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आतिशबाजी पर छाई महंगाई, 10 से 15 प्रतिशत की बिक्री घटी
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Sat, 29 Oct 2016 10:00 PM IST
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दिवाली पर बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजी इमारत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दीपावली पर पटाखों की दुकानें सज गई हैं। एके-47, जानेमन, प्राइट इंडिया शाट और कागज अनार समेत विभिन्न तरह के पटाखे बाजार में मौजूद हैं। हालांकि इस बार आतिशबाजी पर छाई महंगाई के चलते बिक्री पर करीब 10 से 15 प्रतिशत का असर पड़ा है।दिवाली पर्व को लेकर बच्चों में उत्साह है। पटेल पार्क, क्रिश्चियन इंटर कालेज, बीबीगंज, मार्डन पब्लिक स्कूल रेलवे रोड और कादरीगेट ओपी लान के निकट समेत फुटकर आतिशबाजी बिक्री के समेत शहर में करीब आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर पटाखों की दुकानें सज गई हैं।
बाजार में एके-47, जानेमन, प्राइट इंडिया शाट 12, 15, 30, कागज व कुल्हड़ अनार, चरखी, चटाई, कलर व स्टार राकेट, डिलाइट, महताब, ग्रीन लाइट, 12 रंगों की फुलझड़ियां, सुपर स्टार, सोबियत, आकाश रंगोली, रॉयल सैल्यूट राकेट, दहमार, छोटे व बड़े बम, चुहिया बम, सीको, छोटा भीम, फाउंटेन अनार, बांसुरी और पुलिस सायरन अनार बिक रहे हैं।
इसके साथ ही 12 से 600 शाट जानेमन, म्यूजिक पाप, अफ्रीकन डिलाइट, सुप्रीम चटाई 10 हजार, पांच हजार और तीन हजार समेत की प्रकार की वैरायटियां उपलब्ध हैं। पटाखा के थोक विक्रेता आनंद उर्फ गोल्डी कपूर का कहना है कि पटाखों में करीब 50 से ज्यादा वैराइटी हैं। क्रिश्चियन इंटर कालेज में फुटकर आतिशबाज विक्रेता रिंकू गुप्ता ने बताया कि इस बार आतिशबाजी पर 10 से 15 प्रतिशत महंगाई है। इसका बिक्री पर असर है।
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दो दिन पहले जहां खील व खिलौने 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। वहीं दीवाली की पूर्व संध्या पर इनकी कीमत बढ़कर 80 से 100 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। खील-खिलौने खरीदने के लिए बाजारों में जमकर भीड़ उमड़ी। लालसराय टंकी के पास खील-खिलौने की दुकान लगाए। अशोक कुमार ने बताया कि दो दिन में खील-खिलौनों के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि अब लोग खील व खिलौने औपचारिक भर ही खरीदते हैं।
दीपावली के त्योहार पर फैंसी दीयों की ज्यादा मांग रही। मिट्टी के सादा दीपक 20 रुपये के 25 और फैंसी दीये 30 रुपये के 25 बिके। नई रुई 5 से 10 रुपये पैकेट बिकी। इसके साथ ही डिजाइनदार दीये 2 रुपये प्रति पीस बिका।
दीवाली की पूर्व संध्या पर भगवान गणेश-लक्ष्मी की बिक्री खूब हुई। बाजार में 25 से लेकर 2100 रुपये जोड़ा गणेश-लक्ष्मी बिके। सबसे ज्यादा डिमांड 25 और 151 रुपये जोड़ा वाले गणेश-लक्ष्मी की हुई। इसके सात ही भगवान के कलेंडर, माला और स्टीकरों की भी जमकर बिक्री हुई।
दीवाली पर मिठाई की दुकानों पर आर्डरों की भरमार रही। हर दुकानदार के पास एक क्विंटल व दो क्विंटल के मिठाई के आर्डर थे। वनस्पति घी से निर्मित मिठाई की डिमांड ज्यादा रही। उच्च वर्गीय लोगों ने देशी घी की मिठाई खरीदी।
आचार्य योगीराज दबे (कमालगंज) ने बताया कि दीवाली पर लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना काफी शुभ माना गया है। प्रदोष काल 6 बजकर 2 मिनट से लेकर 8 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल 7 से 9 बजे तक रहेगा। दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त 7 से 8 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
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बाजार में एके-47, जानेमन, प्राइट इंडिया शाट 12, 15, 30, कागज व कुल्हड़ अनार, चरखी, चटाई, कलर व स्टार राकेट, डिलाइट, महताब, ग्रीन लाइट, 12 रंगों की फुलझड़ियां, सुपर स्टार, सोबियत, आकाश रंगोली, रॉयल सैल्यूट राकेट, दहमार, छोटे व बड़े बम, चुहिया बम, सीको, छोटा भीम, फाउंटेन अनार, बांसुरी और पुलिस सायरन अनार बिक रहे हैं।
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इसके साथ ही 12 से 600 शाट जानेमन, म्यूजिक पाप, अफ्रीकन डिलाइट, सुप्रीम चटाई 10 हजार, पांच हजार और तीन हजार समेत की प्रकार की वैरायटियां उपलब्ध हैं। पटाखा के थोक विक्रेता आनंद उर्फ गोल्डी कपूर का कहना है कि पटाखों में करीब 50 से ज्यादा वैराइटी हैं। क्रिश्चियन इंटर कालेज में फुटकर आतिशबाज विक्रेता रिंकू गुप्ता ने बताया कि इस बार आतिशबाजी पर 10 से 15 प्रतिशत महंगाई है। इसका बिक्री पर असर है।
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दो दिन पहले जहां खील व खिलौने 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। वहीं दीवाली की पूर्व संध्या पर इनकी कीमत बढ़कर 80 से 100 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। खील-खिलौने खरीदने के लिए बाजारों में जमकर भीड़ उमड़ी। लालसराय टंकी के पास खील-खिलौने की दुकान लगाए। अशोक कुमार ने बताया कि दो दिन में खील-खिलौनों के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि अब लोग खील व खिलौने औपचारिक भर ही खरीदते हैं।
दीपावली के त्योहार पर फैंसी दीयों की ज्यादा मांग रही। मिट्टी के सादा दीपक 20 रुपये के 25 और फैंसी दीये 30 रुपये के 25 बिके। नई रुई 5 से 10 रुपये पैकेट बिकी। इसके साथ ही डिजाइनदार दीये 2 रुपये प्रति पीस बिका।
दीवाली की पूर्व संध्या पर भगवान गणेश-लक्ष्मी की बिक्री खूब हुई। बाजार में 25 से लेकर 2100 रुपये जोड़ा गणेश-लक्ष्मी बिके। सबसे ज्यादा डिमांड 25 और 151 रुपये जोड़ा वाले गणेश-लक्ष्मी की हुई। इसके सात ही भगवान के कलेंडर, माला और स्टीकरों की भी जमकर बिक्री हुई।
दीवाली पर मिठाई की दुकानों पर आर्डरों की भरमार रही। हर दुकानदार के पास एक क्विंटल व दो क्विंटल के मिठाई के आर्डर थे। वनस्पति घी से निर्मित मिठाई की डिमांड ज्यादा रही। उच्च वर्गीय लोगों ने देशी घी की मिठाई खरीदी।
आचार्य योगीराज दबे (कमालगंज) ने बताया कि दीवाली पर लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना काफी शुभ माना गया है। प्रदोष काल 6 बजकर 2 मिनट से लेकर 8 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल 7 से 9 बजे तक रहेगा। दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त 7 से 8 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।