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‘बाल विवाह करा रहे परिजन पुलिस देखते ही भागे’
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कलक्ट्रेट में बाल विवाह रोकने को नाटक का मंचन करते कर्मचारी।
- फोटो : FARRUKHABAD
बाल विवाह करा रहे परिजन पुलिस देखते ही भागे
फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट में मिशन शक्ति अभियान के तहत बाल विवाह के प्रति जागरूक करने के लिए नाटक का मंचन किया गया। नाटक में नाबालिग वर व कन्या की शादी करा रहे परिजन पुलिस देखकर भाग खड़े हुए। पुरोहित को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और शादी रुकवा दी।
महिला उत्पीड़न के बढ़ रहे मामलों पर नियंत्रण के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत लोगों जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति गुप्ता (जिलाध्यक्ष), मालती शर्मा, मीना सिंह अनीता, पूनम कुमारी ने कलक्ट्रेट परिसर में बाल विवाह की रोकथाम व इससे होने वाले दुष्प्रभाव की जागरूकता को नाटक प्रस्तुत किया।
इसमें एक गांव में नाबालिग वर व वधू का विवाह न कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने परिजनों को समझाया। परिजन नहीं माने तो उन्होंने महिला हेल्प लाइन और 112 पर पुलिस को सूचना दे दी। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची तो परिजन मंडप छोड़कर भाग खड़े हुए। पुरोहित दबोच लिए गए।
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पुलिस के पूछने पर बालिका वधू ने कहा कि अभी उसे पढ़ाई करनी है। वहीं दूल्हा के बने बालक का भी यही जवाब था। दोनों की शादी रुकवा दी गई। डीपीओ भारत प्रसाद ने बताया कि वर की भूमिका आंगनबाड़ी में पंजीकृत बालिका वेदांती शंखवार और वधू की भूमिका अंशिका शर्मा ने निभाई।
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फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट में मिशन शक्ति अभियान के तहत बाल विवाह के प्रति जागरूक करने के लिए नाटक का मंचन किया गया। नाटक में नाबालिग वर व कन्या की शादी करा रहे परिजन पुलिस देखकर भाग खड़े हुए। पुरोहित को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और शादी रुकवा दी।
महिला उत्पीड़न के बढ़ रहे मामलों पर नियंत्रण के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत लोगों जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति गुप्ता (जिलाध्यक्ष), मालती शर्मा, मीना सिंह अनीता, पूनम कुमारी ने कलक्ट्रेट परिसर में बाल विवाह की रोकथाम व इससे होने वाले दुष्प्रभाव की जागरूकता को नाटक प्रस्तुत किया।
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इसमें एक गांव में नाबालिग वर व वधू का विवाह न कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने परिजनों को समझाया। परिजन नहीं माने तो उन्होंने महिला हेल्प लाइन और 112 पर पुलिस को सूचना दे दी। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची तो परिजन मंडप छोड़कर भाग खड़े हुए। पुरोहित दबोच लिए गए।
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पुलिस के पूछने पर बालिका वधू ने कहा कि अभी उसे पढ़ाई करनी है। वहीं दूल्हा के बने बालक का भी यही जवाब था। दोनों की शादी रुकवा दी गई। डीपीओ भारत प्रसाद ने बताया कि वर की भूमिका आंगनबाड़ी में पंजीकृत बालिका वेदांती शंखवार और वधू की भूमिका अंशिका शर्मा ने निभाई।