फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Everyone would like the stair pier your Panchal

हर की पैड़ी की तरह बनेगा अपना पांचाल घाट

Wed, 10 Jun 2015 11:18 PM IST
Updated Wed, 10 Jun 2015 11:18 PM IST
विज्ञापन
Everyone would like the stair pier your Panchal
गंगा किनारे का पांचाल घाट हर की पैड़ी की तरह विकसित किया जाएगा। स्टीमेट
विज्ञापन
का जिम्मा सिंचाई विभाग को दिया गया है। एक सप्ताह में स्टीमेेट तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद पैसे की डिमांड भेजी जाएगी। पांचाल घाट पर पौष में एक माह के लिए बड़ी तादाद में गृहस्थ व साधु संत कल्पवास करने आते हैं। यह डेवलपमेंट नमामि गंगे योजना से कराया जाएगा।

पांचाल घाट के दिन बहुरने वाले हैं। यहां का डेवलपमेंट हरिद्वार के हर की पैड़ी की तरह होगा। इसी की तर्ज पर घाट डिजायन किए जाएंगे। इन घाटों का विस्तार कर खूबसूरत बनाया जाएगा। पुराने घाटों की मरम्मत होगी। घाटों पर रोशनी के भी इंतजाम किए जाएंगे। यहां आने वालों के बैठने वालों के लिए भी स्पॉट विकसित होगा। प्रोजेक्ट के तहत शौचालय भी बनेंगे। डेवलपमेंट के साथ ही गंगा को टेक्सटाइल इंडस्ट्री, गंदे नालों के पानी व प्रदूषण से बचाने के लिए भी पुख्ता बंदोबस्त

होंगे। स्टीमेट बनाने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई है। एक्सईएन एमएम सिंह ने इसके लिए दौरा कर भौतिक स्थिति भी परख ली है। उन्होंने बताया कि पांचाल घाट को हर की पौड़ी की तरह डेवलप करने की योजना है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टीमेट बनाया जा रहा है। एक सप्ताह में स्टीमेट फाइनल कर लिया जाएगा।
 
नमामि गंगे योजना से होगा विकास
सिटी मजिस्ट्रेट पीके जैन ने बताया कि पांचाल घाट को डेवलप किया जाना है। इसके लिए तेजी से कार्रवाई चल रही है। नमामि गंगे योजना से डेवलपमेंट होगा।

यह होंगे काम
- मुख्य घाट का विस्तार।
- पुराने घाटों की मरम्मत।
- धोबी घाट।
- शौचालय।
- पर्यटकों के लिए बैठने के लिए अलग से जगह।
- लाइटिंग।

यूं चली बात
अमृतपुर से सपा विधायक व पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह ने डीआरडीए क ो पांचाल घाट को हर की पैड़ी की तरह विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। डीआरडीए ने इस प्रस्ताव को पर्यटन विभाग को भेज दिया। पर्यटन विभाग ने इसे अपने दायरे में न होने की बात कहकर सिंचाई विभाग के पास चिट्ठी भेज दी। पर्यटन सूचना अधिकारी मोहित कुमार ने बताया कि पांचाल घाट के डेवलपमेंट के लिए प्रस्ताव मिला था। इसे सिंचाई विभाग को भेज दिया गया।

खास है पांचाल घाट
पांचाल घाट पर पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक एक माह तक श्रद्धालु कल्पवास करने के लिए आते हैं। सन् 1950 के आसपास साधु संतों के गंगा तट पर माघ महीने में कल्पवास करने की शुरुआत हुई थी। 1955 में कल्पवास के दौरान पंचायत सम्मेलन, सहकारिता सम्मेलनाें का आयोजन होने लगा। 1956 से कल्पवास करने वालों की तादाद बढ़ने लगी। अब मेला श्रीरामनगरिया व विकास प्रदर्शनी में एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरांचल, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली प्रांतों के श्रद्धालु भी शामिल होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed