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ब्लाकों पर नजर आया सत्ता का दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद।
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:54 PM IST
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ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान सत्ता का दबदबा सभी विकासखंडों में नजर आया। सत्ता पक्ष के किसी भी प्रत्याशी के सामने अन्य किसी दल के प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने की हिम्मत नहीं जुटाई। नतीजतन सत्ता पक्ष के चार ब्लाक प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
समाजवादी पार्टी एक लंबे समय से यहां गुटबंदी से जूझ रही है। पार्टी की अंतर्कलह से यहां सपा कार्यकर्ता व नेता दो गुटों में विभाजित हो गए हैं।
एक गुट डा. सुबोध यादव और दूसरा गुट पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव का है। इसके बावजूद भी ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सपा को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। डा. सुबोध यादव ने इस चुनाव में चक्रव्यूह रचना करके अपने चार प्रत्याशियों को निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनवा दिया है। मजे की बात तो यह है कि लोकसभा सदस्य के चुनाव में प्रचंड बहुमत से केंद्र में आयी भाजपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। यही हाल कांग्रेस का रहा। कांग्रेस ने भी इस चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने की हिम्मत नहीं जुटाई है।
बसपा भी इस चुनाव में अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतार सकी है। विकासखंड मोहम्मदाबाद ऐसा है, जिसमें सत्ता का जादू नहीं चला। यहां अनुपम दुबे के भाई अमित उर्फ बब्बन दुबे और पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव की पुत्री मोनिका यादव चुनाव मैदान में हैं। बब्बन दुबे के साथ अन्य दलों का भी समर्थन है और सपा के अंतर्कलह का भी लाभ मिल रहा है।
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धन बल से बने ब्लाक प्रमुख
फर्रुखाबाद। यह चुनाव सत्ता का चुनाव होता है। यह जनसामान्य का चुनाव नहीं है। जो भी निर्विरोध ब्लाक प्रमुख हुए हैं वह जनसामान्य के वोटों से नहीं हुए हैं। यह धन बल के सहारे जीता गया है।
सत्यपाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
मोहम्मदाबाद से बब्बन को लड़े रहे चुनाव
फर्रुखाबाद। कांग्रेस अपने आप को कहीं से कमजोर महसूस नहीं कर रही है। भले ही उसने अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा। मोहम्मदाबाद विकासखंड से अमित उर्फ बब्बन दुबे को चुनाव लड़ा रहे हैं।
कौशलेंद्र सिंह यादव, प्रदेश सचिव कांग्रेस
सत्ता के विरुद्ध प्रत्याशी को समर्थन
फर्रुखाबाद। बसपा सत्ता के विरुद्ध जो भी चुनाव लड़ रहा है उसे समर्थन दे रही है। यह चुनाव जिसकी सरकार होती है उसी के होते हैं। इस वजह से बसपा अंदर से समर्थन कर रही है।
सुदेश पाल, मंडल कोआर्डिनेटर बसपा
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समाजवादी पार्टी एक लंबे समय से यहां गुटबंदी से जूझ रही है। पार्टी की अंतर्कलह से यहां सपा कार्यकर्ता व नेता दो गुटों में विभाजित हो गए हैं।
एक गुट डा. सुबोध यादव और दूसरा गुट पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव का है। इसके बावजूद भी ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सपा को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। डा. सुबोध यादव ने इस चुनाव में चक्रव्यूह रचना करके अपने चार प्रत्याशियों को निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनवा दिया है। मजे की बात तो यह है कि लोकसभा सदस्य के चुनाव में प्रचंड बहुमत से केंद्र में आयी भाजपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। यही हाल कांग्रेस का रहा। कांग्रेस ने भी इस चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने की हिम्मत नहीं जुटाई है।
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बसपा भी इस चुनाव में अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतार सकी है। विकासखंड मोहम्मदाबाद ऐसा है, जिसमें सत्ता का जादू नहीं चला। यहां अनुपम दुबे के भाई अमित उर्फ बब्बन दुबे और पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव की पुत्री मोनिका यादव चुनाव मैदान में हैं। बब्बन दुबे के साथ अन्य दलों का भी समर्थन है और सपा के अंतर्कलह का भी लाभ मिल रहा है।
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धन बल से बने ब्लाक प्रमुख
फर्रुखाबाद। यह चुनाव सत्ता का चुनाव होता है। यह जनसामान्य का चुनाव नहीं है। जो भी निर्विरोध ब्लाक प्रमुख हुए हैं वह जनसामान्य के वोटों से नहीं हुए हैं। यह धन बल के सहारे जीता गया है।
सत्यपाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
मोहम्मदाबाद से बब्बन को लड़े रहे चुनाव
फर्रुखाबाद। कांग्रेस अपने आप को कहीं से कमजोर महसूस नहीं कर रही है। भले ही उसने अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा। मोहम्मदाबाद विकासखंड से अमित उर्फ बब्बन दुबे को चुनाव लड़ा रहे हैं।
कौशलेंद्र सिंह यादव, प्रदेश सचिव कांग्रेस
सत्ता के विरुद्ध प्रत्याशी को समर्थन
फर्रुखाबाद। बसपा सत्ता के विरुद्ध जो भी चुनाव लड़ रहा है उसे समर्थन दे रही है। यह चुनाव जिसकी सरकार होती है उसी के होते हैं। इस वजह से बसपा अंदर से समर्थन कर रही है।
सुदेश पाल, मंडल कोआर्डिनेटर बसपा