{"_id":"9aad63ab3c285f7a14c5a13b859c1661","slug":"district-prison-inmates-escaped-convict-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला जेल से सजायाफ्ता कैदी फरार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिला जेल से सजायाफ्ता कैदी फरार
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 23 Jan 2015 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला जेल से सजायाफ्ता कैदी गुरुवार शाम बरसात के दौरान फरार हो गया। कैदी
विज्ञापन
दक्षिण दिशा में बनी दीवार को रस्सी के सहारे फांद कर भागा है। शाम को गणना
के दौरान मामला खुला लेकिन जेल प्रशासन घटना को दबाने में जुटा रहा। रातभर
खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला तो जेल अधीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज क राई।
शुक्रवार को डीआईजी जेल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि दो बंदी रक्षकों की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के बाद बंदी रक्षकों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने भागे कैदी पर रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
थाना राजेपुर के गांव मोहद्दीपुर निवासी ओमवीर सिंह पुत्र हंसराज सिंह को पुलिस ने एडीपीएस में बंदी बनाया था। ओमवीर सिंह 26 जून 2011 को जेल में दाखिल हुआ था। 11 जुलाई 2012 को उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। तबसे वह बैरक नंबर 4 सी में बंद था। गुरुवार की सुबह 7.20 बजे बैरक से 18 बंदियों के साथ इसे भी बगीचेे में काम करने के लिए भेजा गया था।
सुबह 9.55 बजे इसे दोबारा बैरक में बंद किया गया। दोपहर फिर बाहर निकाला गया। इस बीच दोपहर बाद ओमवीर साथियों की मदद से रस्सी के माध्यम से दक्षिणी दीवार पर चढ़ कर फरार हो गया। शाम को गिनती के दौरान कैदी के भागने की जानकारी मिली, लेकिन जेल प्रशासन मामले को दबाए रखा। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन आसपास खोजबीच करता रहा,
लेकिन कैदी के बारे में जानकारी नहीं मिली। शुक्रवार सुबह फिर बारीकी से निरीक्षण किया गया तो दक्षिण की ओर दीवार पर पैरों के निशान मिले। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने आलाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। साथ ही कैदी ओमवीर सिंह के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में मामला दर्ज कराया। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी दोपहर 3 बजे से 5.30 बजे के बीच फरार हुआ है। उनका मानना है कि कैदी के साथियों ने बाहर से रस्सी अंदर फेंकी। इसी के सहारे कैदी भागा।
उधर शुक्रवार शाम को डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ भी मौके पर पहुंच गए। डीआईजी ने मौके पर जाकर जांच की। अधीक्षक ने बताया कि ओमवीर सिंह को धारा 436 में तीन साल की सजा हो चुकी है। यह सजा 2 जनवरी 2014 को हुई थी।
जेल में फोर्स की कमी
जिला जेल की क्षमता 750 बंदियाें की है। इसके सापेक्ष 1328 बंदी हैं। सुरक्षा के लिए 6 डिप्टी जेलर के पद हैं। इनमें से एक की ही तैनाती है। 11 हेड कास्टेबलों में से 8 ही तैनात है। 70 के सापेक्ष 46 बंदी रक्षक हैं। 2 महिला हेडकांस्टेबिल के बजाए 1 की तैनाती है। 8 महिला बंदी रक्षकों की तैनाती है। ड्यूटी पर एक ही है। जेल अधीक्षक ने बताया कि इनमें भी कई छुट्टी पर हैं।
कैदी की तलाश में दबिश
जिला जेल से भागे कैदी ओमवीर सिंह के भागने जानकारी पर पुलिस की टीम ने उसके घर पर छापेमारी की। कैदी के न मिलने पर पुलिस की टीम लौट गई। पुलिस ने ओमवीर के परिजनों पर नजर रखना शुरू कर दी है।
दीवार की तरफ से भागने पर संशय
जिला जेल की दीवार से कैदी के भागने पर हर कोई संशय कर रहा है। अहम सवाल है कि इतनी उंची दीवार पर चढ़ कर कैदी भाग कैसे गया। दिन में कैदी दीवार पर चढ़ा तो उस पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। जबकि जेल की दीवार पर निगरानी के लिए सिपाही लगातार गश्त करता रहता है। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि बंदी रक्षक दीपक दीक्षित और ब्रजमोहन के खिलाफ जांच की जा रही है। खास बात यह भी है कि ओमवीर से दो माह में किसी ने मुलाकात नहीं की थी।
भागा कैदी दरोगा से कर चुका हाथापाई
फर्रुखाबाद। ओमवीर सिंह ने 26 जून 2011 को थाने के दरोगा रणवीर सिंह से विवाद होने पर हाथापाई कर दी थी। इस दौरान तलाशी में पुलिस को उसके पास से नशीला पाउडर भी मिला था। ओमवीर के खिलाफ एक युवती से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने का मामला भी दर्ज है। ओमवीर ने परिवार में विवाद होने पर उसने अपने घर में आग लगा दी थी। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
शुक्रवार को डीआईजी जेल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि दो बंदी रक्षकों की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के बाद बंदी रक्षकों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने भागे कैदी पर रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
थाना राजेपुर के गांव मोहद्दीपुर निवासी ओमवीर सिंह पुत्र हंसराज सिंह को पुलिस ने एडीपीएस में बंदी बनाया था। ओमवीर सिंह 26 जून 2011 को जेल में दाखिल हुआ था। 11 जुलाई 2012 को उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। तबसे वह बैरक नंबर 4 सी में बंद था। गुरुवार की सुबह 7.20 बजे बैरक से 18 बंदियों के साथ इसे भी बगीचेे में काम करने के लिए भेजा गया था।
सुबह 9.55 बजे इसे दोबारा बैरक में बंद किया गया। दोपहर फिर बाहर निकाला गया। इस बीच दोपहर बाद ओमवीर साथियों की मदद से रस्सी के माध्यम से दक्षिणी दीवार पर चढ़ कर फरार हो गया। शाम को गिनती के दौरान कैदी के भागने की जानकारी मिली, लेकिन जेल प्रशासन मामले को दबाए रखा। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन आसपास खोजबीच करता रहा,
लेकिन कैदी के बारे में जानकारी नहीं मिली। शुक्रवार सुबह फिर बारीकी से निरीक्षण किया गया तो दक्षिण की ओर दीवार पर पैरों के निशान मिले। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने आलाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। साथ ही कैदी ओमवीर सिंह के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में मामला दर्ज कराया। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी दोपहर 3 बजे से 5.30 बजे के बीच फरार हुआ है। उनका मानना है कि कैदी के साथियों ने बाहर से रस्सी अंदर फेंकी। इसी के सहारे कैदी भागा।
उधर शुक्रवार शाम को डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ भी मौके पर पहुंच गए। डीआईजी ने मौके पर जाकर जांच की। अधीक्षक ने बताया कि ओमवीर सिंह को धारा 436 में तीन साल की सजा हो चुकी है। यह सजा 2 जनवरी 2014 को हुई थी।
जेल में फोर्स की कमी
जिला जेल की क्षमता 750 बंदियाें की है। इसके सापेक्ष 1328 बंदी हैं। सुरक्षा के लिए 6 डिप्टी जेलर के पद हैं। इनमें से एक की ही तैनाती है। 11 हेड कास्टेबलों में से 8 ही तैनात है। 70 के सापेक्ष 46 बंदी रक्षक हैं। 2 महिला हेडकांस्टेबिल के बजाए 1 की तैनाती है। 8 महिला बंदी रक्षकों की तैनाती है। ड्यूटी पर एक ही है। जेल अधीक्षक ने बताया कि इनमें भी कई छुट्टी पर हैं।
कैदी की तलाश में दबिश
जिला जेल से भागे कैदी ओमवीर सिंह के भागने जानकारी पर पुलिस की टीम ने उसके घर पर छापेमारी की। कैदी के न मिलने पर पुलिस की टीम लौट गई। पुलिस ने ओमवीर के परिजनों पर नजर रखना शुरू कर दी है।
दीवार की तरफ से भागने पर संशय
जिला जेल की दीवार से कैदी के भागने पर हर कोई संशय कर रहा है। अहम सवाल है कि इतनी उंची दीवार पर चढ़ कर कैदी भाग कैसे गया। दिन में कैदी दीवार पर चढ़ा तो उस पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। जबकि जेल की दीवार पर निगरानी के लिए सिपाही लगातार गश्त करता रहता है। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि बंदी रक्षक दीपक दीक्षित और ब्रजमोहन के खिलाफ जांच की जा रही है। खास बात यह भी है कि ओमवीर से दो माह में किसी ने मुलाकात नहीं की थी।
भागा कैदी दरोगा से कर चुका हाथापाई
फर्रुखाबाद। ओमवीर सिंह ने 26 जून 2011 को थाने के दरोगा रणवीर सिंह से विवाद होने पर हाथापाई कर दी थी। इस दौरान तलाशी में पुलिस को उसके पास से नशीला पाउडर भी मिला था। ओमवीर के खिलाफ एक युवती से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने का मामला भी दर्ज है। ओमवीर ने परिवार में विवाद होने पर उसने अपने घर में आग लगा दी थी। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।