{"_id":"5837292a4f1c1b2c2513cd45","slug":"flaws-traders-turnover-dropped-60-per-cent","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोट बंदी से व्यापारियों का कारोबार 60 फीसदी गिरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोट बंदी से व्यापारियों का कारोबार 60 फीसदी गिरा
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
स्टेट बैंक रेलवे रोड पर लगी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1000, 500 के नोट बंद होने से व्यापार पर ब्रेक सा लग गया है। रोज की तरह गुरुवार को भी सुबह से लेकर शाम तक दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहे। इक्का दुक्का ग्राहक सामान लेेने पहुंचे। आलम यह है कि सहालग होने के बावजूद कारोबार पर 50 से 60 प्रतिशत असर पड़ा है। रेडीमड, इलेक्ट्रानिक्स व खानपान आदि दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
रेलवे रोड स्थित एक इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर कर्मचारी और दुकान मालिक लालू वर्मा सन्नाटे में बैठे नजर आए। पूछने पर बताया कि सहालग का मौसम है लेकिन नोट बंदी से धंधा काफी मंदा है। हर कोई 500 व 1000 के नोट ही लेकर आता है, जो बंद हो चुके हैं। नोट बंदी से बिक्री पर 50 से 60 प्रतिशत असर पड़ा है।
एक कंपनी के नमकीन की एजेंसी लिए दुकानदार दीपक अरोरा भी दुकान में अकेले बैठे हैं। पूछने पर बया कि उनके पास नमकीन के अलावा ड्राईफूट आदि की भी एजेंसी है लेकिन नोट बंदी के बाद से माल उठाने वाले दुकानदार छोटे नोट लेकर आते नहीं हैं। वह लोग सिर्फ 500 और 1000 के नोट ही लाते हैं, जो वह लेते नहीं हैं। इस वजह से बिक्री पर करीब 50 प्रतिशत असर पड़ा है।
विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित रेडीमेड दुकान पर दुकान मालिक पप्पू बख्श इक्का-दुक्का ग्राहकों को कपड़े दिखा रहे हैं। नोटबंदी के बारे में पूछे जाने पर कहते हैं कि नोटबंदी ने धंधा बिल्कुल चौपट कर दिया है। पहले जहां दिन भर में आठ से 10 हजार रुपये की रोजाना बिक्री होती थी। वहीं अब दो से तीन हजार रुपये की बिक्री ही बामुश्किल होती है।
रेलवे रोड स्थित एक टायर एजेंसी पर दुकान मालिक के कर्मचारी ग्राहक के इंतजार में बैठे हैं। पूछने पर बताया कि सुबह से एक भी टायर नहीं बिका है। एजेंसी मालिक राजनराय जौली राजपूत बताते हैं कि नोटबंदी से उनके व्यापार पर करीब 70 से 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। नोटबंदी से पहले जहां एक लाख रुपये प्रतिदिन के टायर बेचते थे। अब सहालग के मौसम में भी शाम तक बोहनी का इंतजार करते हैं।
व्यापार मंडल व कंछल गुट के अध्यक्ष हाजी अल्लादीन ने बैठक कर कहा कि काला धन रोकने का उठाया गया कदम तो ठीक है लेकिन इससे छोटे व्यापारी व दुकानदारों की बुरी तरह कमर टूट गई है। शादियों के सीजन के लिए जो माल स्टाक में जमा किया था। 500 और 1000 नोट बंद होने से सारा माल धरा रह गया।
हाल यह है कि बैंको से कैश न मिलने के चलते दिल्ली के व्यापारियों ने पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया है।इस अवसर पर अकरम, मुस्तकीम, टिंकू, बबलू और कुलदीप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित एक इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर कर्मचारी और दुकान मालिक लालू वर्मा सन्नाटे में बैठे नजर आए। पूछने पर बताया कि सहालग का मौसम है लेकिन नोट बंदी से धंधा काफी मंदा है। हर कोई 500 व 1000 के नोट ही लेकर आता है, जो बंद हो चुके हैं। नोट बंदी से बिक्री पर 50 से 60 प्रतिशत असर पड़ा है।
विज्ञापन
एक कंपनी के नमकीन की एजेंसी लिए दुकानदार दीपक अरोरा भी दुकान में अकेले बैठे हैं। पूछने पर बया कि उनके पास नमकीन के अलावा ड्राईफूट आदि की भी एजेंसी है लेकिन नोट बंदी के बाद से माल उठाने वाले दुकानदार छोटे नोट लेकर आते नहीं हैं। वह लोग सिर्फ 500 और 1000 के नोट ही लाते हैं, जो वह लेते नहीं हैं। इस वजह से बिक्री पर करीब 50 प्रतिशत असर पड़ा है।
विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित रेडीमेड दुकान पर दुकान मालिक पप्पू बख्श इक्का-दुक्का ग्राहकों को कपड़े दिखा रहे हैं। नोटबंदी के बारे में पूछे जाने पर कहते हैं कि नोटबंदी ने धंधा बिल्कुल चौपट कर दिया है। पहले जहां दिन भर में आठ से 10 हजार रुपये की रोजाना बिक्री होती थी। वहीं अब दो से तीन हजार रुपये की बिक्री ही बामुश्किल होती है।
रेलवे रोड स्थित एक टायर एजेंसी पर दुकान मालिक के कर्मचारी ग्राहक के इंतजार में बैठे हैं। पूछने पर बताया कि सुबह से एक भी टायर नहीं बिका है। एजेंसी मालिक राजनराय जौली राजपूत बताते हैं कि नोटबंदी से उनके व्यापार पर करीब 70 से 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। नोटबंदी से पहले जहां एक लाख रुपये प्रतिदिन के टायर बेचते थे। अब सहालग के मौसम में भी शाम तक बोहनी का इंतजार करते हैं।
व्यापार मंडल व कंछल गुट के अध्यक्ष हाजी अल्लादीन ने बैठक कर कहा कि काला धन रोकने का उठाया गया कदम तो ठीक है लेकिन इससे छोटे व्यापारी व दुकानदारों की बुरी तरह कमर टूट गई है। शादियों के सीजन के लिए जो माल स्टाक में जमा किया था। 500 और 1000 नोट बंद होने से सारा माल धरा रह गया।
हाल यह है कि बैंको से कैश न मिलने के चलते दिल्ली के व्यापारियों ने पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया है।इस अवसर पर अकरम, मुस्तकीम, टिंकू, बबलू और कुलदीप आदि मौजूद रहे।