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Farrukhabad News: जिलाबदर होने से उदयपाल ने मां को लड़ाया था नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव
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फर्रुखाबाद। भ्रष्टाचार में फंसे कंपिल के पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव वर्ष 2022 में जिला बदर होने के बाद अपनी मां को चुनावी मैदान में उतारा था। उसका आपराधिक इतिहास भी काफी बड़ा होने से पुलिस गुंडा एक्ट व जिला बदर की कार्रवाई कर चुकी है। अभी उसके खिलाफ 23 मामले लंबित चल रहे हैं।
उदयपाल सिंह पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती होने के बाद एसओजी में रहा था। नौकरी जाने के बाद वह नेता बन गया। उसकी दबंगई से क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। इससे उसके खिलाफ कोई आवाज उठाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाता। वर्ष 2012 से 2022 तक नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज रहने के दौरान मनमाने तरीके से विकास कार्य भी कराए। इसकी कई शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई। कस्बे के ही हिकमत उल्ला खां ने सीधे शासन में लोकायुक्त से शिकायत की थी।
उदयपाल सिंह के खिलाफ जनपद के अलावा इटावा, एटा, मैनपुरी व कंपिल थाने में हत्या, बलवा, मारपीट, हत्या के प्रयास सहित कई मुकदमे दर्ज थे। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने 19 दिसंबर 2022 को उसे छह माह के लिए जिला बदर कर दिया था। इसी बीच नगर निकायों के अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने से प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। जिला बदर की छह माह की अवधि के दौरान निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे उदयपाल सिंह चुनाव नहीं लड़ सका और नगर पंचायत पर कब्जा जमाए रहने के लिए अपनी मां को चुनाव लड़ाया था। इन दिनों उदयपाल की मां कंपिल की नगर पंचायत अध्यक्ष हैं। फिलहाल अब वह भ्रष्टाचार के तहत आय से अधिक संपत्ति बनाने में फंस गया है।
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उदयपाल सिंह पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती होने के बाद एसओजी में रहा था। नौकरी जाने के बाद वह नेता बन गया। उसकी दबंगई से क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। इससे उसके खिलाफ कोई आवाज उठाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाता। वर्ष 2012 से 2022 तक नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज रहने के दौरान मनमाने तरीके से विकास कार्य भी कराए। इसकी कई शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई। कस्बे के ही हिकमत उल्ला खां ने सीधे शासन में लोकायुक्त से शिकायत की थी।
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उदयपाल सिंह के खिलाफ जनपद के अलावा इटावा, एटा, मैनपुरी व कंपिल थाने में हत्या, बलवा, मारपीट, हत्या के प्रयास सहित कई मुकदमे दर्ज थे। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने 19 दिसंबर 2022 को उसे छह माह के लिए जिला बदर कर दिया था। इसी बीच नगर निकायों के अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने से प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। जिला बदर की छह माह की अवधि के दौरान निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे उदयपाल सिंह चुनाव नहीं लड़ सका और नगर पंचायत पर कब्जा जमाए रहने के लिए अपनी मां को चुनाव लड़ाया था। इन दिनों उदयपाल की मां कंपिल की नगर पंचायत अध्यक्ष हैं। फिलहाल अब वह भ्रष्टाचार के तहत आय से अधिक संपत्ति बनाने में फंस गया है।
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