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थाने में बवाल करने वाले 52 लोग चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Sun, 27 Aug 2017 11:28 PM IST
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फर्रुखाबाद। कोटेदार की मौत के बाद कंपिल थाने में हुए पथराव, आगजनी व मारपीट में बवालियों के खिलाफ विवेचनाधिकारी को पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। मोबाइल से बनाए गए वीडियो में उपद्रवी सिपाहियों के क्वार्टरों में घुसकर लूटपाट करते दिख रहे हैं। अब तक ऐसे 52 लोगों को चिह्नित किया गया है।
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इस कांड की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक प्रीतम सिंह का कहना है कि घटना में दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कहीं कोई निर्दोष व्यक्ति झूठा जेल न चला जाए। इस वजह से सुबूत जुटाए जा रहे हैं। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद ही बलवाइयों को नामजद किया जा रहा है। विवेचना के दौरान उन्हें जो वीडियो क्लिप प्राप्त हुई है। उनसे साफ जाहिर है कि लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेकर एक बड़ी घटना को अंजाम दिया है।
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उनका कहना है कि जो लोग इस बवाल में चिह्नित किए जाएंगे उनसे नष्ट की गई सरकारी संपत्ति की पूरी कीमत वसूल की जाएगी। भारतीय दंड प्रक्रिया की धाराओं के तहत उन्हें जेल भेजा जाएगा। विवेचना कई कोणों से की जा रही है। कोटेदार के परिजनों से भी पूछतांछ की जा रही है। थाने के कई सिपाहियों की भूमिका भी जांची जा रही है। यदि पुलिस इस मामले में दोषी पाई गई तो पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। फिलहाल अब तक आधा सैकड़ा से ऊपर बलवाइयों को चिह्नित कर लिया गया है। घटना के समय की कई वीडियो क्लिपें विवेचना में मददगार बनी हैं।
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ये है घटनाक्रम
फर्रुखाबाद। पांच दिन पहले गांव समाउद्दीनपुर में कोटेदार राधेश्याम की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन कोतवाल ललितेश त्रिपाठी व दो सिपाहियों ने पूछतांछ के दौरान रात में मारपीट की जिससे उनकी मौत हुई। इस मामले का कुछ असामाजिक तत्वों ने फायदा उठाकर लोगों को भड़का दिया। इसके बाद समाउद्दीनपुर साथ ही आसपास गांवों के ऐसे लोग जो पुलिस की रडार पर थे, उन्होंने भी आकर थाने में आगजनी, पथराव व लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।