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गंगा का जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंदु के पार

Fri, 06 Aug 2021 08:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 08:06 PM IST
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ganga water lavel remains at same point,  villagers problems are not  shrinking
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को चेतावनी बिंदु से ऊपर 136.95 मीटर पर ठहरा रहा। उधर बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भोजन व पेयजल की समस्या के साथ दाद, खुजली जैसे रोग पैर पसारने लगे हैं। मवेशियों को भर पेट चारा नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीण और परेशान हैं। गंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 और खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
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नरौरा बांध से पिछले तीन दिन से एक लाख क्यूसेक से कम पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा का जलस्तर 136.95 मीटर पर ठहरा हुआ है। शुक्रवार को 82,903 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांवों में अभी भी पानी भरा है। आशा की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया, उदयपुर, कंचनपुर सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, हरसिंहपुर कायस्थ ऊगरपुर गांव के लोग नाव से ही आवागमन कर रहे हैं।
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माखन नागला, बमियारी, रामप्रसाद नागला, सुंदरपुर आदि गांवों में पानी भरे होने से ग्रामीण उसी से होकर गुजरने के लिए मजबूर हैं। आशाराम की मड़ैया, अंबरपुर की मड़ैया में घरों में पानी भरे होने से ग्रामीण ईमादपुर सोमवंशी को जाने वाली सड़क पर पॉलिथीन डाल कर रह रहे हैं। कई ग्रामीण ट्रैक्टर की ट्राली के नीचे चारपाई डाल कर रात
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काट रहे हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर दो फीट पानी अभी चल रहा है। बाढ़ का पानी गांव में भरा होने से लोगों को दाद व खुजली के साथ बुखार भी घेर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दवा लेने के लिए भी उन्हें पानी से होकर ही गुजरना पड़ रहा है। गांव चौरा के पास शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर पानी कम हुआ है लेकिन अभी राहत नहीं।
उधर रामगंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है। 134.65 से घटकर 134.60 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेल, रामनगर से रामगंगा में 7533 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अमृतपुर। बाढ़ पीड़ितों के आवागमन के लिए तहसील क्षेत्र के गांव में 11 नावें तहसील प्रशासन ने उपलब्ध कराईं हैं लेकिन नाविक नहीं दिए हैं। इससे ग्रामीण नाव चलाने वाला कोई आ जाए इसके इंतजार में खड़े रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नाव तो उपलब्ध करा दी गईं हैं, लेकिन नाविक नहीं हैं। (संवाद)
शमसाबाद। बाढ़ का पानी घरों में भरा होने से किसान परेशान हैं। गांव बिरिया डंडा में गांव में पानी भरा होने से किसान वेदराम ने शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर सुखाने के लिए मक्का फैला दी। वह उसे दिन में रखाते रहे। कटरी तौफीक में पानी भरा होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अब पानी कुछ कम हुआ है। (संवाद)
कमालगंज। गंगा में जलस्तर स्थिर होने के बावजूद कई गांवों में बाढ़ का पानी गलियों में भरा है। इससे लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है। जानवरों को दाना-पानी की भी समस्या है। वहीं कल्लूनगला में कटान हो रही है। शुक्रवार को गंगा में पानी नहीं बढ़। लेकिन पहले से पानी भरा होने से समस्या बनी हुई है। धारानगला गांव में चारों

ओर अभी भी पानी है। कई मकानों के बाहर पानी होने से गांव वाले परेशान हैं। बाहर लगे कंडों की बठिया में पानी भरने, लकड़ी भीग जाने से कई लोगों के सामने चौका, चूल्हे की समस्या बनी हुई है। कल्लू नगला सड़क भी कट रही है। कटान ने तीन मकानों को अपनी जद में ले लिया है। यह लोग अपने मकान का काफी हिस्सा तोड़ चुके हैं। ईंट आदि मलबा भी दूसरे स्थान पर पहुंचा चुके है। इनके पीछे पांच मकान और हैं।
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