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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Farrukhabad I am today is my 302 th Foundation Day

मैं फर्रुखाबाद हूं, आज मेरा 302वां स्थापना दिवस है

Mon, 26 Dec 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
अमर उजाला/फर्रुखाबाद Updated Mon, 26 Dec 2016 11:21 PM IST
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Farrukhabad I am today is my 302 th Foundation Day
पुरानी ईदगाह। - फोटो : amarujala
मैं फर्रुखाबाद हूं। मेरी स्थापना को तीन सदियां बीत गईं। 27 दिसंबर को एक बार फिर हम अपना 302वां स्थापना दिवस मनाएंगे। इतने लंबे इतिहास के सफर में मेरे रंग व रूप भी बदले। तरक्की भी हुई और तबाही भी।
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विकास ने रफ्तार पकड़ी तो हमारा भूगोल भी बदल गया। पुरानी धरोहरें क्षतिग्रस्त हुईं और निशान भी मिटे लेकिन फर्रुखाबाद मोहब्बत की तहजीब पूरे रसूख के साथ अब भी जिंदा है।
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पवित्र गंगा नदी के किनारे फर्रुखाबाद की स्थापना 27 दिसंबर 1714 ईं. को अफगान नवाब मोहम्मद खां बंगश ने की थी।

तब दिल्ली का सिंहासन बादशाह फर्रुखसियर के हाथों में था और नवाब बंगश ने जहांदार शाह के खिलाफ लड़ाई में फर्रुखसियर को फतह दिलाई थी।


इस पर बादशाह ने बुंदेलखंड और कन्नौज की जागीरें दीं। नवाब बंगश ने अपने नाम से मोहम्मदाबाद बसाया और बेटे के नाम पर कायमगंज बसाया। फर्रुखसियर इस बारे में जानकर नाराज हुआ तो गुस्से से बचने और बादशाह को खुश व उनके नाम को जिंदा रखने के लिए नवाब बंगश ने 27 दिसंबर 1714 को फर्रुखाबाद शहर की बुनियाद रखी।
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सिपहसालारों के नाम पर मोहल्ले बसाए गए। मंदिर व मस्जिदें तामीर होती गईं। सूफीसंतों ने आकर मोहब्बत का पैगाम दिया। हुनरमंदों ने अपने हुनर के रंग बिखेरे।
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