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नाले का पानी साफ करने को एफएसटीपी निर्माण शुरू

Thu, 01 Apr 2021 11:13 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Apr 2021 11:13 PM IST
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FSTP construction started to clear the water of the drain
सीबरेज पानी को साफ करने के लिए बन रहा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए गंगा किनारे बसे अमेठी जदीद गांव एफएसटीपी(फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण शुरू हो गया है। इसे दिल्ली की कंपनी बना रही है। पांच करोड़ की लागत से 32 केएलडी(किलो लीटर प्रतिदिन) की क्षमता वाले इस प्लांट को छह माह में चालू करने की तैयारी है। प्लांट बनने के बाद गंगा में जा रहा शहर के नालों का पानी शोधित होगा।
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फिलहाल बाउंड्रीवाल, गड्ढा खुदाई और भवन के पिलर का काम पूरा हो गया है। तीन टैंकों के गड्ढे खुद चुके हैं। पांच मशीनें लगाई जाएंगी। यह मशीनेें अन अरोविक रैफिल्ड एंड वेटलेंड तकनीक से काम करेंगी। इस तकनीक से ट्रीटमेंट किए गए पानी को नहाने, कपड़ा साफ करने, सिंचाई आदि के कार्यों में ला सकते हैं। यह पानी सिर्फ पीने लायक नहीं होगा। केक फार्म में जैविक खाद भी बनेगी। उसे फसलों में लगाया जा सकता है। शहर भर में सक्शन मशीनों से नालों का पानी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद वहां ट्रीटमेंट होगा।
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सोलर एनर्जी से चलेगा प्लांट
पूरे प्लांट में बिजली का कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं होगी। इसमें 25 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट का बैकअप आठ घंटे का होगा। इसी से रोशनी भी की जाएगी।
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पानी की शुद्धता परखने को बनेगी लैब
प्लांट में जो पानी साफ किया जाएगा, उसकी शुद्धता परखने के लिए लैब की स्थापना भी होगी। यहां हर स्टेज के बाद पानी की शुद्धता परखी जाएगी। प्लांट से बाहर पानी तभी निकाला जाएगा, जब वह शुद्ध हो जाएगा।
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‘एफएसटीपी की प्रगति संतोषजनक है। 30 फीसदी काम हो चुका है। मैं खुद और बड़े तकनीकी अधिकारी गुणवत्ता परखते रहते हैं। समय सीमा में प्लांट चालू करवा देंगे।’

-सुनील तिवारी, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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‘एफएसटीपी से नालों का पानी शुद्ध किया जाता है। इस प्लांट में सबसे नई तकनीक का प्रयोग होगा। हर हाल में छह माह में काम पूरा कर लेंगे। प्लांट के हर काम पर नजर रखी जा रही है।’
- शरद त्रिपाठी, जेई, कार्यदायी कंपनी (जेएम इन्फ्रा इन्वायरो एंड टेक्नोलॉजी प्रा.लिमि.)।
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