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बाइक चोरी में बेटा गिरफ्तार, सदमे में मां ने दम तोड़ा

Tue, 01 Nov 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद Updated Tue, 01 Nov 2016 11:22 PM IST
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Son arrested in bike theft, shocked mother died
जाम लगाए वृद्धा के परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बाइक चोरी के मामले में बेटे की गिरफ्तारी की सूचना मंगलवार को सुन मां ने सदमे से दम तोड़ दिया। हादसे से खफा परिजनों ने रेलवे तिराहे पर शव रख जाम लगाया । पुलिस ने मौके  पर पहुंच परिजनों को समझाबुझाकर शांत किया। परिजनों ने स्वाट प्रभारी पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया है। एसओ ने घटना की जानकारी एसपी को दी। इसके बाद आरोपी युवक को जमानत पर छोड़ दिया गया।
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बाइक चोर गिरोह में शामिल नई बस्ती निवासी शकील को स्वाट टीम ने 30 अक्तूबर को कस्बे से हिरासत मेें  लिया था। आरोपी शकील के भाई सफी अहमद के मुताबिक इसकी सूचना जब मां यासमीन को हुई तो वह पुलिस लाइन फतेहगढ़ पहुंची। उन्होंने स्वाट टीम प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि चोरी की जो बाइक शकील के पास है। उसे लाकर दे दें तो वे शकील को छोड़ देंगे। इस पर बाइक को स्वाट प्रभारी को सौंप दिया।
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आरोप है इसके बाद उन्होंने यासमीन से पचास हजार रुपये की मांग की। सफी अहमद ने बताया कि उसकी मां को बताया गया कि उसके बेटे शकील की बहुत पिटाई भी हुई है।  परिवार की माली हालत ठीक न होने के चलते यासमीन पैसों के लिए इधर-उधर भटकती रही। पैसों की व्यवस्था न हो पाने के कारण वह रात भर रोती रही और गरीबी को कोसती रही। सोमवार को जब उसे पता चला कि उसके बेटे को जेल भेजे जाने की तैयारी कर ली गई है।
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इससे उसको सदमा बैठ गया और वह बेहोश हो गई। मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। दोपहर बाद परिजनों ने यासमीन का शव रेलवे तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया । सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई। आनन फानन थानाध्यक्ष मोहित यादव पुलिस बल के साथ रेलवे तिराहे पहुंचे।


एसओ ने परिजनों को समझा बुझाकर शव को सड़क किनारे करवाया। परिजनों ने पुलिस से शकील को रिहा करने की मांग की। इस पर एसओ ने पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता की और परिजनों को शकील के रिहा किए जाने का आश्वासन दिया। कोतवाल अजीत सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शकील को जमानत दे दी गई है। इधर, स्वाट टीम के प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी का भाई जो आरोप लगा रहा है। वह गलत है। उन्होंने किसी से रुपयों की मांग नहीं की थी।

 
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