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27 साल बाद पकड़ा गया दोषसिद्ध अभियुक्त
फर्रुखाबाद
Updated Sat, 01 Apr 2017 11:13 PM IST
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कैदी भागा
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फर्रुखाबाद। 27 साल से फरार चल रहे सजायाफ्ता को जनपद हरदोई के हरपालपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतीकउद्दीन ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर छह माह की सजा काटने के लिए जेल भेज दिया है।
हरदोई जिले के थाना हरपालपुर के गांव ग्यानपुर अर्जुनपुर निवासी मुन्नू सिंह दूध बेचने का काम करते हैं। फर्रुखाबाद जिले के खाद्य निरीक्षक ने वर्ष 1989 में दूध बेंचने आए मुन्नू सिंह के दूध का नमूना भरा था। वह नमूना जांच में फेल हो गया। खाद्य निरीक्षक ने दूधिया मुन्नू सिंह के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी सदर उपेंद्र कुमार ने मुन्नू सिंह को मिलावट दूध बेचने के जुर्म में दोषी पाकर 12 सितंबर 1989 को छह माह की सजा और एक हजार रुपये से दंडित किया था।
दोषसिद्ध आरोपी मुन्नू सिंह ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की। तत्कालीन जिला जज आरसीएस चौहान ने 10 अक्तूबर 1990 को दोषसिद्ध अभियुक्त की अपील को खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को बरकरार कर दिया था। इसकी पत्रावली अधीनस्थ न्यायालय में भेजी गई। आरोपी के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उसके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हुए। लेकिन हरपालपुर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पेश नहीं किया।
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पत्रावली एसीजेएम कोर्ट में आने पर एसीजेएम ने हरदोई एसपी, उप महानिरीक्षक लखनऊ को कई बार पत्र लिखा। यह प्रक्रिया लगभग 27 साल से चल रही है। आखिरकार हरपालपुर थाने के दरोगा सतेंद्र सिंह ने मुन्नू को पकड़कर शनिवार को अदालत में पेश किया। एसीजेएम ने आरोपी को जेल भेजा है।
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हरदोई जिले के थाना हरपालपुर के गांव ग्यानपुर अर्जुनपुर निवासी मुन्नू सिंह दूध बेचने का काम करते हैं। फर्रुखाबाद जिले के खाद्य निरीक्षक ने वर्ष 1989 में दूध बेंचने आए मुन्नू सिंह के दूध का नमूना भरा था। वह नमूना जांच में फेल हो गया। खाद्य निरीक्षक ने दूधिया मुन्नू सिंह के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी सदर उपेंद्र कुमार ने मुन्नू सिंह को मिलावट दूध बेचने के जुर्म में दोषी पाकर 12 सितंबर 1989 को छह माह की सजा और एक हजार रुपये से दंडित किया था।
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दोषसिद्ध आरोपी मुन्नू सिंह ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की। तत्कालीन जिला जज आरसीएस चौहान ने 10 अक्तूबर 1990 को दोषसिद्ध अभियुक्त की अपील को खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को बरकरार कर दिया था। इसकी पत्रावली अधीनस्थ न्यायालय में भेजी गई। आरोपी के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उसके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हुए। लेकिन हरपालपुर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पेश नहीं किया।
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पत्रावली एसीजेएम कोर्ट में आने पर एसीजेएम ने हरदोई एसपी, उप महानिरीक्षक लखनऊ को कई बार पत्र लिखा। यह प्रक्रिया लगभग 27 साल से चल रही है। आखिरकार हरपालपुर थाने के दरोगा सतेंद्र सिंह ने मुन्नू को पकड़कर शनिवार को अदालत में पेश किया। एसीजेएम ने आरोपी को जेल भेजा है।