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घाटे का सौदा बनी लहसुन की खेती, किसान परेशान
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कायमगंज मंडी में लहसुन लोड करते पल्लेदार। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। अच्छे मुनाफे की आस में महंगा बीज खरीदकर लहसुन की फसल करने वाले किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। मध्यप्रदेश व राजस्थान में बंपर पैदावार होने से लहसुन के भाव गिर गए हैं। किसानों को लागत निकालने के भी लाले पड़ रहे हैं।
पिछले वर्ष लहसुन के भाव छह हजार रुपये क्विंटल तक पहुंच जाने से इस बार किसानों ने लहसुन की अच्छी पैदावार की। उम्मीद थी कि पिछले साल की तरह इस बार अच्छी कीमतें मिलने से ज्यादा मुनाफा होगा, लेकिन मध्यप्रदेश और राजस्थान में बंपर पैदावार होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। मंडी में लहसुन की आवक बढ़ने से दाम दो हजार प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। हालत यह है कि किसानों को लागत निकालना मुश्किल हो रहा है।
गांव रायपुर निवासी किसान इसरार ने बताया कि उन्होंने छह बीघे में लहसुन की फसल की थी। इसमें बीज, खाद, पानी सब मिलाकर एक बीघे में 13,500 रुपये की लागत आई। एक बीघे में पांच क्विंटल लहसुन पैदा हुआ। मंडी में 1300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेच दिया। इस तरह सात हजार रुपये प्रति बीघा घाटा हुआ है।
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गांव अहमदगंज निवासी किसान विपिन अवस्थी ने बताया तीन बीघे में लहसुन की फसल की थी। पिछली बार भाव अच्छे मिले थे। इसी चक्कर में इस बार घाटा झेलना पड़ा। आढ़ती संजय गुप्ता ने बताया कि हाल फिलहाल भाव में सुधार की उम्मीद नहीं दिख रही है। मध्यप्रदेश व राजस्थान में बंपर पैदावार होने से लहसुन की निकासी कम है। इसलिए दामों में गिरावट आई है।
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पिछले वर्ष लहसुन के भाव छह हजार रुपये क्विंटल तक पहुंच जाने से इस बार किसानों ने लहसुन की अच्छी पैदावार की। उम्मीद थी कि पिछले साल की तरह इस बार अच्छी कीमतें मिलने से ज्यादा मुनाफा होगा, लेकिन मध्यप्रदेश और राजस्थान में बंपर पैदावार होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। मंडी में लहसुन की आवक बढ़ने से दाम दो हजार प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। हालत यह है कि किसानों को लागत निकालना मुश्किल हो रहा है।
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गांव रायपुर निवासी किसान इसरार ने बताया कि उन्होंने छह बीघे में लहसुन की फसल की थी। इसमें बीज, खाद, पानी सब मिलाकर एक बीघे में 13,500 रुपये की लागत आई। एक बीघे में पांच क्विंटल लहसुन पैदा हुआ। मंडी में 1300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेच दिया। इस तरह सात हजार रुपये प्रति बीघा घाटा हुआ है।
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गांव अहमदगंज निवासी किसान विपिन अवस्थी ने बताया तीन बीघे में लहसुन की फसल की थी। पिछली बार भाव अच्छे मिले थे। इसी चक्कर में इस बार घाटा झेलना पड़ा। आढ़ती संजय गुप्ता ने बताया कि हाल फिलहाल भाव में सुधार की उम्मीद नहीं दिख रही है। मध्यप्रदेश व राजस्थान में बंपर पैदावार होने से लहसुन की निकासी कम है। इसलिए दामों में गिरावट आई है।