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Farrukhabad News: डीएपी खत्म, मजबूरी में लेनी पड़ी एनपीके
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फोटो-7 इफको केंद्र पर खाद लेकर जाता किसान। संवाद
कायमगंज। धान की रोपाई के बीच डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। शनिवार को कंपिल रोड स्थित इफको केंद्र पर सुबह से खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लग गई। कई किसानों को पांच घंटे इंतजार के बाद डीएपी मिली, जबकि कई डीएपी खत्म होने पर मजबूरी में एनपीके लेकर लौटे।
गांव धर्मपुर निवासी किसान रमेश ने बताया कि वह सुबह आठ बजे लाइन में लगे थे। दोपहर एक बजे उन्हें दो बोरी डीएपी मिल सकी। कुछ देर बाद ही डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया। गांव अल्लाहपुर निवासी रामरतन ने बताया कि डीएपी के साथ 650 रुपये की जिंक भी लेने के लिए कहा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि निजी दुकानों पर खाद निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जबकि सहकारी समितियों पर केवल सदस्य किसानों को ही खाद मिलती है।
गांव नरसिंहपुर निवासी पान सिंह ने बताया कि यूरिया का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये है, लेकिन निजी दुकानों पर 350 से 400 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। शनिवार को भी घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा। गांव महमदीपुर निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि केंद्र खुलने के बाद लाइन में लगे थे लेकिन दोपहर तक डीएपी खत्म हो गई। मजबूरी में एनपीके से ही काम चलाना पड़ेगा।
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केंद्र प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि एनपीके की 376 और यूरिया की 286 बोरी उपलब्ध है। डीएपी और यूरिया की 400-400 बोरी की मांग भेजी गई है, जिसके सोमवार तक पहुंचने की उम्मीद है।
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गांव धर्मपुर निवासी किसान रमेश ने बताया कि वह सुबह आठ बजे लाइन में लगे थे। दोपहर एक बजे उन्हें दो बोरी डीएपी मिल सकी। कुछ देर बाद ही डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया। गांव अल्लाहपुर निवासी रामरतन ने बताया कि डीएपी के साथ 650 रुपये की जिंक भी लेने के लिए कहा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि निजी दुकानों पर खाद निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जबकि सहकारी समितियों पर केवल सदस्य किसानों को ही खाद मिलती है।
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गांव नरसिंहपुर निवासी पान सिंह ने बताया कि यूरिया का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये है, लेकिन निजी दुकानों पर 350 से 400 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। शनिवार को भी घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा। गांव महमदीपुर निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि केंद्र खुलने के बाद लाइन में लगे थे लेकिन दोपहर तक डीएपी खत्म हो गई। मजबूरी में एनपीके से ही काम चलाना पड़ेगा।
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केंद्र प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि एनपीके की 376 और यूरिया की 286 बोरी उपलब्ध है। डीएपी और यूरिया की 400-400 बोरी की मांग भेजी गई है, जिसके सोमवार तक पहुंचने की उम्मीद है।