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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल की ओपीडी से डॉक्टर नदारद, भटके मरीज
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फर्रुखाबाद। पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के बाद आईएमए के आह्वान पर लोहिया अस्पताल की ओपीडी से डॉक्टर नदारद रहे। पर्चा काउंटरों पर लंबी कतारें लगी रहीं। 420 मरीजों के पर्चे तो बने, मगर इलाज के नाम पर लोग भटकते रहे। एक डॉक्टर ने चंद देर मरीजों को दवाएं लिखीं। बालरोग विशेषज्ञ के कमरे में बाहर से आए छह बच्चों को दवाएं लिखते दिखे।
लोहिया अस्पताल में बिना पूर्व सूचना के ही डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में दूरदराज से मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया, मगर डॉक्टर नदारद रहे। अस्पताल प्रशासन के रिकार्ड में डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. नीरज वर्मा संपूर्ण समाधान दिवस और डॉ. मनोज पांडेय व डॉ. प्रवीन कुमार की वीआईपी ड्यूटी लगाई गई। ओपीडी में डॉ. प्रवीन कुमार ने करीब दो घंटे मरीजों को देखकर दवाएं लिखीं, जबकि अन्य कोई भी डॉक्टर नहीं बैठे। बालरोग विशेषज्ञ के कमरे में करीब छह लोग कुर्सियों पर एप्रिन पहनकर बैठे। वह बीमार बच्चों को देखकर दवाएं भी लिख रहे थे। पूछने पर किसी ने भी अपने बारे में जानकारी नहीं दी। ऑनलाइन पंजीकरण और पर्चा बनवाने में घंटों लाइन में लगने के बाद सैकड़ों मरीज बिना दवा लिए ही घर लौटने को मजबूर हो गए।
आयुष व होम्योपैथिक डॉक्टरों के यहां भीड़
ओपीडी में पूरे समय तक आयुष के डॉ. जमीरुद्दीन और होम्योपैथिक डॉ. रूपेश कुमार अपने कमरे में बैठे रहे। अन्य डॉक्टरों के नदारद रहने से उनके यहां मरीजों की खासी भीड़ रही। डॉ. जमीरुद्दीन ने एलोपैथिक दवाएं भी लिखीं। इससे दूरदराज से आए मरीजों को राहत मिली।
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सभागार में निजी डॉक्टरों ने की बैठक
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल सभागार में आईएमए से जुड़े सभी निजी डॉक्टर पहुंचे। इस दौरान अस्पताल के भी कई डॉक्टर बैठक में शामिल हुए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में डॉक्टर से रेप की घटना पर रोष व्यक्त किया। सभी ने एक स्वर से संकल्प लिया कि घटना में जो भी लोग शामिल हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो वह हर आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे। (संवाद)
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लोहिया अस्पताल में बिना पूर्व सूचना के ही डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में दूरदराज से मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया, मगर डॉक्टर नदारद रहे। अस्पताल प्रशासन के रिकार्ड में डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. नीरज वर्मा संपूर्ण समाधान दिवस और डॉ. मनोज पांडेय व डॉ. प्रवीन कुमार की वीआईपी ड्यूटी लगाई गई। ओपीडी में डॉ. प्रवीन कुमार ने करीब दो घंटे मरीजों को देखकर दवाएं लिखीं, जबकि अन्य कोई भी डॉक्टर नहीं बैठे। बालरोग विशेषज्ञ के कमरे में करीब छह लोग कुर्सियों पर एप्रिन पहनकर बैठे। वह बीमार बच्चों को देखकर दवाएं भी लिख रहे थे। पूछने पर किसी ने भी अपने बारे में जानकारी नहीं दी। ऑनलाइन पंजीकरण और पर्चा बनवाने में घंटों लाइन में लगने के बाद सैकड़ों मरीज बिना दवा लिए ही घर लौटने को मजबूर हो गए।
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आयुष व होम्योपैथिक डॉक्टरों के यहां भीड़
ओपीडी में पूरे समय तक आयुष के डॉ. जमीरुद्दीन और होम्योपैथिक डॉ. रूपेश कुमार अपने कमरे में बैठे रहे। अन्य डॉक्टरों के नदारद रहने से उनके यहां मरीजों की खासी भीड़ रही। डॉ. जमीरुद्दीन ने एलोपैथिक दवाएं भी लिखीं। इससे दूरदराज से आए मरीजों को राहत मिली।
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सभागार में निजी डॉक्टरों ने की बैठक
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल सभागार में आईएमए से जुड़े सभी निजी डॉक्टर पहुंचे। इस दौरान अस्पताल के भी कई डॉक्टर बैठक में शामिल हुए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में डॉक्टर से रेप की घटना पर रोष व्यक्त किया। सभी ने एक स्वर से संकल्प लिया कि घटना में जो भी लोग शामिल हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो वह हर आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे। (संवाद)