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फर्रुखाबाद में स्कूल बंद होने पर विभिन्न सुविधाओं की मांगी जा रही फीस
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। कोविड-19 की वजह से विद्यालय बंद हैं, ऑन लाइन पढ़ाई कराई जा रही है। फिर भी सभी स्कूल विभिन्न सुविधाओं के हिसाब से फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। इसकी शिकायत हेल्पेज फाउंडेशन सोसाइटी के लोगों ने डीएम से की है।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा कि प्राइवेट स्कूलों में लाइब्रेरी, प्रैक्टिकल, मेंटीनेंस, कंप्यूटर, डेवलेपमेंट, स्पोर्ट्स, ट्रांसपोर्टेशन, परीक्षा शुल्क हर साल जमा कराया जाता है। इस साल कोविड-19 की वजह से विद्यालय बंद होने से यह कोई सुविधाएं बच्चों को नहीं मिल रही हैं। इसके बावजूद इन सभी को जोड़कर मासिक व त्रैमासिक शुल्क जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कोरोना के कारण लॉकडाउन के दौर से गुजरने से मध्यम व निम्न वर्ग के अभिभावकों के सामने आर्थिक संकट है। इससे विद्यालय की फीस देना मुश्किल हो रहा है। संगठन ने बिगड़ी आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए मध्यम व निम्न वर्ग के अभिभावकों के हित में निर्णय लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान अविनाश सारस्वत, अतुल मिश्रा, कौशिक शुक्ला, शप्पू खां, मनोज शाक्य, मनीष अग्रवाल, अवनीश मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
उधर, अखिल भारत हिंदू महासभा ने निजी स्कूलों में जबरन वसूली जा रही फीस पर अंकुश लगाने एवं द्वितीय राजभाषा की दुर्दशा पर चिंता जताई। महासभा के जिलाध्यक्ष विमलेश मिश्रा की अगुवाई में पदाधिकारी भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचे। उन्हें ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि छोटे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं दी जा सकती। बावजूद इसके निजी स्कूल फीस वसूली का दबाव बना रहे हैं। संचालक सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं। उन्होंने इस अन्याय को रोकने की मांग की। इसके अलावा द्वितीय राजभाषा संस्कृत की दुर्दशा रोकने की मांग की।
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फर्रुखाबाद। कोविड-19 की वजह से विद्यालय बंद हैं, ऑन लाइन पढ़ाई कराई जा रही है। फिर भी सभी स्कूल विभिन्न सुविधाओं के हिसाब से फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। इसकी शिकायत हेल्पेज फाउंडेशन सोसाइटी के लोगों ने डीएम से की है।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा कि प्राइवेट स्कूलों में लाइब्रेरी, प्रैक्टिकल, मेंटीनेंस, कंप्यूटर, डेवलेपमेंट, स्पोर्ट्स, ट्रांसपोर्टेशन, परीक्षा शुल्क हर साल जमा कराया जाता है। इस साल कोविड-19 की वजह से विद्यालय बंद होने से यह कोई सुविधाएं बच्चों को नहीं मिल रही हैं। इसके बावजूद इन सभी को जोड़कर मासिक व त्रैमासिक शुल्क जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कोरोना के कारण लॉकडाउन के दौर से गुजरने से मध्यम व निम्न वर्ग के अभिभावकों के सामने आर्थिक संकट है। इससे विद्यालय की फीस देना मुश्किल हो रहा है। संगठन ने बिगड़ी आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए मध्यम व निम्न वर्ग के अभिभावकों के हित में निर्णय लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान अविनाश सारस्वत, अतुल मिश्रा, कौशिक शुक्ला, शप्पू खां, मनोज शाक्य, मनीष अग्रवाल, अवनीश मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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उधर, अखिल भारत हिंदू महासभा ने निजी स्कूलों में जबरन वसूली जा रही फीस पर अंकुश लगाने एवं द्वितीय राजभाषा की दुर्दशा पर चिंता जताई। महासभा के जिलाध्यक्ष विमलेश मिश्रा की अगुवाई में पदाधिकारी भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचे। उन्हें ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि छोटे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं दी जा सकती। बावजूद इसके निजी स्कूल फीस वसूली का दबाव बना रहे हैं। संचालक सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं। उन्होंने इस अन्याय को रोकने की मांग की। इसके अलावा द्वितीय राजभाषा संस्कृत की दुर्दशा रोकने की मांग की।
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