। (संवाद)