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दरगाही म्यूजियम खुला, हुई जियारत
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:12 PM IST
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दरगाह के म्यूजियम में रखी वस्तुओं का दीदार कराते सज्जादा नशीन शाह फसीह मुजीबी।
- फोटो : amarujala
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दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में 147वें उर्स का बुधवार को आगाज हुआ। इस दौरान दरगाही म्यूजियम भी खोला गया। इसमें इस्लामी महापुरुषों की संजोयी गईं वस्तुओं की जियारत कराई गई।
मोहल्ला सूफी खां की दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में उर्स शुरू होते ही अकीदत बिखर गई। उर्स के आगाज पर सज्जादा नशीन शाह फसीह मुजीबी ने रिवायती तौर से दरगाही म्यूजियम खोला। इसमें करीबन 1400 साल पुरानी वस्तुओं की जियारत कराई गई।
इसमें बड़े सलीके से पैगंबरे इस्लाम और उनके साथियों के कपड़े व पत्र आदि सहेजे गए हैं। मेराज खां और हाजी इस्लाम अली ने बताया कि ऐतिहासिक वस्तुओं की जियारत का लोगों को साल भर इंतजार रहता है।
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मुन्ना कव्वाल ने सूफियाना कलाम पेश किया। इस अवसर पर हस्सान मुजीबी, वारिस अली खां, सरदार मीर खां, असलम नवाब, आफताब अली, वाहिद अली, मुन्ने खां, मुतीबुल हुसैन, बिलाल शफीकी, आफताब कादरी, सरताज मुजीबी और बिलाल मुजीबी आदि मौजूद रहे।
मोहल्ला सूफी खां की दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में उर्स शुरू होते ही अकीदत बिखर गई। उर्स के आगाज पर सज्जादा नशीन शाह फसीह मुजीबी ने रिवायती तौर से दरगाही म्यूजियम खोला। इसमें करीबन 1400 साल पुरानी वस्तुओं की जियारत कराई गई।
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इसमें बड़े सलीके से पैगंबरे इस्लाम और उनके साथियों के कपड़े व पत्र आदि सहेजे गए हैं। मेराज खां और हाजी इस्लाम अली ने बताया कि ऐतिहासिक वस्तुओं की जियारत का लोगों को साल भर इंतजार रहता है।
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मुन्ना कव्वाल ने सूफियाना कलाम पेश किया। इस अवसर पर हस्सान मुजीबी, वारिस अली खां, सरदार मीर खां, असलम नवाब, आफताब अली, वाहिद अली, मुन्ने खां, मुतीबुल हुसैन, बिलाल शफीकी, आफताब कादरी, सरताज मुजीबी और बिलाल मुजीबी आदि मौजूद रहे।