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परिषदीय स्कूलों से बच्चों का मोह भंग

Wed, 11 May 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद Updated Wed, 11 May 2016 11:53 PM IST
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Disenchantment of children from schools council
बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूकता रैली निकालते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
खंड शिक्षाधिकारी के निरीक्षण में तमाम शिक्षक अनुपस्थित मिले और बच्चों की उपस्थिति न के बराबर मिली। बीईओ ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को रिपोर्ट दे दी है। बच्चों की उपस्थिति का यह हाल तब है जब आए दिन बच्चे रैली निकालकर अभिभावकों को जागरूक करने में जुटे हैं। मगर लगता है कि बच्चों और अभिभावकों का परिषदीय स्कूलों से मोह भंग हो चुका है।
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बुधवार को खंड शिक्षाधिकारी बेगीश गोयल सुबह 8.45 बजे प्राथमिक विद्यालय जानकीपुर पहुंचे। वहां प्रधानाध्यापक फिरोज खां, सहायक अध्यापक प्रीति सिंह, आशीष कुमार और सरला यादव मौजूद थीं लेकिन उपस्थिति पंजिका पर फिरोज खां, प्रीति और आशीष कुमार के हस्ताक्षर नहीं थे। विद्यालय में कोई भी बच्चा मौजूद नहीं था।
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विद्यालय भवन गंदा पड़ा था। शिक्षक डायरी नहीं बनी थी। प्रधान ने बीईओ से शिकायत की कि विद्यालय मेें कभी भी छात्र उपस्थिति दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी जबकि मध्यान्ह भोजन पंजिका पर रोजाना 50 बच्चे दर्ज किए जाते हैं। भोजन की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है और दूध का वितरण भी नहीं कराया जाता है। बीईओ ने प्रधानाध्यापक फिरोज खां का वेतन रोकने तथा अन्य शिक्षकों को शिक्षण कार्य में रुचि न लेने के मामले में प्रतिकूल प्रविष्टि देने की संस्तुति की।
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प्राथमिक विद्यालय बबुरारा मेें 48 में से मात्र 6 बच्चे मौजूद थे। रसोइया के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया था। भुगतान न करने के मामले में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका संध्या को चेतावनी नोटिस जारी किया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला दमू में सुबह 9.20 बजे शिक्षिका प्रतिभा अवस्थी जुलाई 2015 से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं।

बीईओ ने प्रतिभा अवस्थी को सेवा से पृथक करने के लिए कार्रवाई की संस्तुति की। इसी विद्यालय में 10 मई से शिक्षिका पूजा गंगवार बगैर सूचना दिए अनुपस्थित मिलीं। विद्यालय में 28 में से मात्र 8 बच्चे मौजूद थे। पूजा गंगवार का वेतन रोकने की संस्तुति की गई।

प्राथमिक विद्यालय नगला दमू में 85 में मात्र 55 बच्चे मौजूद मिले। शिक्षक डायरी नहीं मिली। विद्यालय में प्रेरक अरुण कुमार और अल्का नदारत थे। उपस्थिति पंजिका भी विद्यालय में नहीं थी। दोनों प्रेरकों का मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई है। छात्र उपस्थिति पंजिका में 7 मई से हाजिरी नहीं लगाई गई थी। प्रधानाध्यापक भूपेंद्र सिंह और सहायक अध्यापक ब्रजेंद्र सिंह को चेतावनी नोटिस जारी किया गया।

प्राथमिक विद्यालय घुमईया रसूलपुर में 37 में से मात्र नौ बच्चे मौजूद मिले। बच्चों को न तो एमडीएम दिया गया था और न ही दूध वितरित किया गया था। बच्चों ने बताया कि उन्हें कई माह से दूध नहीं मिला है। विद्यालय में प्रेरक गोपालकृष्ण और नुपूर गंगवार अनुपस्थित मिलीं। उनका उपस्थिति रजिस्टर भी विद्यालय में नहीं मिला। दोनों प्रेरकों का मानदेय रोकते हुए विभागीय कार्रवाई की गई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक का वेतन रोकने तथा सहायक अध्यापक को चेतावनी नोटिस जारी किया गया।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय घुमईया रसूलपुर में 10.25 बजे 31 में दो बच्चे मौजूद मिले। बच्चों को न तो एमडीएम दिया गया था और न ही दूध वितरित किया गया था। बच्चों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से दूध नहीं दिया गया है। शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर पर शिक्षिका आरती गंगवार 24 अगस्त 2015 से 19 सितंबर 2015 और 5 से 20 अक्तूबर तक चिकित्सीय अवकाश पर रहीं। इसके बाद 21 से 19 नवंबर तक अनुपस्थित रहीं।

चिकित्सीय अवकाश किसी भी अधिकारी से स्वीकृत नहीं कराया गया था। शिक्षिका आरती गंगवार का वेतन रोकने की संस्तुति की गई। प्रधानाध्यापक महेशचंद्र का वेतन रोकने और शिक्षक राजीव कुमार को चेतावनी नोटिस जारी किया गया। प्राथमिक विद्यालय सहसा जगदीशपुर में निरीक्षण के दौरान पता चला कि सहायक अध्यापिका सोनल गंगवार एक दिन पहले ही हस्ताक्षर करके चली गईं थीं।

ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका आए दिन विद्यालय से गायब रहती हैं। यहां 29 में 11 बच्चे मौजूद मिले। एमडीएम और दूध का वितरण नहीं किया गया था। प्रधानाध्यापक प्रेरणा सिंह, सहायक अध्यापक सोनल गंगवार के वेतन रोकने की संस्तुति की गई है।

जय किसान मॉडल प्राइमरी जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक उदयवीर सिंह उपस्थित मिले। विद्यालय में 129 में 11 बच्चे मौजूद थे। बच्चों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन बुधवार से दूध नहीं दिया गया। दूध वितरण न करने के मामले में प्रधानाध्यापक से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। खंड शिक्षाधिकारी बेगीश गोयल ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को सौंपी जाएगी।

 स्कूल चलो अभियान के तहत आधा दर्जन से अधिक परिषदीय विद्यालयों की ओर से रैली निकाली गई। इसमें शामिल बच्चों ने अभिभावकों से बच्चों को विद्यालय भेजने की अपील की। क्षेत्र के किशोर न्याय पंचायत से प्राथमिक विद्यालय संतकुईंया, फरीदपुर, लहरा, दलेलगंज, अद्दूपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय फरीदपुर, लहरा से बच्चों ने स्कूल चलो अभियान के तहत रैली निकाली।


रैली को एनपीआरसी मनोज गंगवार ने झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बच्चे हाथ में स्लोगन लिखी पट्टिकाएं लिए नारेबाजी कर रहे थे। बच्चों ने गांव में घूम-घूम कर अभिभावकों से शतप्रतिशत नामांकन कराने की अपील की। इस मौके पर वीरेंद्र गंगवार, राजीव कुमार, सोवरन सिंह, संजय कुमार, अवधेश कुमार, प्रभात गंगवार, शैलेंद्र सिंह, नीलम सिंह, रेनू, संध्या आदि मौजूद रहे। 
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