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गैर इरादतन हत्या में पति और सास को दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Sun, 08 May 2016 12:34 AM IST
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लाोक अदालत
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अपर जिला जज ने विवाहिता की गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में पति और सास को दोषी पाकर दस साल का कारावास और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
लोकनाथ सिंह ने 26 अप्रैल 2007 को अपनी पुत्री रामा की शादी राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव उजरामऊ निवासी दीपू उर्फ दीपक उर्फ प्रदीप के साथ की थी। शादी के बाद से ससुरालीजन बाइक और टीवी की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता का उत्पीड़न शुरू कर दिया। मायकेवालों ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। दबाव बनने पर उत्पीड़न न करने का आश्वासन देकर ससुरालियों ने समझौता कर लिया।
27 सितंबर 2012 को ससुरालीजन पुत्री को घर से विदा करा ले गए। 27 नवंबर 2012 को उसके जल जाने की जानकारी मिली। 2 दिसंबर 2012 को उपचार के दौरान रामा की मौत हो गई। मृतका के पिता लोकनाथ सिंह ने पति दीपू उर्फ दीपक उर्फ प्रदीप व सास विट्टनदेवी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अपनी - अपनी दलीलें पेश कीं।
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सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति और सास को दहेज उत्पीड़न और गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में दोषी पाकर दस-दस साल की कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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लोकनाथ सिंह ने 26 अप्रैल 2007 को अपनी पुत्री रामा की शादी राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव उजरामऊ निवासी दीपू उर्फ दीपक उर्फ प्रदीप के साथ की थी। शादी के बाद से ससुरालीजन बाइक और टीवी की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता का उत्पीड़न शुरू कर दिया। मायकेवालों ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। दबाव बनने पर उत्पीड़न न करने का आश्वासन देकर ससुरालियों ने समझौता कर लिया।
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27 सितंबर 2012 को ससुरालीजन पुत्री को घर से विदा करा ले गए। 27 नवंबर 2012 को उसके जल जाने की जानकारी मिली। 2 दिसंबर 2012 को उपचार के दौरान रामा की मौत हो गई। मृतका के पिता लोकनाथ सिंह ने पति दीपू उर्फ दीपक उर्फ प्रदीप व सास विट्टनदेवी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अपनी - अपनी दलीलें पेश कीं।
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सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति और सास को दहेज उत्पीड़न और गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में दोषी पाकर दस-दस साल की कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।