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Farrukhabad News: चित्रकूट डिप में ढाई फीट पानी बहने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग ठप

Sun, 23 Aug 2026 01:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:05 AM IST
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Farrukhabad-Budaun road blocked due to 2.5 feet of water flowing over the Chitrakoot dip.
फोटो-18 आवागमन रोकने के लिए फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप लगाई गई बैरिकेडिंग। स्रोत: - फोटो : katra news
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज पांच सेंटीमीटर दूर 137.05 मीटर पर है। राजेपुर क्षेत्र की चित्रकूट डिप पर ढाई फीट से अधिक पानी बहने लगा है। इससे फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। वाहनों को दूसरे मार्ग से निकाला जा रहा है। गांवों में भी बाढ़ का पानी बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ से जनपद के 60 से अधिक गांव प्रभावित हैं। 111 गांवों की बिजली काटी जा चुकी है। 56 परिषदीय विद्यालय बंद हैं।
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शुक्रवार को नरौरा बांध से गंगा में 1,34,584 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर पानी तेजी से बह रहा है। कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने डिप के दोनों ओर बल्ली लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है। बदायूं की ओर से आने वाले वाहन डबरी से होकर इटावा-बरेली हाईवे पर पहुंचेंगे। चित्रकूट डिप के पास वाहन न पहुंचें, इसके लिए जमापुर के पास ही वाहनों को रोककर इटावा-बरेली मार्ग से डबरी से राजेपुर होते हुए बदायूं की ओर निकाले रहे हैं। इसके अलावा छोटे वाहन गांव गांधी से कुइयां होकर राजेपुर के पास से बदायूं मार्ग पर पहुंच रहे हैं। उधर, रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
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मार्गों पर पानी बढ़ने से ग्रामीणों की बढ़ी दुश्वारियां
गंगा में आई बाढ़ का पानी गांवों और संपर्क मार्गों पर भरा होने से ग्रामीणों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। कई गांवों में लंबे समय से जलभराव होने से लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बाइक सवार भी पानी भरे रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं। घरों के आसपास पानी जमा होने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। जलभराव से ग्रामीणों के पैरों में गलन और त्वचा संबंधी समस्याएं भी होने लगी हैं।
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खेतों में पानी भरा होने से फसलों के नुकसान की चिंता भी किसानों को सता रही है। बाढ़ के पानी से प्रभावित करीब 15 से अधिक गांवों के रास्ते बंद हो गए हैं। ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र सहारा नाव रह गई है। जरूरी घरेलू सामान से लेकर बच्चों और बुजुर्गों को लाने-ले जाने तक के लिए ग्रामीण नाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना अब मुश्किल हो रहा है। पानी से घिरे गांवों में ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर भरा हुआ है। लोग चारपाई और तख्त को ऊंचाई पर रखकर या छत पर पॉलिथीन डालकर कर रहने को मजबूर हैं।

वर्जन
गंगा का जलस्तर जिस तरह बढ़ रहा है, उससे वह जल्द खतरे के निशान पर पहुंच जाएगा। खो-हरेली रामनगर बैराज से 6,808 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे रामगंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। अभी रामगंगा का जलस्तर 1335.45 मीटर से बढ़कर 135.85 मीटर पर पहुंच गया है। -दुर्ण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग

फोटो-18 आवागमन रोकने के लिए फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप लगाई गई बैरिकेडिंग। स्रोत:

फोटो-18 आवागमन रोकने के लिए फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप लगाई गई बैरिकेडिंग। स्रोत: - फोटो : katra news

फोटो-18 आवागमन रोकने के लिए फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप लगाई गई बैरिकेडिंग। स्रोत:

फोटो-18 आवागमन रोकने के लिए फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप लगाई गई बैरिकेडिंग। स्रोत: - फोटो : katra news

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