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इमरजेंसी में फ्लोमीटर फटा, इंटर्नशिप का छात्र घायल
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आलोक कुमार। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज को ऑक्सीजन लगाते समय फ्लोमीटर फट गया। फ्लोमीटर का कांच लगने से फार्मासिस्ट की इंटर्नशिप करने आया छात्र घायल हो गया। वार्ड में शिफ्ट कर मरीज को सिलिंडर से ऑक्सीजन दी गई।
कमालगंज क्षेत्र के गांव तेहरा अकबरपुर निवासी विशुना देवी को सुबह करीब 11 बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में कराया गया। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी। फार्मासिस्ट की इंटर्नशिप करने आए छात्र आलोक कुमार ने मरीज के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर फ्लोेमीटर खोला। खोलते ही फ्लोेमीटर तेज आवाज के साथ फट गया। इससे इमरजेंसी में मौजूद लोगों में खलबली मच गई। फ्लोमीटर का कांच आलोक की आंख के पास लगा। इससे खून बहने लगा। मरीज विशुना को वार्ड में शिफ्ट करके सिलिंडर से ऑक्सीजन दी गई। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने इमरजेंसी जाकर देखा और पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करवा दी।
इमरजेंसी में पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करा दी गई है। मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए पीकू वार्ड के पांच कंसन्ट्रेटर और चार छोटे सिलिंडर इमरजेंसी में रखवा दिए गए हैं।
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सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि इमरजेंसी में नई पाइपलाइन डाली गई है, उसमें वनवे वाल्व लगना था लेकिन टूवे लगा दिया गया। इससे तकनीकी दिक्कत है। कार्यदायी संस्था को समस्या का समाधान करने के लिए कह दिया गया हैै। तकनीकी दिक्कत से गैस की कभी स्पीड बढ़ जाती और कभी कम हो जाती है। इसी वजह से फ्लो मीटर फट गया है।
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कमालगंज क्षेत्र के गांव तेहरा अकबरपुर निवासी विशुना देवी को सुबह करीब 11 बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में कराया गया। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी। फार्मासिस्ट की इंटर्नशिप करने आए छात्र आलोक कुमार ने मरीज के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर फ्लोेमीटर खोला। खोलते ही फ्लोेमीटर तेज आवाज के साथ फट गया। इससे इमरजेंसी में मौजूद लोगों में खलबली मच गई। फ्लोमीटर का कांच आलोक की आंख के पास लगा। इससे खून बहने लगा। मरीज विशुना को वार्ड में शिफ्ट करके सिलिंडर से ऑक्सीजन दी गई। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने इमरजेंसी जाकर देखा और पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करवा दी।
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इमरजेंसी में पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करा दी गई है। मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए पीकू वार्ड के पांच कंसन्ट्रेटर और चार छोटे सिलिंडर इमरजेंसी में रखवा दिए गए हैं।
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सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि इमरजेंसी में नई पाइपलाइन डाली गई है, उसमें वनवे वाल्व लगना था लेकिन टूवे लगा दिया गया। इससे तकनीकी दिक्कत है। कार्यदायी संस्था को समस्या का समाधान करने के लिए कह दिया गया हैै। तकनीकी दिक्कत से गैस की कभी स्पीड बढ़ जाती और कभी कम हो जाती है। इसी वजह से फ्लो मीटर फट गया है।