कमालगंज। नगरिया गहलवारान गांव से निकाली गई विसर्जन यात्रा में श्रंगीरामपुर गंगा तट तक जमकर अबीर-गुलाल की बारिश हुई। बड़े लोग तो वाहनों पर बैठे थे, बच्चे पैदल ही सिर पर कलश लेकर आगे-आगे चल रहे थे।
नगरिया गहलवारान गांव में मंदिर पर 26 जनवरी से श्रीमद्भागवत चल रही थी। कथा व्यास आचार्य जगन्नाथ शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा को बताया। रविवार को भंडारे के बाद सोमवार को विसर्जन यात्रा शुरू हुई तो कई गांव के लोग भी उमड़ पड़े। श्रद्धालु वाहनों पर बैठकर रवाना हुए। बच्चे कलश लेकर आगे पैदल ही चले। राधे राधे श्याम मिला दे का घोष करते भक्त आगे बढ़ रहे थे। श्रंगीरामपुर गंगा तट पर जाकर कलश का भू विसर्जन किया गया। सुरेश, जगन्नाथ, सुभाष, राकेश, सोबरन सिंह आदि भी शामिल रहे। संवाद