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Farrukhabad News: ऋण दिलाने के नाम पर डूडा कर्मियों ने लिया सुविधाशुल्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार उन्हें समूह से जोड़कर सस्ते ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराकर रोजगार देने के लिए प्रयासरत है। मगर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इस पर बट्टा लगा रहे हैं। ऐसा ही मामला शहर के मोहल्ला खटकपुरा में सामने आया है। यहां करीब पांच माह पहले जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) के कर्मचारियों ने समूह बनाने वाली महिलाओं से ऋण दिलाने के नाम पर सुविधाशुल्क ले लिया। हालांकि विभाग मामला दबाने में लगा है।
डूडा कार्यालय से राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का काम किया जाता है। रोजगार को बढ़ाने के लिए समूह को सस्ते दर व आसान किस्तों पर ऋण भी मुहैया कराया जाता है। सूत्रों ने बताया कि करीब पांच माह पहले मोहल्ला खटकपुरा में करीब आठ-दस समूह बनाए गए। समूह बनाने के बाद डूडा कर्मचारियों ने ऋण दिलाने के नाम पर इन लोगों से सुविधा शुल्क ले लिया, लेकिन ऋण नहीं दिलाया। इस पर समूह की कुछ महिलाओं ने इसकी शिकायत डूडा कार्यालय में जाकर की तो अधिकारी चेत गए। हालांकि उन्होंने मामले को दबा दिया। नाम न छापने की शर्त पर खटकपुरा मोहल्ले में समूह से जुड़ी एक महिला ने बताया कि पांच लाख रुपये ऋण दिलाने के एवज में डूडा से आई महिला कर्मचारी ने 20 हजार रुपये ले लिए। वह ऋण दिलाने का आश्वासन दे रही हैं।
‘मैंने तीन माह पहले ही चार्ज लिया है। मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। आज मैं छुट्टी पर हूं। लौटकर आने पर इस मामले को गंभीरता से दिखवाऊंगी।’
- मेेघा गुप्ता, शहर मिशन प्रबंधक।
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फर्रुखाबाद। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार उन्हें समूह से जोड़कर सस्ते ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराकर रोजगार देने के लिए प्रयासरत है। मगर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इस पर बट्टा लगा रहे हैं। ऐसा ही मामला शहर के मोहल्ला खटकपुरा में सामने आया है। यहां करीब पांच माह पहले जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) के कर्मचारियों ने समूह बनाने वाली महिलाओं से ऋण दिलाने के नाम पर सुविधाशुल्क ले लिया। हालांकि विभाग मामला दबाने में लगा है।
डूडा कार्यालय से राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का काम किया जाता है। रोजगार को बढ़ाने के लिए समूह को सस्ते दर व आसान किस्तों पर ऋण भी मुहैया कराया जाता है। सूत्रों ने बताया कि करीब पांच माह पहले मोहल्ला खटकपुरा में करीब आठ-दस समूह बनाए गए। समूह बनाने के बाद डूडा कर्मचारियों ने ऋण दिलाने के नाम पर इन लोगों से सुविधा शुल्क ले लिया, लेकिन ऋण नहीं दिलाया। इस पर समूह की कुछ महिलाओं ने इसकी शिकायत डूडा कार्यालय में जाकर की तो अधिकारी चेत गए। हालांकि उन्होंने मामले को दबा दिया। नाम न छापने की शर्त पर खटकपुरा मोहल्ले में समूह से जुड़ी एक महिला ने बताया कि पांच लाख रुपये ऋण दिलाने के एवज में डूडा से आई महिला कर्मचारी ने 20 हजार रुपये ले लिए। वह ऋण दिलाने का आश्वासन दे रही हैं।
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‘मैंने तीन माह पहले ही चार्ज लिया है। मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। आज मैं छुट्टी पर हूं। लौटकर आने पर इस मामले को गंभीरता से दिखवाऊंगी।’
- मेेघा गुप्ता, शहर मिशन प्रबंधक।