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फर्रुखाबाद : जिले को मिली विश्वविद्यालय की सौगात, 250 बीघा में बनेगा परिसर
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फर्रुखाबाद/कमालगंज। लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में जिले को निजी विश्वविद्यालय की सौगात मिली है। इसकी जानकारी होते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब जिले के छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा भी यहीं मिल सकेगी। अनुसंधान कार्यों के साथ ही उच्च शिक्षा से जुड़े नए कोर्स की पढ़ाई का लाभ मिलेगा।
कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में जिन तीन निजी विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। उनमें जिले के श्री बाबू सिंह दद्दू जी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय भी शामिल है। कमालगांज के भोजपुर बघार में 250 बीघा (50 एकड़) भूमि पर विश्वविद्यालय परिसर बनेगा। इस समय बाउंड्रीवाल का निर्माण चल रहा है।
रोजगारपरक कोर्स पर जोर देंगे
- श्री बाबूसिंह दद्दू जी एजुकेशनल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. अनार सिंह का कहना है कि मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय में पीएम व सीएम की मंशानुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, पत्रकारिता, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी सहित अन्य नए पाठ्यक्रम वरीयता के साथ विश्वविद्यालय में शुरू कराने की तैयारी है। यह उपलब्धि पूरे जिले की है।
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1969 में माध्यमिक स्कूल के साथ पड़ी थी नींव
- डॉ. अनार सिंह यादव के पिता बाबूसिंह यादव ने 1969 में नवाबगंज ब्लाक के बबना में एक माध्यमिक विद्यालय की नींव डाली थी। 1978 में वह झांसी से इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद की नौकरी छोड़कर जिले में शिक्षा के प्रसार में लग गए। बबना इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त होने के बाद माध्यमिक से डिग्री कॉलेज, मेडिकल कालेज, लॉ कालेज सहित कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। वह जिले की प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष रहे। अब निजी विश्वविद्यालय की जिले को सौगात दिलाई। डॉ. अनार सिंह व डॉ. अनीता यादव ने बाबूसिंह को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
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कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में जिन तीन निजी विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। उनमें जिले के श्री बाबू सिंह दद्दू जी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय भी शामिल है। कमालगांज के भोजपुर बघार में 250 बीघा (50 एकड़) भूमि पर विश्वविद्यालय परिसर बनेगा। इस समय बाउंड्रीवाल का निर्माण चल रहा है।
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रोजगारपरक कोर्स पर जोर देंगे
- श्री बाबूसिंह दद्दू जी एजुकेशनल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. अनार सिंह का कहना है कि मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय में पीएम व सीएम की मंशानुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, पत्रकारिता, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी सहित अन्य नए पाठ्यक्रम वरीयता के साथ विश्वविद्यालय में शुरू कराने की तैयारी है। यह उपलब्धि पूरे जिले की है।
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1969 में माध्यमिक स्कूल के साथ पड़ी थी नींव
- डॉ. अनार सिंह यादव के पिता बाबूसिंह यादव ने 1969 में नवाबगंज ब्लाक के बबना में एक माध्यमिक विद्यालय की नींव डाली थी। 1978 में वह झांसी से इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद की नौकरी छोड़कर जिले में शिक्षा के प्रसार में लग गए। बबना इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त होने के बाद माध्यमिक से डिग्री कॉलेज, मेडिकल कालेज, लॉ कालेज सहित कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। वह जिले की प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष रहे। अब निजी विश्वविद्यालय की जिले को सौगात दिलाई। डॉ. अनार सिंह व डॉ. अनीता यादव ने बाबूसिंह को मिठाई खिलाकर बधाई दी।