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आग से 35 झोपड़ी रखा, लाखों का नुकसान
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सावित्री देवी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शिकारपुर के मजरा कंचनपुर कटरी में लगी भीषण आग से झोपड़ीनुमा 35 आशियाने जलकर राख हो गए। आग से ग्रामीणों का अनाज, नकदी, कपड़े, चारा आदि सब कुछ जल गया। सूचना देने के करीब पौने दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने हैंडपंपों के सहारे आग पर काबू पा लिया था। आग से कई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
कटरी में बसा गांव हरसिंहपुर कायस्थ गंगा में कट गया था। इस पर वहां के 35 परिवारों ने इसी वर्ष गांव शिकारपुर के पास कंचनपुर में जमीन लेकर झोपड़ीनुमा घर बनाकर वहीं रहने लगे। शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे ग्रामीण खेतों पर काम करने गए थे। इसी समय राहगीर ने एक झोपड़ी में आग लगी देखी। सूचना पर ग्रामीण गांव पहुंचे, लेकिन तेज हवा के चलते आग विकराल हो गई थी। इस पर गांव में चीख्र-पुकार मच गई। हैंडपंपों से पानी निकालकर लोगों ने आग बुझानी शुरू की।
ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी, लेकिन जब तक आग बुझती तब तक हवलदार सिंह, राजेश, सुरेंद्र, रसाल, हरिश्चंद्र, रामनरेश, पुत्तू लाल, आलोक, प्रदीप, बबलू, दिनेश, नीरज, आयरन, सरवन, साबीर, मुकेश, धनीराम समेत 35 लोगों के झोपड़ीनुमा घर जलकर राख हो गए।
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आग से हवलदार के 20 हजार रुपये और राजीव के 16 हजार रुपये भी जल गए। इसके अलावा घरों में रखे अनाज, कपड़े, बर्तन भी जल गए। गांव में बंधे मवेशियों को खोलकर भगा देने से उनकी जान बच गई। बिलावलपुर के प्रधान संतोष यादव ने पुलिस को सूचना दी। सूचना देने के करीब पौने दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी पहुंची, तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। देर शाम तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
दो बेटियों के दहेज का सामान भी जला
आग लगने पर कई महिलाएं अपनी झोपड़ियों की ओर दौड़ीं। झोपड़ियों में उनकी बेटियों की शादी के लिए खरीदा गया दहेज का सामान रखा था, मगर पुरुषों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्हें रोक लिया। आग से उनकी बेटियों के दहेज का सामान भी जल गया। आग बुझने के बाद महिलाएं रोती रहीं।
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कटरी में बसा गांव हरसिंहपुर कायस्थ गंगा में कट गया था। इस पर वहां के 35 परिवारों ने इसी वर्ष गांव शिकारपुर के पास कंचनपुर में जमीन लेकर झोपड़ीनुमा घर बनाकर वहीं रहने लगे। शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे ग्रामीण खेतों पर काम करने गए थे। इसी समय राहगीर ने एक झोपड़ी में आग लगी देखी। सूचना पर ग्रामीण गांव पहुंचे, लेकिन तेज हवा के चलते आग विकराल हो गई थी। इस पर गांव में चीख्र-पुकार मच गई। हैंडपंपों से पानी निकालकर लोगों ने आग बुझानी शुरू की।
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ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी, लेकिन जब तक आग बुझती तब तक हवलदार सिंह, राजेश, सुरेंद्र, रसाल, हरिश्चंद्र, रामनरेश, पुत्तू लाल, आलोक, प्रदीप, बबलू, दिनेश, नीरज, आयरन, सरवन, साबीर, मुकेश, धनीराम समेत 35 लोगों के झोपड़ीनुमा घर जलकर राख हो गए।
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आग से हवलदार के 20 हजार रुपये और राजीव के 16 हजार रुपये भी जल गए। इसके अलावा घरों में रखे अनाज, कपड़े, बर्तन भी जल गए। गांव में बंधे मवेशियों को खोलकर भगा देने से उनकी जान बच गई। बिलावलपुर के प्रधान संतोष यादव ने पुलिस को सूचना दी। सूचना देने के करीब पौने दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी पहुंची, तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। देर शाम तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
दो बेटियों के दहेज का सामान भी जला
आग लगने पर कई महिलाएं अपनी झोपड़ियों की ओर दौड़ीं। झोपड़ियों में उनकी बेटियों की शादी के लिए खरीदा गया दहेज का सामान रखा था, मगर पुरुषों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्हें रोक लिया। आग से उनकी बेटियों के दहेज का सामान भी जल गया। आग बुझने के बाद महिलाएं रोती रहीं।

रामकुमारी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

कटरी कंचनपुर में लगी आग से बचे सामान को देखती महिला। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

कटरी कंचनपुर में लगी आग को बुझाने के लिए पानी डालती महिला। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

कटरी कंचनपुर में लगी आग से जले नोट दिखाता राजीव। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD