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प्रतीक्षालय में पांच घंटे तड़पती रही गर्भवती
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राजेपुर तिराहे पर बने यात्री प्रतिक्षालय में दर्द से तड़पती गर्भवती। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
राजेपुर। दर्द से कराहती गर्भवती महिला के परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं भी इलाज नहीं मिला। प्रतीक्षालय में वह पांच घंटे तक दर्द से तड़पती रही। मामला एमओआईसी के संज्ञान में आने पर उसे एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया।
अमृतपुर क्षेत्र के गांव पिथनापुर निवासी ब्रजेश की पत्नी दीपा (30) छह माह की गर्भवती है। सोमवार सुबह तबियत खराब होने पर सास कमला देवी अपने देवर के साथ बहू को अमृतपुर पीएचसी ले गई। यहां डॉक्टर न होने की बात कहकर राजेपुर भेज दिया गया। परिजन टेंपो से दोपहर करीब 1 बजे राजेपुर सीएचसी पहुंचे। कमला देवी ने बताया कि यहां एएनएम ने देखने से इनकार कर दिया। फिर वह फार्मासिस्ट के पास गई, तो उन्होंने मंगलवार को आने की बात कह दी। कुछ देर बाद पहुंचे डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने भी गर्भवती को तत्काल रेफर कर दिया।
दीपा दर्द से परेशान थी। एंबुलेंस न मिलने से उसे तिराहा स्थित प्रतीक्षालय में लिटा दिया। वहां शाम छह बजे तक दर्द से कराहती रही। शाम करीब छह बजे जब एमओआईसी डॉ. प्रमित राजपूत से पूछा गया तो 30 मिनट में ही एक एंबुलेंस पहुंच गई। एंबुलेंस से दीपा को लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
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‘गर्भवती के आने की जानकारी हमें नहीं मिली। यदि किसी ने कल आने की बात कह दी तो यह ठीक नहीं है। पीड़िता को जांच करवाते रहना चाहिए था। उसके शरीर में खून की कमी है। लिहाजा रेफर किया गया है।’ - डॉ. प्रमित राजपूत, एमओआईसी, सीएचसी।
‘स्वास्थ्य समिति की बैठक में एमओआईसी शामिल होने आए थे। यदि गर्भवती को इलाज नहीं मिला तो इस संबंध में संबंधित डॉक्टर व कर्मचारियों से पूछताछ करूंगा।’ -सतीश चंद्र, सीएमओ फर्रुखाबाद
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अमृतपुर क्षेत्र के गांव पिथनापुर निवासी ब्रजेश की पत्नी दीपा (30) छह माह की गर्भवती है। सोमवार सुबह तबियत खराब होने पर सास कमला देवी अपने देवर के साथ बहू को अमृतपुर पीएचसी ले गई। यहां डॉक्टर न होने की बात कहकर राजेपुर भेज दिया गया। परिजन टेंपो से दोपहर करीब 1 बजे राजेपुर सीएचसी पहुंचे। कमला देवी ने बताया कि यहां एएनएम ने देखने से इनकार कर दिया। फिर वह फार्मासिस्ट के पास गई, तो उन्होंने मंगलवार को आने की बात कह दी। कुछ देर बाद पहुंचे डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने भी गर्भवती को तत्काल रेफर कर दिया।
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दीपा दर्द से परेशान थी। एंबुलेंस न मिलने से उसे तिराहा स्थित प्रतीक्षालय में लिटा दिया। वहां शाम छह बजे तक दर्द से कराहती रही। शाम करीब छह बजे जब एमओआईसी डॉ. प्रमित राजपूत से पूछा गया तो 30 मिनट में ही एक एंबुलेंस पहुंच गई। एंबुलेंस से दीपा को लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
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‘गर्भवती के आने की जानकारी हमें नहीं मिली। यदि किसी ने कल आने की बात कह दी तो यह ठीक नहीं है। पीड़िता को जांच करवाते रहना चाहिए था। उसके शरीर में खून की कमी है। लिहाजा रेफर किया गया है।’ - डॉ. प्रमित राजपूत, एमओआईसी, सीएचसी।
‘स्वास्थ्य समिति की बैठक में एमओआईसी शामिल होने आए थे। यदि गर्भवती को इलाज नहीं मिला तो इस संबंध में संबंधित डॉक्टर व कर्मचारियों से पूछताछ करूंगा।’ -सतीश चंद्र, सीएमओ फर्रुखाबाद