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भड़ौसा में फैला बुखार, स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर जांच की
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जहानगंज। क्षेत्र के गांव भड़ौसा में बुखार फैलने से करीब 50 लोग बीमार हैं। इसकी जानकारी पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों की जांच की। उनके खून के नमूने लिए गए। दवाएं भी बांटी गईं। ग्रामीणों को बचाव के लिए सलाह दी गई।
गांव भड़ौसा में बुखार फैलने की सूचना पर दोपहर को डॉ. अनुनय, डॉ.मंगली तिवारी, डॉ.विवेक कनौजिया गांव पहुंचे। बुखार से पीड़ित मरीजों की मलेरिया व टाइफाइड की जांच के लिए खून के नमूने लिए। इसके साथ बुखार पीड़ितों को दवाई वितरित की।
ग्रामीणों को कहना है कि गांव में दो सफाई कर्मी होने के बावजूद कभी झाड़ू तक नहीं लगाई जाती। इससे गंदगी फैली है। गंदगी की वजह से बुखार व अन्य बीमारियां फैल रही हैं। 15-20 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि कई मरीज झोलाछाप से दवाई ले रहे हैं। गांव के शमशाद, वसीम, नसीम, इसरार आदि का कहना है कि दिलशाद के दरवाजे के सामने कीचड़ भरा है। कासिम के घर के सामने नाली चोक है। वाहिद के घर के सामने कचरा भरा हुआ है। इन लोगों का कहना है कि चार माह से कोई सफाई नहीं हुई।
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ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान के पुत्र मुज्जम्मिल स्वास्थ्य शिविर अपने दरवाजे पर लगवाते हैं। बड़ा गांव होने से वह लोग दवा, जांच कराने से वंचित रह जाते। इससे स्वास्थ्य शिविर तीन जगह सचिवालय, प्राइमरी पाठशाला व मस्जिद के पास लगाया जाए। नूरुल, आरिफ, आफताब, मुशर्रफ, हाकिम आदि मौजूद रहे।
प्रधान शहनाज बेगम के पुत्र मुज्जम्मिल का कहना है स्वास्थ्य टीम की जिम्मेदारी उनकी है। इसलिए कैंप उनके दरवाजे लगा है। गांव में दो सफाई कर्मी रामदास, महेंद्र तैनात हैं। इनमें रामदास सफाई करने आता है, जबकि महेंद्र कमालगंज ब्लॉक में अटैच है। इसलिए सफाई में समस्या आती है। गांव में वह सफाई करवा चुके हैं।
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गांव भड़ौसा में बुखार फैलने की सूचना पर दोपहर को डॉ. अनुनय, डॉ.मंगली तिवारी, डॉ.विवेक कनौजिया गांव पहुंचे। बुखार से पीड़ित मरीजों की मलेरिया व टाइफाइड की जांच के लिए खून के नमूने लिए। इसके साथ बुखार पीड़ितों को दवाई वितरित की।
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ग्रामीणों को कहना है कि गांव में दो सफाई कर्मी होने के बावजूद कभी झाड़ू तक नहीं लगाई जाती। इससे गंदगी फैली है। गंदगी की वजह से बुखार व अन्य बीमारियां फैल रही हैं। 15-20 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि कई मरीज झोलाछाप से दवाई ले रहे हैं। गांव के शमशाद, वसीम, नसीम, इसरार आदि का कहना है कि दिलशाद के दरवाजे के सामने कीचड़ भरा है। कासिम के घर के सामने नाली चोक है। वाहिद के घर के सामने कचरा भरा हुआ है। इन लोगों का कहना है कि चार माह से कोई सफाई नहीं हुई।
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ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान के पुत्र मुज्जम्मिल स्वास्थ्य शिविर अपने दरवाजे पर लगवाते हैं। बड़ा गांव होने से वह लोग दवा, जांच कराने से वंचित रह जाते। इससे स्वास्थ्य शिविर तीन जगह सचिवालय, प्राइमरी पाठशाला व मस्जिद के पास लगाया जाए। नूरुल, आरिफ, आफताब, मुशर्रफ, हाकिम आदि मौजूद रहे।
प्रधान शहनाज बेगम के पुत्र मुज्जम्मिल का कहना है स्वास्थ्य टीम की जिम्मेदारी उनकी है। इसलिए कैंप उनके दरवाजे लगा है। गांव में दो सफाई कर्मी रामदास, महेंद्र तैनात हैं। इनमें रामदास सफाई करने आता है, जबकि महेंद्र कमालगंज ब्लॉक में अटैच है। इसलिए सफाई में समस्या आती है। गांव में वह सफाई करवा चुके हैं।