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छह भाइयों समेत 11 को तीन-तीन साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Fri, 01 Apr 2016 01:22 AM IST
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विशेष अदालत ईसीएक्ट के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने जानलेवा हमले के मुकदमे के छह सगे भाइयों समेत 11 अभियुक्तों को दोषी पाकर तीन-तीन साल की सजा सुनाई और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी राजबहादुर अपने चचेरे भाई जंग सिंह और अजमेर सिंह के साथ 3 नवंबर 2002 को खेत पर जा रहे थे। पुरानी रंजिश में रास्ते में गांव के विशुन दयाल के पुत्रगण कुवर पाल, अजय पाल, श्यामपाल, राजपाल, वृजपाल, व्रषसिंह, रतीराम के पुत्रगण जयसिंह, सुरेश, मुकेश, सिंहमणी, शिववीर सिंह ने घर पर मारपीट कर दी थी।
जाने से मारने की नीयत से फायरिंग की। गोली लगने से जंगसिंह और अजमेर सिंह घायल हो गए थे। हमलावरों के खिलाफ राजबहादुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपियों को दोषी पाकर धारा 147, 148 आईपीसी में दोषी पाकर एक-एक साल की सजा सुनाई। धारा 307/149 आईपीसी के जुर्म में तीन साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी राजबहादुर अपने चचेरे भाई जंग सिंह और अजमेर सिंह के साथ 3 नवंबर 2002 को खेत पर जा रहे थे। पुरानी रंजिश में रास्ते में गांव के विशुन दयाल के पुत्रगण कुवर पाल, अजय पाल, श्यामपाल, राजपाल, वृजपाल, व्रषसिंह, रतीराम के पुत्रगण जयसिंह, सुरेश, मुकेश, सिंहमणी, शिववीर सिंह ने घर पर मारपीट कर दी थी।
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जाने से मारने की नीयत से फायरिंग की। गोली लगने से जंगसिंह और अजमेर सिंह घायल हो गए थे। हमलावरों के खिलाफ राजबहादुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपियों को दोषी पाकर धारा 147, 148 आईपीसी में दोषी पाकर एक-एक साल की सजा सुनाई। धारा 307/149 आईपीसी के जुर्म में तीन साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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