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बाढ़ से गांवों में हालात बदतर, आवागमन बंद
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अमृतपुर के वरूआ गांव को जाने वाली रोड पर बाढ़ के भरे पानी से बाइक निकालता ग्रामीण। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। गंगा नदी के जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर दूर है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर पानी का बहाव तेज होने से छोटे वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। अमृतपुर और शमसाबाद क्षेत्र के कई गांवों में घरों तक पानी भर गया है। हैंडपंप और शौचालय तक डूब गए हैं, लोग छतों पर डेरा डाले हैं। लोगों के सामने पीने के पानी और जानवरों के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। बाढ़ पीड़ितों की सुध अभी तक प्रशासन ने नहीं ली है।
पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है और जलस्तर 137.00 मीटर पर चल रहा है। नरौरा बैराज से शुक्रवार को 68 हजार 4 सौ 12 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। राजेपुर के पास बदायूं मार्ग पर बाढ़ का पानी दो तक बह रहा है। बहाव तेज होने पर गुरुवार देर रात छोटे और हल्के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। जरूरतमंद लोग निबिया चौराहे होकर मुख्यालय पहुंच रहे हैं। अमृतपुर और शमसाबाद के कई गांवों में बाढ़ का पानी भरने से लोग छतों पर डेरा डाले हैं। रामगंगा में खो हरेली, रामनगर से 4 हजार 3 सौ 55 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.80 से बढ़कर 134.95 मीटर पर पहुंच गया।
इन गांवों मे भरा पानी
अमृतपुर संवाद के अनुसार गांव हरसिंहपुर कायस्थ, सबलपुर, जगतपुर, आशा की मढ़ैया रामपुर, जोगराजपुर,करनपुर घाट, सुंदरपुर, तीसराम की मढ़ैया, अम्बरपुर, अम्बरपुर की मढ़ैया, बमियारी, हमीरपुर सोमवंशी, रामप्रसाद नगला, माखन नगला, कुडरी, फखरपुर, आसमपुर की मढ़ैया, फुलाह आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। लीलापुर से चौरा को जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद है। इन गांवों में नावें चल रही हैं।
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बीमारियों की गिरफ्त में फंस रहे लोग
गांव जोगराजपुर, हरसिंहपुर, सुंदरपुर, तीसराम की मढ़ैया में बीमारी फैलने लगी है। तमाम लोग बुखार, जुखाम, खांसी, उल्टी व दस्त से पीड़ित हैं। दवा लेने के लिए बाढ़ के पानी में घुसकर झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य महकमे ने सुध नहीं ली है।
लेखपाल नहीं दे रहे प्रभावित गांवों की सूची
तहसीलदार दो दिन से प्रभावित गांवों की सूची लेखपालों से मंगाने की बात कह रहे हैं, मगर लगता है लेखपाल पूरी तरह निरंकुश हैं। इसीलिए तहसीलदार को सूची नहीं दे रहे। लापरवाही का खामियाजा गांव के लोग ही भुगत रहे हैं।
कटरी तौफीक के 24 घर जलमग्न
शमसाबाद संवाद के अनुसार गांव कटरी तौफीक के 24 घरों में बाढ़ का पानी भर गया। बच्चे चारपाई और तख्त पर सिमट कर रह गए हैं। गली मोहल्लों में तीन फीट तक पानी भर है। बच्चे पानी के बीच से स्कूल जा रहे हैं। गांव के अमर सिंह, महावीर, विश्वनाथ, मदन पाल, धर्मपाल ने बताया कि प्रशासन ने कोई मददनहीं की। चिलसरा से गांव को आने वाला मार्ग भी डूब गया है। हैंडपंप और शौचालय भी पानी में डूबे हैं।
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पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है और जलस्तर 137.00 मीटर पर चल रहा है। नरौरा बैराज से शुक्रवार को 68 हजार 4 सौ 12 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। राजेपुर के पास बदायूं मार्ग पर बाढ़ का पानी दो तक बह रहा है। बहाव तेज होने पर गुरुवार देर रात छोटे और हल्के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। जरूरतमंद लोग निबिया चौराहे होकर मुख्यालय पहुंच रहे हैं। अमृतपुर और शमसाबाद के कई गांवों में बाढ़ का पानी भरने से लोग छतों पर डेरा डाले हैं। रामगंगा में खो हरेली, रामनगर से 4 हजार 3 सौ 55 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.80 से बढ़कर 134.95 मीटर पर पहुंच गया।
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इन गांवों मे भरा पानी
अमृतपुर संवाद के अनुसार गांव हरसिंहपुर कायस्थ, सबलपुर, जगतपुर, आशा की मढ़ैया रामपुर, जोगराजपुर,करनपुर घाट, सुंदरपुर, तीसराम की मढ़ैया, अम्बरपुर, अम्बरपुर की मढ़ैया, बमियारी, हमीरपुर सोमवंशी, रामप्रसाद नगला, माखन नगला, कुडरी, फखरपुर, आसमपुर की मढ़ैया, फुलाह आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। लीलापुर से चौरा को जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद है। इन गांवों में नावें चल रही हैं।
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बीमारियों की गिरफ्त में फंस रहे लोग
गांव जोगराजपुर, हरसिंहपुर, सुंदरपुर, तीसराम की मढ़ैया में बीमारी फैलने लगी है। तमाम लोग बुखार, जुखाम, खांसी, उल्टी व दस्त से पीड़ित हैं। दवा लेने के लिए बाढ़ के पानी में घुसकर झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य महकमे ने सुध नहीं ली है।
लेखपाल नहीं दे रहे प्रभावित गांवों की सूची
तहसीलदार दो दिन से प्रभावित गांवों की सूची लेखपालों से मंगाने की बात कह रहे हैं, मगर लगता है लेखपाल पूरी तरह निरंकुश हैं। इसीलिए तहसीलदार को सूची नहीं दे रहे। लापरवाही का खामियाजा गांव के लोग ही भुगत रहे हैं।
कटरी तौफीक के 24 घर जलमग्न
शमसाबाद संवाद के अनुसार गांव कटरी तौफीक के 24 घरों में बाढ़ का पानी भर गया। बच्चे चारपाई और तख्त पर सिमट कर रह गए हैं। गली मोहल्लों में तीन फीट तक पानी भर है। बच्चे पानी के बीच से स्कूल जा रहे हैं। गांव के अमर सिंह, महावीर, विश्वनाथ, मदन पाल, धर्मपाल ने बताया कि प्रशासन ने कोई मददनहीं की। चिलसरा से गांव को आने वाला मार्ग भी डूब गया है। हैंडपंप और शौचालय भी पानी में डूबे हैं।