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बिना लाइसेंस चल रहे शोध केंद्र पर नकली बीज बरामद, स्टाक सीज
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शमसाबाद के नगला नान में गोदाम का निरीक्षण करते एसडीएम व कृषि अधिकारी।
- फोटो : FARRUKHABAD
बिना लाइसेंस चल रहे शोध केंद्र पर नकली बीज बरामद
फर्रुखाबाद। नकली बीज बेचने की शिकायत पर अधिकारियों ने बीज शोध केंद्र पर छापा मारा। यहां बिना लाइसेंस बीज विधायन उपकरण चलते मिले। बड़ी मात्रा में बरामद नकली बीज व रैपर का स्टॉक सीज कर दिया गया। इस दौरान हुए विवाद के चलते अधिकारियों को पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव नगलानान निवासी रत्नेश अवस्थी के ओम्पा सीड्स नाम से संचालित बीज विधायन संयंत्र का वर्ष 2017 में प्रदेशव्यापी बीज बिक्री का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। सूचना मिली कि बिना लाइसेंस नकली बीज बेंचकर किसानों को ठगा जा रहा है। इस पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह, एसडीएम कायमगंज सुनील कुमार यादव ने दरोगा दयामहेश व पुलिस कर्मियों के साथ छापा मारा।
इस दौरान वहां तरबूज, लौकी, गेहूं, भिंडी आदि के बीज के बड़ी मात्रा में पैकेट बरामद हुए। इसके साथ ही 8 बीज विधायन संयंत्रों पर इनके खाली ओम्पा सीड के रैपर, रैपर मशीन व पैकेट सील मशीन भी बरामद हुई।
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जब अधिकारियों ने लाइसेंस दिखाने को कहा तो कोई अभिलेख दिखाने के बजाय प्रतिष्ठान संचालक व उनके समर्थक विवाद करने लगे। इससे एसडीएम ने पुलिस फोर्स बुलवा ली। इसके बाद बरामद बीज, रैपर व उपकरण सील कर दिए गए।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सीधे किसानों से संपर्क कर नकली बीज बेंचा जा रहा था। जांच में शिकायत सही पाई। उन्होंने बताया कि लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद रैपर मिलने, संयंत्र चलने और प्रतिष्ठान पर नकली बीज बरामद होने के मामले में कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर रत्नेश अवस्थी ने बताया कि उनके पास कृषि निदेशालय लखनऊ से प्रदेश व्यापी बीज बिक्री का लाइसेंस है। कंपनी के लाइसेंस 27 अक्तूबर 2020 तक वैध था। नवीनकरण प्रक्रिया चल रही है। बीज बनाने व उत्पादन करने का लाइसेंस वर्ष 2021 तक के लिए बना है।
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फर्रुखाबाद। नकली बीज बेचने की शिकायत पर अधिकारियों ने बीज शोध केंद्र पर छापा मारा। यहां बिना लाइसेंस बीज विधायन उपकरण चलते मिले। बड़ी मात्रा में बरामद नकली बीज व रैपर का स्टॉक सीज कर दिया गया। इस दौरान हुए विवाद के चलते अधिकारियों को पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव नगलानान निवासी रत्नेश अवस्थी के ओम्पा सीड्स नाम से संचालित बीज विधायन संयंत्र का वर्ष 2017 में प्रदेशव्यापी बीज बिक्री का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। सूचना मिली कि बिना लाइसेंस नकली बीज बेंचकर किसानों को ठगा जा रहा है। इस पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह, एसडीएम कायमगंज सुनील कुमार यादव ने दरोगा दयामहेश व पुलिस कर्मियों के साथ छापा मारा।
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इस दौरान वहां तरबूज, लौकी, गेहूं, भिंडी आदि के बीज के बड़ी मात्रा में पैकेट बरामद हुए। इसके साथ ही 8 बीज विधायन संयंत्रों पर इनके खाली ओम्पा सीड के रैपर, रैपर मशीन व पैकेट सील मशीन भी बरामद हुई।
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जब अधिकारियों ने लाइसेंस दिखाने को कहा तो कोई अभिलेख दिखाने के बजाय प्रतिष्ठान संचालक व उनके समर्थक विवाद करने लगे। इससे एसडीएम ने पुलिस फोर्स बुलवा ली। इसके बाद बरामद बीज, रैपर व उपकरण सील कर दिए गए।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सीधे किसानों से संपर्क कर नकली बीज बेंचा जा रहा था। जांच में शिकायत सही पाई। उन्होंने बताया कि लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद रैपर मिलने, संयंत्र चलने और प्रतिष्ठान पर नकली बीज बरामद होने के मामले में कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर रत्नेश अवस्थी ने बताया कि उनके पास कृषि निदेशालय लखनऊ से प्रदेश व्यापी बीज बिक्री का लाइसेंस है। कंपनी के लाइसेंस 27 अक्तूबर 2020 तक वैध था। नवीनकरण प्रक्रिया चल रही है। बीज बनाने व उत्पादन करने का लाइसेंस वर्ष 2021 तक के लिए बना है।