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फर्रुखाबादः बारिश के झटके से बिजली विभाग को लगा करंट
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फर्रुखाबाद। घर-घर करंट दौड़ाने वाले विभाग को इस बार बारिश ने जोर का झटका दिया है। मांग बढ़ने से ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहे बिजली विभाग को मानसून से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन जून में पड़े सूखे ने विभाग की हालत पस्त कर दी।
पानी न गिरने के कारण इस बार जून माह में बिजली की मांग में रिकार्ड बढ़ोत्तरी हुई। पिछले वर्ष जून की तुलना में 2.17 करोड़ यूनिट ज्यादा बिजली की खपत हुई। जुलाई में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर उभर कर सामने आ रही है।
मई और जून में भीषण गर्मी होती है। वर्ष 2021 के मई माह में 7.68 करोड़ और जून माह में 7.87 करोड़ यूनिट बिजली की खपत जिले में हुई थी। इस साल मई में 10.86 करोड़ यूनिट खर्च होने से पिछले साल की अपेक्षा 3.18 करोड़ अधिक यूनिट की खपत हुई है। जून में इस साल 10.04 करोड़ यूनिट की खपत हुई। जो 2021 जून की अपेक्षा 2.17 करोड़ यूनिट अधिक है।
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पिछले साल जून में मौसम के साथ देने से बिजली की मांग कम रही थी। वहीं, हर साल जुलाई में बारिश होने से बिजली की मांग घट जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। बारिश न होने से बिजली की मांग जून की तरह बरकरार है।
भीषण गर्मी पड़ने से घरों और दफ्तरों में एसी व कूलर रात-दिन चल रहे हैं। किसान धान की फसल में पानी लगाने के लिए नलकूप चला रहे हैं। बिजली की मांग जून जैसी होने से जर्जर तार, बंच केबलों के टूटने से बार-बार फाल्ट हो रहे हैं। उपकेंद्र भी ओवरलोड हैं।
सोमवार को फतेहगढ़ विद्युत उपकेंद्र के मिल्कडेयरी फीडर की 11केवी लाइन में शाम चार बजे फाल्ट हो गया। रात 11 बजे फाल्ट ठीक होने से बिजली चालू हो सकी। फतेहगढ़ फीडर रात आठ से 12 बजे तक फाल्टों के कारण बंद रहा। कुटरा विद्युत उपकेंद्र रात नौ बजे से दो बजे तक फाल्ट के कारण बंद रहा। फाल्ट ठीक कर बिजली चालू की गई, तो तीन बजे पेड़ की डाल टूट कर 33 केवी लाइन पर गिर पड़ी।
इससे उपकेंद्र फिर बंद हो गया। पेड़ हटाकर लाइन जोड़ने के बाद मंगलवार सुबह नौ बजे उपकेंद्र चालू कर बिजली दी गई। लकूला, ठंडी सड़क, जसमई विद्युत उपकेंद्र भी बार-बार फाल्टों के कारण बंद होते रहे। चार दिन से साहबगंज विद्युत उपकेंद्र से गांवों को दो घंटे लगातार बिजली नहीं मिली है। इससे फसल में किसान पानी नहीं लगा पा रहे हैं।
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पानी न गिरने के कारण इस बार जून माह में बिजली की मांग में रिकार्ड बढ़ोत्तरी हुई। पिछले वर्ष जून की तुलना में 2.17 करोड़ यूनिट ज्यादा बिजली की खपत हुई। जुलाई में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर उभर कर सामने आ रही है।
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मई और जून में भीषण गर्मी होती है। वर्ष 2021 के मई माह में 7.68 करोड़ और जून माह में 7.87 करोड़ यूनिट बिजली की खपत जिले में हुई थी। इस साल मई में 10.86 करोड़ यूनिट खर्च होने से पिछले साल की अपेक्षा 3.18 करोड़ अधिक यूनिट की खपत हुई है। जून में इस साल 10.04 करोड़ यूनिट की खपत हुई। जो 2021 जून की अपेक्षा 2.17 करोड़ यूनिट अधिक है।
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पिछले साल जून में मौसम के साथ देने से बिजली की मांग कम रही थी। वहीं, हर साल जुलाई में बारिश होने से बिजली की मांग घट जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। बारिश न होने से बिजली की मांग जून की तरह बरकरार है।
भीषण गर्मी पड़ने से घरों और दफ्तरों में एसी व कूलर रात-दिन चल रहे हैं। किसान धान की फसल में पानी लगाने के लिए नलकूप चला रहे हैं। बिजली की मांग जून जैसी होने से जर्जर तार, बंच केबलों के टूटने से बार-बार फाल्ट हो रहे हैं। उपकेंद्र भी ओवरलोड हैं।
सोमवार को फतेहगढ़ विद्युत उपकेंद्र के मिल्कडेयरी फीडर की 11केवी लाइन में शाम चार बजे फाल्ट हो गया। रात 11 बजे फाल्ट ठीक होने से बिजली चालू हो सकी। फतेहगढ़ फीडर रात आठ से 12 बजे तक फाल्टों के कारण बंद रहा। कुटरा विद्युत उपकेंद्र रात नौ बजे से दो बजे तक फाल्ट के कारण बंद रहा। फाल्ट ठीक कर बिजली चालू की गई, तो तीन बजे पेड़ की डाल टूट कर 33 केवी लाइन पर गिर पड़ी।
इससे उपकेंद्र फिर बंद हो गया। पेड़ हटाकर लाइन जोड़ने के बाद मंगलवार सुबह नौ बजे उपकेंद्र चालू कर बिजली दी गई। लकूला, ठंडी सड़क, जसमई विद्युत उपकेंद्र भी बार-बार फाल्टों के कारण बंद होते रहे। चार दिन से साहबगंज विद्युत उपकेंद्र से गांवों को दो घंटे लगातार बिजली नहीं मिली है। इससे फसल में किसान पानी नहीं लगा पा रहे हैं।