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गेहूं की सरकारी खरीद के लिए केंद्रों से गांव हुए संबद्ध
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सातनपुर मंडी स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : FARRUKHABAD
पास के केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे किसान
फर्रुखाबाद। गेहूं की सरकारी खरीद के लिए इस बार नजदीकी गांवों को क्रय केंद्रों से संबद्ध कर दिया गया है। इससे किसानों को अब तक दूरदराज क्रय केंद्रों के न तो चक्कर लगाने होंगे और न ही कोई झंझट होगा शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर क्षेत्रीय लेखपाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 36 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नौ क्रय केंद्र हाट शाखा के, 26 पीसीएफ के जबकि एक क्रय केंद्र एफसीआई का है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये क्विंटल निर्धारित है। धान खरीद के दौरान शिकायतों की भरमार रही थी। किसी केंद्र पर किसानों से धान खरीदा नहीं गया, तो कहीं नमी का पेच बताकर लौटा दिया गया।
कई केंद्रों पर प्रभारियों द्वारा रुपये मांगे जाने की भी शिकायतें मिलीं। इसे देखते हुए अब गेहूं खरीद में किसानों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों से आसपास के गांव संबद्ध कर दिए गए हैं। इससे केंद्र प्रभारी उन गांवों के किसानों का ही गेहूं प्राथमिकता से खरीदेंगे।
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पंजीकृत किसानों को अब अपना गेहूं बेचने के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होगी और उन्हें दूरदराज क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर भटकना भी नहीं पड़ेगा। सभी क्रय केंद्रों पर लेखपाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये गेहूं खरीद पर निगरानी के साथ किसानों की समस्याएं भी दर्ज कर उनका निस्तारण कराएंगे।
कहां कितने खोले गए क्रय केंद्र
सदर तहसील क्षेत्र में 13 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें हाट शाखा के चार क्रय केंद्रों में से दो सातनपुर मंडी में, एक कमालगंज व एक मोहम्मदाबाद में खोला गया। वहीं भारतीय खाद्य निगम का क्रय केंद्र भी सातनपुर मंडी में खोला गया है। इसके अलावा पीसीएफ के आठ क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति मसेनी, महलई, हरकमपुर, मेरापुर, नीबकरोरी, बिहार, खिमसेपुर व पीसीएफ पकरिया एट निसाई में खोले गए हैं।
तहसील कायमगंज में 8 क्रय केंद्र खोले गए। हाटशाखा के मंडी कायमगंज, शमसाबाद व नवाबगंज में, जबकि पीसीएफ के साधन सहकारी समिति कायमगंज उत्तरी एट अताईपुर, रुदायन, चिलसरा, कनासी एट नवाबगंज व कृषक सेवा केंद्र में गेहूं खरीदा जाएगा।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक 15 क्रय केंद्र खोले गए। इसमें हाटशाखा के राजेपुर एट हमीरपुर सोमवंशी व अलीगढ़ में, पीसीएफ के कृषक सेवा केंद्र अमृतपुर, डीसीएफ भरखा, आलू संघ राजेपुर, साधन सहकारी समिति सलेमपुर जसूपुर एट आंतर, कुबेरपुर कुतलूपुर, पिथनापुर, गांधी, अमृतपुर, बरुआ, खंडौली, हरसिंहपुर गहलवार, महमदगंज परमनगर व बदनपुर शामिल हैं।
बिना बजट के कोरोना से बचाव के करने हैं इंतजाम
कोरोना महामारी के चलते क्रय केंद्रों पर बचाव के इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। सभी क्रय केंद्रों पर सैनिटाइजर, हैंडवाश, पानी, थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा किसानों के लिए कुर्सी, तखत आदि डालने के निर्देश हैं।
फिलहाल इन व्यवस्थाओं के लिए कोई बजट न दिए जाने से केंद्र प्रभारी परेशान हैं। संसाधन जुटाने के लिए कहा गया है, लेकिन खर्च कौन देगा यह कोई जिम्मेदार नहीं बता रहा है। पीसीएफ की जिला प्रबंधक अंजना नायक ने बताया कि क्रय केंद्र पर कोरोना से बचाव के इंतजाम केंद्र प्रभारियों की जिम्मेदारी है। इसका अलग से कोई बजट नहीं मिला है।
छह दिन में क्रय केंद्रों पर बोहनी तक नहीं
क्रय केंद्र एक अप्रैल से खोल दिए गए हैं लेकिन अभी किसी क्रय केंद्र पर गेहूं की बोहनी तक नहीं हुई है। सातनपुर मंडी में विपणन शाखा क्रय केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि दो-चार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए संपर्क किया है, लेकिन अभी लेकर कोई नहीं आया।
ऑनलाइन जारी होगा क्रय केंद्र का टोकन
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण वाली साइट पर किसान अपना टोकन खुद जारी कर सकते हैं। इसमें उनके क्षेत्र के नजदीकी क्रय केंद्र का नाम भी लिखा होगा। वहां गेहूं ले जाकर तौल करा सकते हैं। बताया कि मंडी में स्थित क्रय केंद्रों का संबद्धीकरण नहीं किया गया है। मंडी में स्थित किसी भी क्रय केंद्र पर किसान अपना गेहूं बेच सकते हैं। फिलहाल अभी तक किसी भी क्रय केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है।
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फर्रुखाबाद। गेहूं की सरकारी खरीद के लिए इस बार नजदीकी गांवों को क्रय केंद्रों से संबद्ध कर दिया गया है। इससे किसानों को अब तक दूरदराज क्रय केंद्रों के न तो चक्कर लगाने होंगे और न ही कोई झंझट होगा शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर क्षेत्रीय लेखपाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 36 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नौ क्रय केंद्र हाट शाखा के, 26 पीसीएफ के जबकि एक क्रय केंद्र एफसीआई का है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये क्विंटल निर्धारित है। धान खरीद के दौरान शिकायतों की भरमार रही थी। किसी केंद्र पर किसानों से धान खरीदा नहीं गया, तो कहीं नमी का पेच बताकर लौटा दिया गया।
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कई केंद्रों पर प्रभारियों द्वारा रुपये मांगे जाने की भी शिकायतें मिलीं। इसे देखते हुए अब गेहूं खरीद में किसानों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों से आसपास के गांव संबद्ध कर दिए गए हैं। इससे केंद्र प्रभारी उन गांवों के किसानों का ही गेहूं प्राथमिकता से खरीदेंगे।
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पंजीकृत किसानों को अब अपना गेहूं बेचने के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होगी और उन्हें दूरदराज क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर भटकना भी नहीं पड़ेगा। सभी क्रय केंद्रों पर लेखपाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये गेहूं खरीद पर निगरानी के साथ किसानों की समस्याएं भी दर्ज कर उनका निस्तारण कराएंगे।
कहां कितने खोले गए क्रय केंद्र
सदर तहसील क्षेत्र में 13 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें हाट शाखा के चार क्रय केंद्रों में से दो सातनपुर मंडी में, एक कमालगंज व एक मोहम्मदाबाद में खोला गया। वहीं भारतीय खाद्य निगम का क्रय केंद्र भी सातनपुर मंडी में खोला गया है। इसके अलावा पीसीएफ के आठ क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति मसेनी, महलई, हरकमपुर, मेरापुर, नीबकरोरी, बिहार, खिमसेपुर व पीसीएफ पकरिया एट निसाई में खोले गए हैं।
तहसील कायमगंज में 8 क्रय केंद्र खोले गए। हाटशाखा के मंडी कायमगंज, शमसाबाद व नवाबगंज में, जबकि पीसीएफ के साधन सहकारी समिति कायमगंज उत्तरी एट अताईपुर, रुदायन, चिलसरा, कनासी एट नवाबगंज व कृषक सेवा केंद्र में गेहूं खरीदा जाएगा।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक 15 क्रय केंद्र खोले गए। इसमें हाटशाखा के राजेपुर एट हमीरपुर सोमवंशी व अलीगढ़ में, पीसीएफ के कृषक सेवा केंद्र अमृतपुर, डीसीएफ भरखा, आलू संघ राजेपुर, साधन सहकारी समिति सलेमपुर जसूपुर एट आंतर, कुबेरपुर कुतलूपुर, पिथनापुर, गांधी, अमृतपुर, बरुआ, खंडौली, हरसिंहपुर गहलवार, महमदगंज परमनगर व बदनपुर शामिल हैं।
बिना बजट के कोरोना से बचाव के करने हैं इंतजाम
कोरोना महामारी के चलते क्रय केंद्रों पर बचाव के इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। सभी क्रय केंद्रों पर सैनिटाइजर, हैंडवाश, पानी, थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा किसानों के लिए कुर्सी, तखत आदि डालने के निर्देश हैं।
फिलहाल इन व्यवस्थाओं के लिए कोई बजट न दिए जाने से केंद्र प्रभारी परेशान हैं। संसाधन जुटाने के लिए कहा गया है, लेकिन खर्च कौन देगा यह कोई जिम्मेदार नहीं बता रहा है। पीसीएफ की जिला प्रबंधक अंजना नायक ने बताया कि क्रय केंद्र पर कोरोना से बचाव के इंतजाम केंद्र प्रभारियों की जिम्मेदारी है। इसका अलग से कोई बजट नहीं मिला है।
छह दिन में क्रय केंद्रों पर बोहनी तक नहीं
क्रय केंद्र एक अप्रैल से खोल दिए गए हैं लेकिन अभी किसी क्रय केंद्र पर गेहूं की बोहनी तक नहीं हुई है। सातनपुर मंडी में विपणन शाखा क्रय केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि दो-चार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए संपर्क किया है, लेकिन अभी लेकर कोई नहीं आया।
ऑनलाइन जारी होगा क्रय केंद्र का टोकन
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण वाली साइट पर किसान अपना टोकन खुद जारी कर सकते हैं। इसमें उनके क्षेत्र के नजदीकी क्रय केंद्र का नाम भी लिखा होगा। वहां गेहूं ले जाकर तौल करा सकते हैं। बताया कि मंडी में स्थित क्रय केंद्रों का संबद्धीकरण नहीं किया गया है। मंडी में स्थित किसी भी क्रय केंद्र पर किसान अपना गेहूं बेच सकते हैं। फिलहाल अभी तक किसी भी क्रय केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है।