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फर्रुखाबाद: कोरोना निगेटिव रिपोर्ट पॉजिटिव दिखाई, पूर्व सीएमएस समेत छह के खिलाफ कोर्ट से रिपोर्ट के आदेश
Mon, 08 Feb 2021 10:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 08 Feb 2021 10:02 PM IST
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कोरोना जांच रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव को पॉजिटिव प्रकाशित कराने व घर में घुसकर मारपीट के मामले में लोहिया अस्पताल के पूर्व सीएमएस समेत छह स्वास्थ्यकमियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने का आदेश शहर कोतवाल को दिया है।
मोहल्ला सिकत्तरबाग निवासी सतीश ग्रोवर ने लोहिया अस्पताल के तत्कालीन सीएमएस डॉ. एसपी सिंह, स्वास्थ्य कर्मी नौशाद हुसैन, मनोज कुमार, विजय शंकर तिवारी, शफीक व एक अज्ञात के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि 18 जून 2020 को लोहिया अस्पताल में भाई ब्रजभूषण की कोरोना जांच के लिए नमूना दिया था।
21 जून को भाई के मोबाइल पर कोरोना निगेटिव का मैसेज आया लेकिन सीएमएस ने भाई के संक्रमित होने की खबर एक समाचार पत्र में प्रकाशित करा दी। सीएमएस उसे गुमराह कर अन्य लोगों की मदद सेे रुपये की मांग करते रहे। भाई ने रुपये देने से मना किया तो 23 जून को दोपहर ढाई बजे सिविल अस्पताल की रैपिड रिस्पांस टीम के नौशाद हुसैन, मनोज कुमार, विजय शंकर तिवारी, शफीक व एक अज्ञात घर आए।
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भतीजी स्वाती ने दरवाजा खोला तो सभी लोग अंदर घुस आए। विरोध करने पर महिलाओं व लड़कियों के साथ मारपीट की। स्वाती को गंभीर चोट आई। कुछ ही देर बाद पुलिस भी आ गई। उन्होंने भी परिवार वालों को गालीगलौज कर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित के अधिवक्ता राजेश कुमार अवस्थी ने दलीलें पेश कीं। सीजेएम ने शहर कोतवाल को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।
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मोहल्ला सिकत्तरबाग निवासी सतीश ग्रोवर ने लोहिया अस्पताल के तत्कालीन सीएमएस डॉ. एसपी सिंह, स्वास्थ्य कर्मी नौशाद हुसैन, मनोज कुमार, विजय शंकर तिवारी, शफीक व एक अज्ञात के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि 18 जून 2020 को लोहिया अस्पताल में भाई ब्रजभूषण की कोरोना जांच के लिए नमूना दिया था।
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21 जून को भाई के मोबाइल पर कोरोना निगेटिव का मैसेज आया लेकिन सीएमएस ने भाई के संक्रमित होने की खबर एक समाचार पत्र में प्रकाशित करा दी। सीएमएस उसे गुमराह कर अन्य लोगों की मदद सेे रुपये की मांग करते रहे। भाई ने रुपये देने से मना किया तो 23 जून को दोपहर ढाई बजे सिविल अस्पताल की रैपिड रिस्पांस टीम के नौशाद हुसैन, मनोज कुमार, विजय शंकर तिवारी, शफीक व एक अज्ञात घर आए।
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भतीजी स्वाती ने दरवाजा खोला तो सभी लोग अंदर घुस आए। विरोध करने पर महिलाओं व लड़कियों के साथ मारपीट की। स्वाती को गंभीर चोट आई। कुछ ही देर बाद पुलिस भी आ गई। उन्होंने भी परिवार वालों को गालीगलौज कर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित के अधिवक्ता राजेश कुमार अवस्थी ने दलीलें पेश कीं। सीजेएम ने शहर कोतवाल को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।