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कोरोना : देश में हाई अलर्ट, लोहिया अस्पताल में लापरवाही
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लोहिया अस्पताल के वार्ड में लगा तीमारदारों का जमघट।
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। कोरोना को लेकर देश में भले ही हाईअलर्ट हो, पर डा. राममनोहर लोहिया पुरुष व महिला अस्पताल में मनमानी हो रही है। वहां भर्ती दुर्घटना में घायल, प्रसूताओं, ऑपरेशन समेत सभी तरह के मरीजों के वार्डों में दिन-रात मजमा लगा रहता है। हालात ऐसे हैं कि वार्डों में बेडों से ज्यादा लोग जमीन पर चटाई बिछाकर रात तो दूर दिन में भी सोते हैं। रात के वक्त मरीजों के साथ बेड पर लोग सोते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोरोना जैसा गंभीर वायरस यदि अटैक करता है तो स्थिति खराब हो सकती है। अस्पताल प्रशासन इस ओर से लापरवाह बना हुआ है।
लोहिया अस्पताल प्रशासन ने एक महीने पहले ईएनटी वार्ड को आइसोलेेशन वार्ड के दो कागज चिपकाकर ताला लगा रखा है। इस वार्ड में संक्रमण बचाव को कोई व्यवस्था नहीं है। खिड़कियों पर लगी जाली टूटी हुई है। बीते दिनों रखी गईं किटें भी हटा ली गई हैं।
शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एचके बचानी कहते हैं कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरस 80 साल से ऊपर अथवा कमजोर बच्चों पर ज्यादा असर करता है। बोले कि कुछ सावधानियां बरतें। जैसे, किसी को हाथ से न छुएं, हाथ न मिलाएं। स्प्रे या साबुन से 20 तक गिनती गिनने तक हाथ धोएं। गला खराब हो, तो गरम पानी पिएं, ताकि संक्रमण गले, श्वांस नली में न जाए। सांस रोकें यदि 20 सेकेंड तक न रुके तो इन्फेक्शन हो सकता है। आठ दिन के लिए अपने को परिजनों से दूर कर लें। वायरस से लड़ने को शरीर में क्षमता है। कहा कि मास्क का इस्तेमाल करें।
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वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमके मल्होत्रा कहते हैं कि कोराना वायरस भारी है। यह हवा में कम वस्तुओं में ज्यादा रहता है। घर में मेज-कुर्सी, फर्नीचर अथवा किसी से हाथ मिलाने के तुरंत बाद साबुन अथवा सेनेटाइजर से हाथ साफ करें। यह ठंडक को ज्यादा पसंद करता है। हर व्यक्ति को गुनगुना पानी इस्तेमाल करना चाहिए। घर की वस्तुओं की सफाई अवश्य रखें। छींक आए, तो मुंह को ढक लें। रुपये को कम स्पर्श करें। बोले कि लोग नहीं घबरा। पीड़ित लोग चिकित्सक की राय लें और एकांत में आराम करें।
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लोहिया अस्पताल प्रशासन ने एक महीने पहले ईएनटी वार्ड को आइसोलेेशन वार्ड के दो कागज चिपकाकर ताला लगा रखा है। इस वार्ड में संक्रमण बचाव को कोई व्यवस्था नहीं है। खिड़कियों पर लगी जाली टूटी हुई है। बीते दिनों रखी गईं किटें भी हटा ली गई हैं।
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शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एचके बचानी कहते हैं कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरस 80 साल से ऊपर अथवा कमजोर बच्चों पर ज्यादा असर करता है। बोले कि कुछ सावधानियां बरतें। जैसे, किसी को हाथ से न छुएं, हाथ न मिलाएं। स्प्रे या साबुन से 20 तक गिनती गिनने तक हाथ धोएं। गला खराब हो, तो गरम पानी पिएं, ताकि संक्रमण गले, श्वांस नली में न जाए। सांस रोकें यदि 20 सेकेंड तक न रुके तो इन्फेक्शन हो सकता है। आठ दिन के लिए अपने को परिजनों से दूर कर लें। वायरस से लड़ने को शरीर में क्षमता है। कहा कि मास्क का इस्तेमाल करें।
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वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमके मल्होत्रा कहते हैं कि कोराना वायरस भारी है। यह हवा में कम वस्तुओं में ज्यादा रहता है। घर में मेज-कुर्सी, फर्नीचर अथवा किसी से हाथ मिलाने के तुरंत बाद साबुन अथवा सेनेटाइजर से हाथ साफ करें। यह ठंडक को ज्यादा पसंद करता है। हर व्यक्ति को गुनगुना पानी इस्तेमाल करना चाहिए। घर की वस्तुओं की सफाई अवश्य रखें। छींक आए, तो मुंह को ढक लें। रुपये को कम स्पर्श करें। बोले कि लोग नहीं घबरा। पीड़ित लोग चिकित्सक की राय लें और एकांत में आराम करें।