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बच्चे ही हत्या के बाद बवाल

Mon, 07 Sep 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फर्रुखाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, फर्रुखाबाद Updated Mon, 07 Sep 2015 11:34 PM IST
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Child murder after the storm
बालक की हत्या कर शव नाले में फेंक दिया गया। सोमवार सुबह शव मिलते ही लोग
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आक्रोशित हो गए। बाजार बंद कर शव सड़क पर रख रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान आरोपी को पीटा गया। किसी तरह पुलिस ने आरोपी को भीड़ के चंगुल से बचाया। तनाव को देखते हुए उसे फर्रुखाबाद कोतवाली के बजाय फतेहगढ़ भेज दिया गया। इस दौरान मोहल्ले में बड़ी संख्या में

फोर्स तैनात रही। परिजनों ने मोहल्ले के ही दंपति समेत चार लोगाें पर बच्चे का अपहरण कर हत्या करके शव को नाले में फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम में छात्र की मुंह व नाक दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गुदड़ी पक्कापुल निवासी बबलू बाल्मीकि का बेटा आदित्य (7) रविवार 

दोपहर करीब दो बजे घर के पास स्थित सुल्तान की दुकान से सौदा लेने गया था। इसके बाद  शाम तक घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। बबलू ने तिकोना चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शाम कोे कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, फिर भी पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। सोमवार सुबह आदित्य का शव घर से थोड़ी दूर

नाले में मिला। आदित्य के हाथ पैर मोबाइल के चार्जर की लीड से बंधे थे। इससे गुस्साए लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। शव नाले से निकाला और चौक पर जाम लगा दिया। शहर कोतवाल आरपी यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे पहुंचे। शव हटाने को लेकर परिजनों की कोतवाल से तीखी नोकझोंक हो गई। परिजनों ने  मोहल्ले के ही जमील अहमद उर्फ मुन्ना बंजी,

उसकी पत्नी शया, बेटा तालिफ, अन्नू और उनके यहां क्लीनिक चला रहे डा. ब्रजेश सक्सेना निवासी मसेनी पर बच्चे को अगवा कर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। इस दौरान पुलिस ने छापा मार कर मुन्ना बंजी को हिरासत में लेकर फतेहगढ़ भेज दिया।  एसडीएम सदर सुनील वर्मा व सीओ योगेश कुमार ने परिजनों को आश्वासन देकर करीब तीन घंटे बाद रास्ता खुलवाया।

पुलिस के सामने आरोपी डाक्टर को पीटा
अपहरण के बाद बच्चे की हत्या के बाद भड़के लोगों ने चौक बाजार में शव रखकर जाम लगा दिया। इसदौरान परिजनों ने बाजार से निकल रहे आरोपी डाक्टर को पुलिस के सामने ही पकड़ लिया और लात घूंसों से जमकर धुन दिया। यह देखकर पुलिस ने डाक्टर को बचाकर एसडीएम सदर की गाड़ी में बैठा दिया। उसे ले जाने को लेकर विवाद होने लगा। एसडीएम की

गाड़ी भगाने पर लोगों ने पथराव कर दिया। हालांकि कोई छति नहीं हो सकी। सोमवार को शहर के चौक बाजार में शव को रखकर जाम लगाए बालक के परिवार के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान शहर के गांव मसेनी निवासी डा. ब्रजेश सक्सेना जो कि मुन्ना बंजी के यहां क्लीनिक चलाता है वहां से निकल रहा था। मोहल्ले वालों ने उसे
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बिजली घर के पास पकड़ लिया और लात घूंसों से पीटने लगे।  मारपीट होते देखकर एसओ मऊदरवाजा सुनील यादव मौके पर आ गए। एसओ ने पुलिस कर्मियों के सहयोग से हमलावरों के चंगुल से डाक्टर को बचाया और एसडीएम सदर की गाड़ी में बैठा दिया गया। यहां पर एसओ शमसाबाद कुलदीप दीक्षित, मऊदरवाजा एसओ सुनील यादव के साथ ही सिपाही सूमो
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को चारों ओर से घेर कर खड़े रहे। हिंदु महासभा के जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम की कुलदीप से नोंकझोंक हो गई। इस दौरान किसी युवक ने सूमो की चाबी निकाल ली। पुलिस ने उसे हड़का कर चाबी ली।  बता दें कि मामले में डाक्टर को भी आरोपी बनाया गया है।

तीन डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
एसपी ने डीएम को पत्र लिख कर तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई। पुलिस की देखरेख में शव का अंमित संस्कार किया गया। शहर में बालक की हत्या की जानकारी होने पर एसपी दिनेश कुमार पी ने तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएम को पत्र लिखा। डीएम ने सीएमओ को इस बावत आदेश दिए।

इसके बाद डा. ब्रजेश सिंह, डा. योगेंद्र सिंह, डा. प्रदीप कुमार के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार बालक की हत्या मुंह नाक दबा कर की गई है।

भीड़ के कारण डॉग स्क्वायड फेल
भीड़  के कारण डॉग स्क्वायड फिर से फेल हो गया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने एसएसआई से कहा कि घटनास्थल को यलो टेप से सील कर किसी को भी मौके पर जाने से रोका जाए। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जाम लगाने वालों की मांग पर अफसरों के निर्देश पर डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट की टीम मृतक के घर पहुंची। यहां टीम ने मृतक के पिता

बबलू सेबच्चे का स्कूली बैग, नेकर, और टिफिन को कुत्ते को सुंघाया। इसके बाद कुत्ता आस्कर वहां से गली से होता हुआ मुन्ना बंजी की गैरिज में पहुंचा। यहां ताला लगा था। सीओ सिटी के निर्देश पर पुलिस ने हथौड़े से गैरिज का ताला तोड़ा। इसके बाद एक और ताले को तोड़ा गया। यहां कुत्ता घूमता रहा और फिर नाले के पास आ गया। इसके बाद वह यहां से गैरिज की छत पर जाकर घूमता रहा। लेकिने कोई क्लू नहीं मिला। इस पर टीम के सदस्यों ने एसएसआई मेघनाथ सिंह से

कहा कि घटना होने पर यलो टेप से घटना स्थल को सील कर दिया जाए और वहां किसी को भी जाने से रोका जाए। इससे कुत्ते को किसी और की गंध न लग सके। यह सुनकर एसएसआई ने टीम प्रभारी विपिन कुमार और फिंगर प्रिंट के सुनील कुरील से कहा कि उनको काफी समय पहले सूचना भेज दी गई थी। टीम काफी देर से आई।

बवाल के दौरान बंद रहा बाजार
चौक बाजार में बच्चे के परिजन पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस लोगों को शांत करने में जुटी रही थी। दुकानदार आ गए थे लेकिन बवाल होने के कारण दुकानें खोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जब शव चला गया तब कही जाकर दुकानें खुली।

बेटे का शव देख मां अचेत
चौक बाजार में आदित्य का शव चारपाई पर रखा था। यहां पर मृतक की मां आशादेवी के अलावा परिवार के लोग भी थे। शव को देखकर मां कअचेत हो गई। इस दौरान मोहल्ले के लोग धूप से बचने के लिए मोमिया लेकर आए और उसे चारों ओर से बांध दिया। परिजनों ने बताया कि आदित्य कक्षा 1 में पढ़ता था। 

शहर क्षेत्र बना रहा पुलिस छावनी
जाम की सूचना पर एसडीएम सदर सुनील वर्मा, तहसीलदार आरपी चौधरी, फतेहगढ़ कोतवाल अजीत सिंह, मऊदरवाजा एसओ सुनील यादव, राजेपुर एसओ नरेंद्र गौतम, शमसाबाद एसओ कुलदीप दीक्षित, महिला इंस्पेक्टर अर्चना गौतम, स्वाटटीम प्र्रभारी ब्रजेश यादव के साथ ही पीएसी बल जाम स्थल पर पहुंच गया था। शव उठने के बाद भी फोर्स शहर में तैनात बना रहा।

सीओ के हमराह का वीडियो कैमरा बंद कराया
चौक बाजार में जाम लगाए लोगों को समझाने के लिए सीओ सिटी योगेश कुमार के पहुंचने पर वहां पर मौजूद हिंदू महासभा के पदाधिकारी राजेश मिश्रा की भी सीओ से नोंकझोंक हो गई। पदाधिकारियों का कहना था कि पीड़ित परिवार

कोतवाली से लेकर चौकी तक गया लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इससे साफकि पुलिस की लापरवाही रही है। इस दौरान सीओ के हमराह ने अपना वीडियो कैमरा निकाल लिया और रिकार्डिंग करने लगा। यह देखकर राजेश मिश्रा और परिवार के अन्य लोगों ने कैमरा को बंद करा दिया।

सीओ सिटी पर फेंकी गई चूड़ियां
पुलिस की लापरवाही से बच्चे की की मौत में कोई कार्रवाई न होने पर परिजनों ने त्रिपोलिया चौक पर शव को रख जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान सीओ सिटी योगेश कुमार जाम स्थल पर पहुंचे।  सीओ ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया तो वहां पर मौजूद महिलाओं ने अपने हाथों से चूड़ियां उतार कर उन पर फेंकना शुरू कर दीं। यह देखकर सीओ कुछ देर के लिए शांत हो गए और फिर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
शहर कोतवाल आरपी यादव ने रविवार की देर शाम मृतक के पिता बबलू बाल्मीकि की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली । इसमें कहा गया कि उसका बेटा दुकान पर खड़ा था। इस दौरान वहां से उसका अपहरण कर लिया गया।


भीड़ ने कोतवाली का किया घेराव
बवाल के बाद पुलिस ने मुन्ना बंजी को घर से दबोच लिया और उसे फतेहगढ़ भेज दिया। तभी लोगों को पता चला कि पुलिस ने मुन्ना को पकड़ा ही नहीं। इस पर आक्रोशित लोगों ने हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष राघवदत्त द्विवेदी के साथ कोतवाली का घेराव कर लिया। यहां सीओ सिटी योगेश कुमार, अमृतपुर कालूराम दोहरे से कहा कि वह लोग केवल पकड़े गए आरोपियों को दिखा दें। सीओ सिटी ने राघवदत्त से कहा कि मुन्ना बंजी को पकड़ लिया गया है। 

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