{"_id":"614f69f48ebc3e097d7e1b2b","slug":"farrukhabad-news-farrukhabad-news-knp6544627140","type":"story","status":"publish","title_hn":"मूसलाधार बारिश से शहर जलमग्न, लगा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मूसलाधार बारिश से शहर जलमग्न, लगा जाम
विज्ञापन
शहर के लाल सराय पर लगा जाम। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शनिवार दोपहर को हुई मूसलाधार बारिश से शहर जलमग्न हो गया। नाले-नालियां चोक होने से सड़कों पर दो-दो फीट पानी की धार बहने लगी। पानी में घुसी कारें, बाइकें बंद हो गईं। शहर के अलावा फतेहगढ़ के भी कई घरों में जलभराव हो गया। पुलपुख्ता में पानी के प्रेशर से हुए गहरे गड्ढे के पास मकान के अंदर पानी घुस गया। इससे परिजनों ने मंदिर में शरण ली है।
दोपहर बाद मूसलाधार बारिश शहरियों के लिए आफत बन गई। तलैया फजल इमाम, मदारबाड़ी में ढाई-ढाई फीट पानी भर गया। लाल सराय, लिंजीगंज, खटकपुरा इज्जतखां, ढुइयां, भीकमपुरा, बीबीगंज समेत तमाम मोहल्लों की गलियों में दो घंटे तक पानी भरा रहा। फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्यमार्ग पर भोलेपुर, नेकपुर, कर्नलगंज चौकी, चौराहा पर भी पानी भरा रहा। पानी भरने से कई कारें, बाइकें बंद होने से जाम लग गया। फतेहगढ़ के भूसामंडी और हाथीखाना का मुख्य नाला चोक होने से करीब 25 घरों में पानी घुसने से लोग परेशान हो गए।
पक्के पुल से नाला मछरट्टा मार्ग पर पुलपुख्ता में बीच सड़क पर दो दिन पहले बारिश से 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। शुक्रवार को जेसीबी से उसकी मरम्मत कराने के लिए सफाई की गई, तो गहराई और ज्यादा हो गई। देर रात पास में ही स्थित रचना मिश्रा के मकान का बाहरी चबूतरा गड्ढे में धंस गया। इससे बाहरी नींव लटक गई। दोपहर में हुई बारिश से नाले का तेज बहाव से आया पानी घर में घुस गया।
विज्ञापन
रचना तीन मासूम बच्चों के साथ बमुश्किल घर से निकलीं और पास में ही मंदिर पर शरण ली। सूचना पर हरदोई निवासी उनके भाई सर्वेश पहुंच गए। देर शाम तक घर से पानी नहीं निकल सका था। रचना ने बताया कि वह दहशत में हैं। गड्ढा काफी दूरी तक है। लिहाजा मकान को खतरा है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। नगर पालिका को तुरंत मरम्मत करानी चाहिए।
बारिश में मकान ढहे, मकान मालिक व जानवर दबे
नवाबगंज संवाद के अनुसार तेज बारिश से गांव चंदनी के रघुनाथ राठौर सुबह साढ़े चार बजे अपने कच्चे मकान में बंधी पड़िया खोलने गए थे, तभी मकान की छत गिर गई। इससे रघुनाथ राठौर व कमरे में बंधी पड़िया और सामान मलबे में दब गया। काफी मशक्कत के बाद उन्हें निकाला गया। रघुनाथ के काफी चोटें आईं। गांव के राजवीर सिंह, मखबूल खां, मुफीद खां व आज्ञाराम की दीवारें गिर गई। इससे सामान दब गया। घटनाओं की सूचनाएं क्षेत्रीय लेखपाल व उच्चाधिकारियों को दी गई। गांव के प्राथमिक विद्यालय में बारिश का पानी भर गया। सुबह प्रधानाध्यापिका व शिक्षक पहुंचे तो पानी निकालने की व्यवस्था की गई।
विज्ञापन
दोपहर बाद मूसलाधार बारिश शहरियों के लिए आफत बन गई। तलैया फजल इमाम, मदारबाड़ी में ढाई-ढाई फीट पानी भर गया। लाल सराय, लिंजीगंज, खटकपुरा इज्जतखां, ढुइयां, भीकमपुरा, बीबीगंज समेत तमाम मोहल्लों की गलियों में दो घंटे तक पानी भरा रहा। फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्यमार्ग पर भोलेपुर, नेकपुर, कर्नलगंज चौकी, चौराहा पर भी पानी भरा रहा। पानी भरने से कई कारें, बाइकें बंद होने से जाम लग गया। फतेहगढ़ के भूसामंडी और हाथीखाना का मुख्य नाला चोक होने से करीब 25 घरों में पानी घुसने से लोग परेशान हो गए।
विज्ञापन
पक्के पुल से नाला मछरट्टा मार्ग पर पुलपुख्ता में बीच सड़क पर दो दिन पहले बारिश से 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। शुक्रवार को जेसीबी से उसकी मरम्मत कराने के लिए सफाई की गई, तो गहराई और ज्यादा हो गई। देर रात पास में ही स्थित रचना मिश्रा के मकान का बाहरी चबूतरा गड्ढे में धंस गया। इससे बाहरी नींव लटक गई। दोपहर में हुई बारिश से नाले का तेज बहाव से आया पानी घर में घुस गया।
विज्ञापन
रचना तीन मासूम बच्चों के साथ बमुश्किल घर से निकलीं और पास में ही मंदिर पर शरण ली। सूचना पर हरदोई निवासी उनके भाई सर्वेश पहुंच गए। देर शाम तक घर से पानी नहीं निकल सका था। रचना ने बताया कि वह दहशत में हैं। गड्ढा काफी दूरी तक है। लिहाजा मकान को खतरा है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। नगर पालिका को तुरंत मरम्मत करानी चाहिए।
बारिश में मकान ढहे, मकान मालिक व जानवर दबे
नवाबगंज संवाद के अनुसार तेज बारिश से गांव चंदनी के रघुनाथ राठौर सुबह साढ़े चार बजे अपने कच्चे मकान में बंधी पड़िया खोलने गए थे, तभी मकान की छत गिर गई। इससे रघुनाथ राठौर व कमरे में बंधी पड़िया और सामान मलबे में दब गया। काफी मशक्कत के बाद उन्हें निकाला गया। रघुनाथ के काफी चोटें आईं। गांव के राजवीर सिंह, मखबूल खां, मुफीद खां व आज्ञाराम की दीवारें गिर गई। इससे सामान दब गया। घटनाओं की सूचनाएं क्षेत्रीय लेखपाल व उच्चाधिकारियों को दी गई। गांव के प्राथमिक विद्यालय में बारिश का पानी भर गया। सुबह प्रधानाध्यापिका व शिक्षक पहुंचे तो पानी निकालने की व्यवस्था की गई।