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विकास कार्य में पूर्व प्रधान ने किया लाखों का घोटाला
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फर्रुखाबाद। शमसाबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत कुआंखेड़ा वजीर आलम में विकास कार्यों में लाखों का गबन किया गया है। जांच के बाद जिलाधिकारी ने पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 15 दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर वसूली व कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने आठ अगस्त को गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण किया था। चार लाख 90 हजार रुपये खर्च होने के बावजूद सामुदायिक शौचालय में काम अधूरा व मानकविहीन मिला था। पंचायत भवन के निर्माण में भी 3 लाख 80 हजार 803 रुपये का घपला पकड़ा गया। स्कूल के कायाकल्प में 26 लाख 58 हजार 516 रुपये खर्च किए गए थे, जबकि काम करीब 16 लाख रुपये का ही मिला था। जो काम हुआ वह भी ठीक नहीं था।
खड़ंजा व नाली मरम्मत में 23 लाख 9 हजार 402 रुपये खर्च किए गए। इसमें भी 2 लाख 17 हजार 747 रुपये का घपला मिला। हैंडपंप मरम्मत पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन मरम्मत किए गए हैंडपंप नहीं मिले। प्रशासनिक मद के खर्च में भी 69,993 रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई। 1526 व्यक्तिगत शौचालयों में भी ज्यादातर जीर्णशीर्ण मिले थे।
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इन शौचालयों पर 1.83 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया। ग्रामीणों ने प्रधान व सचिव द्वारा शौचालय निर्माण करवाने की शिकायत की थी। डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने पूर्व प्रधान अर्चना देवी और ग्राम पंचायत सचिव मोहित यादव को नोटिस जारी किया है।
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डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने आठ अगस्त को गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण किया था। चार लाख 90 हजार रुपये खर्च होने के बावजूद सामुदायिक शौचालय में काम अधूरा व मानकविहीन मिला था। पंचायत भवन के निर्माण में भी 3 लाख 80 हजार 803 रुपये का घपला पकड़ा गया। स्कूल के कायाकल्प में 26 लाख 58 हजार 516 रुपये खर्च किए गए थे, जबकि काम करीब 16 लाख रुपये का ही मिला था। जो काम हुआ वह भी ठीक नहीं था।
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खड़ंजा व नाली मरम्मत में 23 लाख 9 हजार 402 रुपये खर्च किए गए। इसमें भी 2 लाख 17 हजार 747 रुपये का घपला मिला। हैंडपंप मरम्मत पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन मरम्मत किए गए हैंडपंप नहीं मिले। प्रशासनिक मद के खर्च में भी 69,993 रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई। 1526 व्यक्तिगत शौचालयों में भी ज्यादातर जीर्णशीर्ण मिले थे।
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इन शौचालयों पर 1.83 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया। ग्रामीणों ने प्रधान व सचिव द्वारा शौचालय निर्माण करवाने की शिकायत की थी। डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने पूर्व प्रधान अर्चना देवी और ग्राम पंचायत सचिव मोहित यादव को नोटिस जारी किया है।