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Farrukhabad News: मकान में काम कर रहे मजदूर की मौत, करंट लगने की आशंका
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फर्रुखाबाद। पहली मंजिल पर चल रहे मरम्मत कार्य के बाद दोपहर में खाना खाने आते समय एक मजदूर लोहे की सीढ़ी ला रहा था। राजमिस्त्री के नीचे उतरने पर मजदूर बेहोशी हालत में पड़ा मिला। एंबुलेंस से उसे लोहिया अस्पताल लाया गया। यहां मजदूर मृत घोषित कर दिया गया। उसके करंट लगने की आशंका जताई जा रही है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव भुड़िया निवासी धनीराम कश्यप (35) पांचाल घाट रोड मसेनी निवासी श्याम कुमार के घर मरम्मत का काम करने गए थे। पहली मंजिल से लोहे की सीढ़ी लाते वक्त वह नीचे बेहोशी अवस्था में पड़े मिले। ऊपर से आए राजमिस्त्री ने धनीराम को बेहोश देखा तो एंबुलेंस से उसे लोहिया अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने धनीराम को मृत घोषित कर दिया।
याकूतगंज निवासी राजमिस्त्री प्रदीप ने बताया कि वह धनीराम को सुबह 10 बजे रोडवेज बस अड्डा से काम पर ले गया था। दोपहर करीब एक बजे धनीराम ने खाना खाने की बात कहकर काम बंद कर दिया। वह पहली मंजिल पर हाथ धुलने लगे। धनीराम ने कहा कि सीढ़ी लेकर नीचे जा रहा हूं। वहीं खाना खाएंगे। प्रदीप कुछ देर बाद नीचे उतरे तो धनीराम बेहोशी हालत में पड़े थे। उन्हें एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल लाए।
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लोहे की सीढ़ी लाते वक्त करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। सूचना पर भाई और बच्चे लोहिया अस्पताल पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। धनीराम चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनसे बड़े राजपाल, सजल पाल, बदनपाल हैं। मृतक के पुत्री कोमल, खुशबू, कंचन व पुत्र रोहित है। पत्नी गीता का रो-रो कर बुरा हाल था।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव भुड़िया निवासी धनीराम कश्यप (35) पांचाल घाट रोड मसेनी निवासी श्याम कुमार के घर मरम्मत का काम करने गए थे। पहली मंजिल से लोहे की सीढ़ी लाते वक्त वह नीचे बेहोशी अवस्था में पड़े मिले। ऊपर से आए राजमिस्त्री ने धनीराम को बेहोश देखा तो एंबुलेंस से उसे लोहिया अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने धनीराम को मृत घोषित कर दिया।
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याकूतगंज निवासी राजमिस्त्री प्रदीप ने बताया कि वह धनीराम को सुबह 10 बजे रोडवेज बस अड्डा से काम पर ले गया था। दोपहर करीब एक बजे धनीराम ने खाना खाने की बात कहकर काम बंद कर दिया। वह पहली मंजिल पर हाथ धुलने लगे। धनीराम ने कहा कि सीढ़ी लेकर नीचे जा रहा हूं। वहीं खाना खाएंगे। प्रदीप कुछ देर बाद नीचे उतरे तो धनीराम बेहोशी हालत में पड़े थे। उन्हें एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल लाए।
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लोहे की सीढ़ी लाते वक्त करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। सूचना पर भाई और बच्चे लोहिया अस्पताल पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। धनीराम चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनसे बड़े राजपाल, सजल पाल, बदनपाल हैं। मृतक के पुत्री कोमल, खुशबू, कंचन व पुत्र रोहित है। पत्नी गीता का रो-रो कर बुरा हाल था।