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गर्मी का सितम: झुलसा रही हवा, तपा रही धूप
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शहर के लालगेट पर तेज धूप में गन्ने का जूस पीते लोग। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद/कायमगंज। अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं। गर्म हवा और तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहिया वाहनों पर सफर करने वालों को खासी दिक्कत हुई। गर्मी बढ़ने से फसलों पर संकट के बादल नजर आने लगे हैं। इससे किसान चिंतित हैं।
मंगलवार को गर्मी के कारण सड़कों पर चहल-पहल कम दिखी। गला तर करने के लिए लोग ठंडा पानी के साथ गन्ने का जूस, नीबू पानी पीते नजर आए। शाम पांच बजे के बाद लोग रोजा इफ्तार की खरीदारी के लिए घरों से निकले। तब बाजार में कुछ रौनक दिखी।
अप्रैल की शुरुआत में मौसम 40 डिग्री के पार तक पहुंच चुका है, इससे अनुमान है कि मई और जून में इस दफा तापमान 45 डिग्री का आंकड़ा छू सकता है। जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। अप्रैल में आमतौर पर इतनी गर्मी नहीं होती थी।
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गर्मी बढ़ने से किसानों के चेहरे मुरझाने लगे। खेतों में खड़ी मक्का, मूंग, उरद और सब्जियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि बढ़ते तापमान से फसल प्रभावित होने का खतरा है। पछुवा हवा चलने से खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है, इससे पिछेती गेहूं की फसल जल्दी पक जाएगी। इससे उत्पादन में कमी आएगी। इसीलिए किसान चिंतित हैं।
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मंगलवार को गर्मी के कारण सड़कों पर चहल-पहल कम दिखी। गला तर करने के लिए लोग ठंडा पानी के साथ गन्ने का जूस, नीबू पानी पीते नजर आए। शाम पांच बजे के बाद लोग रोजा इफ्तार की खरीदारी के लिए घरों से निकले। तब बाजार में कुछ रौनक दिखी।
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अप्रैल की शुरुआत में मौसम 40 डिग्री के पार तक पहुंच चुका है, इससे अनुमान है कि मई और जून में इस दफा तापमान 45 डिग्री का आंकड़ा छू सकता है। जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। अप्रैल में आमतौर पर इतनी गर्मी नहीं होती थी।
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गर्मी बढ़ने से किसानों के चेहरे मुरझाने लगे। खेतों में खड़ी मक्का, मूंग, उरद और सब्जियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि बढ़ते तापमान से फसल प्रभावित होने का खतरा है। पछुवा हवा चलने से खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है, इससे पिछेती गेहूं की फसल जल्दी पक जाएगी। इससे उत्पादन में कमी आएगी। इसीलिए किसान चिंतित हैं।