{"_id":"5f5fafca8ebc3e566b25424c","slug":"dr-samet-23-gairhajir-farrukhabad-news-knp5826625183","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएनसीयू डाक्टर समेत 23 कर्मी नदारद, मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएनसीयू डाक्टर समेत 23 कर्मी नदारद, मांगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह अचानक लोहिया अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे, तो व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। एसएनसीयू वार्ड चिकित्सक समेत 23 कर्मचारी अस्पताल से गायब मिले। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद मिला। एनआरसी वार्ड में कोई बच्चा न मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को कुपोषित बच्चे भर्ती कराने के निर्देश दिए।
डीएम सोमवार सुबह ठीक दस बजे इमरजेंसी पहुंचे। वहां कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से काम बंद मिला। बाहर कुर्सी पर डा. अभिषेक चतुर्वेदी बैठे थे। इसके बाद हाल में पहुंचे तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद मिला। इस पर नाराजगी जताई। सीएमओ डा. वंदना सिंह से कहा कि वह इस पर कार्रवाई करें। डीएम को हाल में ही एक महिला बिना मास्क के दिखी, तो जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी। इसके बाद वार्ड में पहुंचे। वहां भर्ती मरीज हर्ष मिश्रा, रूबी कुमार, विनोद शर्मा से बात की। इसके बाद वे एसएनसीयू वार्ड पहुंचे। वहां डा. शिवाशीष उपाध्याय और स्टाफ नर्स गायब मिलीं। भर्ती मरीजों के परिजनों से बातचीत की। यहां से कुपोषित बच्चों के लिए बने एनआरसी वार्ड में गए, तो पता चला कि वहां कई महीनों से कोई बच्चा भर्ती नहीं हुआ है। इस पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के काउंसलर विजय सिंह, लैब टेक्नीशियन नरेंद्र मिश्रा, अमृता, नावेद रहमानी, रोहत त्रिवेदी, स्टाफ नर्स शिवा चौहान के अलावा सुमित कुमार, जितेंद्र सिंह, प्रतिभा देवी, शाहिना बानो, इंद्रेश कुमार, अर्चना, जितेंद्र कुमार, संतराम, अनुज यादव, विवेक कुमार, सौरभ कुमार दुबे, रुचिर कुमार, प्रदीप कुमार, रैना श्रीवास्तव नदारद मिले। डीएम ने सीएमएस डा. एसपी सिंह को सभी से स्पष्टीकरण मांग कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
इमरजेंसी के मरीज नहीं होंगे शिफ्ट, अलग बनेगा रास्ता
इमरजेंसी में कोरोना पॉजिटिव मरीज निकलने के बाद अक्सर सील हो जाती है। ऐसे में यहां भर्ती गंभीर रोगियों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया जाता है। डीएम ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बाहर हाल में डाक्टर बैठेंगे। वहीं से इमरजेंसी के वार्ड में एक गेट लगाया जाएगा, ताकि यहां से मरीजों को दवाएं और अन्य चिकित्सीय सेवा मुहैया कराई जा सके। डीएम ने सीएमएस से शीघ्र ही यह काम पूरा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
लक्ष्य से कम न लें नमूने: डीएम
डीएम ने सुबह पौने दस बजे कोविड- एल 1 समकक्ष अस्पताल डा. अनार सिंह मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने फोन पर मरीजों से वार्ता की। भोजन, सफाई की जानकारी ली। मरीजों ने सभी व्यवस्थाएं ठीक होने की बात कही। डीएम ने सलाह दी कि नियमित काढ़ा व गर्म पानी सेवन करें। सीएमओ को निर्देश दिए कि रोज लक्ष्य से कम नमूने नहीं होने चाहिए।
विज्ञापन
डीएम सोमवार सुबह ठीक दस बजे इमरजेंसी पहुंचे। वहां कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से काम बंद मिला। बाहर कुर्सी पर डा. अभिषेक चतुर्वेदी बैठे थे। इसके बाद हाल में पहुंचे तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद मिला। इस पर नाराजगी जताई। सीएमओ डा. वंदना सिंह से कहा कि वह इस पर कार्रवाई करें। डीएम को हाल में ही एक महिला बिना मास्क के दिखी, तो जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी। इसके बाद वार्ड में पहुंचे। वहां भर्ती मरीज हर्ष मिश्रा, रूबी कुमार, विनोद शर्मा से बात की। इसके बाद वे एसएनसीयू वार्ड पहुंचे। वहां डा. शिवाशीष उपाध्याय और स्टाफ नर्स गायब मिलीं। भर्ती मरीजों के परिजनों से बातचीत की। यहां से कुपोषित बच्चों के लिए बने एनआरसी वार्ड में गए, तो पता चला कि वहां कई महीनों से कोई बच्चा भर्ती नहीं हुआ है। इस पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के काउंसलर विजय सिंह, लैब टेक्नीशियन नरेंद्र मिश्रा, अमृता, नावेद रहमानी, रोहत त्रिवेदी, स्टाफ नर्स शिवा चौहान के अलावा सुमित कुमार, जितेंद्र सिंह, प्रतिभा देवी, शाहिना बानो, इंद्रेश कुमार, अर्चना, जितेंद्र कुमार, संतराम, अनुज यादव, विवेक कुमार, सौरभ कुमार दुबे, रुचिर कुमार, प्रदीप कुमार, रैना श्रीवास्तव नदारद मिले। डीएम ने सीएमएस डा. एसपी सिंह को सभी से स्पष्टीकरण मांग कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इमरजेंसी के मरीज नहीं होंगे शिफ्ट, अलग बनेगा रास्ता
इमरजेंसी में कोरोना पॉजिटिव मरीज निकलने के बाद अक्सर सील हो जाती है। ऐसे में यहां भर्ती गंभीर रोगियों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया जाता है। डीएम ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बाहर हाल में डाक्टर बैठेंगे। वहीं से इमरजेंसी के वार्ड में एक गेट लगाया जाएगा, ताकि यहां से मरीजों को दवाएं और अन्य चिकित्सीय सेवा मुहैया कराई जा सके। डीएम ने सीएमएस से शीघ्र ही यह काम पूरा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
लक्ष्य से कम न लें नमूने: डीएम
डीएम ने सुबह पौने दस बजे कोविड- एल 1 समकक्ष अस्पताल डा. अनार सिंह मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने फोन पर मरीजों से वार्ता की। भोजन, सफाई की जानकारी ली। मरीजों ने सभी व्यवस्थाएं ठीक होने की बात कही। डीएम ने सलाह दी कि नियमित काढ़ा व गर्म पानी सेवन करें। सीएमओ को निर्देश दिए कि रोज लक्ष्य से कम नमूने नहीं होने चाहिए।