{"_id":"92125cce70eedf843fe357c909611087","slug":"fair-began-by-gulzar-ramangria-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलजार होने लगा मेला रामनगरिया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलजार होने लगा मेला रामनगरिया
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। मकर संक्रांति के लिए मेला रामनगरिया गुलजार होने लगा है। व्यापारी दुकानें जमाने लगे हैं। निर्मोही अखाडे़ के नागा साधुओं ने भी डेरा डाल दिया है। मेले की सरकारी शुरुआत 23 जनवरी से होगी। कल्पवासी मकर संक्रांति से पहले तंबू लगा लेते हैं।
पांचालघाट पर गंगा किनारे 23 जनवरी से 23 फरवरी तक मेला रामनगरिया चलेगा। एक महीने तक गंगा किनारे साधु व गृहस्थ कल्पवास करते हैं। मेला क्षेत्र में नागा सन्यासी बाबा सरवन गिरी ने अपने शिष्यों के साथ झोपड़ी बनानी शुरू कर दी है। वहीं, आगरा क्षेत्र के अछनेरा से खाने पीने की दुकान लगाने के लिए रामलखन ने डेरा लगाना शुरू कर दिया है।
मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने बताया कि प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा मेला कोतवाली और अस्पतालों को भी टीन के तख्तों से बनाया जा रहा है। मेला क्षेत्र के रास्तों का समतलीकरण करवा दिया गया है। लाइट के लिए पोल लगने के बाद ज्यादा बालू वाले स्थानों पर लोहे के पटरे और पुआल बिछा दिया जाएगा। पहला स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगा। इसके लिए घाटों पर इंतजाम पूरे करवा दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांचालघाट पर गंगा किनारे 23 जनवरी से 23 फरवरी तक मेला रामनगरिया चलेगा। एक महीने तक गंगा किनारे साधु व गृहस्थ कल्पवास करते हैं। मेला क्षेत्र में नागा सन्यासी बाबा सरवन गिरी ने अपने शिष्यों के साथ झोपड़ी बनानी शुरू कर दी है। वहीं, आगरा क्षेत्र के अछनेरा से खाने पीने की दुकान लगाने के लिए रामलखन ने डेरा लगाना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने बताया कि प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा मेला कोतवाली और अस्पतालों को भी टीन के तख्तों से बनाया जा रहा है। मेला क्षेत्र के रास्तों का समतलीकरण करवा दिया गया है। लाइट के लिए पोल लगने के बाद ज्यादा बालू वाले स्थानों पर लोहे के पटरे और पुआल बिछा दिया जाएगा। पहला स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगा। इसके लिए घाटों पर इंतजाम पूरे करवा दिए गए हैं।
विज्ञापन