{"_id":"5b9ea2cc867a557f60166a6c","slug":"ganga-and-ramganga-flood-flood-victims-due-to-water-level-decrease-in-farrukhabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा व रामगंगा का जलस्तर घटने से घरों में लौटे बाढ़ पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा व रामगंगा का जलस्तर घटने से घरों में लौटे बाढ़ पीड़ित
farrukhabad
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:07 AM IST
विज्ञापन
पाकिस्तानी नाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा और रामगंगा का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी पुराने ढर्रे पर लौटने लगी है। बाढ़ पीड़ितों ने गांव पहुंचकर घरों में भोजन आदि बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी भी कई गांवों में सड़कें कटी होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है।
रविवार को गंगा में 64 हजार और रामगंगा में करीब पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 136.35 से 136.20 मीटर और रामगंगा का जलस्तर 135.70 से 135.50 मीटर पहुंच गया। दोनों नदियों का जलस्तर घटने से सुंदरपुर, चपरा, भुड़रा, ईमादपुर और पंखियन की मड़ैया आदि गांवों में ग्रामीण घरों में लौटने लगे हैं। इन गांवों में कीचड़ भरा था, वह भी धीरे-धीरे सूखने लगा है। ग्रामीणों ने घर में ही भोजन आदि बनाना शुरू कर दिया है।
हालांकि सुंदरपुर, नगला दुर्गू, सवितापुर, कछुआ गाढ़ा आदि गांवों की सड़कें कटी होने से अभी भी इन गांवों में नाव से आवागमन किया जा रहा है। ईमादपुर की सड़क कटने से दुपहिया वाहन ही मुश्किल निकल पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पानी घटने से अब राहत मिलने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को गंगा में 64 हजार और रामगंगा में करीब पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 136.35 से 136.20 मीटर और रामगंगा का जलस्तर 135.70 से 135.50 मीटर पहुंच गया। दोनों नदियों का जलस्तर घटने से सुंदरपुर, चपरा, भुड़रा, ईमादपुर और पंखियन की मड़ैया आदि गांवों में ग्रामीण घरों में लौटने लगे हैं। इन गांवों में कीचड़ भरा था, वह भी धीरे-धीरे सूखने लगा है। ग्रामीणों ने घर में ही भोजन आदि बनाना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
हालांकि सुंदरपुर, नगला दुर्गू, सवितापुर, कछुआ गाढ़ा आदि गांवों की सड़कें कटी होने से अभी भी इन गांवों में नाव से आवागमन किया जा रहा है। ईमादपुर की सड़क कटने से दुपहिया वाहन ही मुश्किल निकल पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पानी घटने से अब राहत मिलने लगी है।
विज्ञापन