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महिला ने मायके में फांसी लगाकर जान दी
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। थाना क्षेत्र के गांव अलेपुर में मायके आई महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव अलेपुर निवासी हनुमत पाल ने अपनी बेटी ललिता देवी (21) की शादी करीब दो वर्ष पूर्व फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव बुढ़नामऊ निवासी अतुल कुमार के साथ की थी। ललिता देवी की मां रेशमा देवी की करीब दो माह पूर्व मौत हो गई थी। ललिता के दो बड़ी बहनें हैं उनकी शादी हो गई है। घर में पिता अकेले रहते हैं। रविवार शाम को ललिता अपने पति के साथ मायके आई थी।
सोमवार सुबह पति चला गया और पिता खेतों की ओर चले गए। तभी ललिता ने घर के बरामदे में रस्सी से फांसी लगा ली। इस बीच ललिता के चाचा का बेटा शोभित दूध देने पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने कई बार आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं आया। वह छत के रास्ते जीने से नीचे गया। वहां ललिता बरामदे में रस्सी के फंदे से लटक रही थी और उसका छह माह का बेटा सो रहा था। यह देख शोभित ने शोर मचा दिया। इससे मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने ललिता को फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर हनुमत भी खेतों से घर पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि मां की मौत के बाद बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके चलते ही उसने फांसी लगा ली। सूचना पर ललिता के ससुरालीजन भी वहीं पहुंच गए।
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शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। थाना क्षेत्र के गांव अलेपुर में मायके आई महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव अलेपुर निवासी हनुमत पाल ने अपनी बेटी ललिता देवी (21) की शादी करीब दो वर्ष पूर्व फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव बुढ़नामऊ निवासी अतुल कुमार के साथ की थी। ललिता देवी की मां रेशमा देवी की करीब दो माह पूर्व मौत हो गई थी। ललिता के दो बड़ी बहनें हैं उनकी शादी हो गई है। घर में पिता अकेले रहते हैं। रविवार शाम को ललिता अपने पति के साथ मायके आई थी।
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सोमवार सुबह पति चला गया और पिता खेतों की ओर चले गए। तभी ललिता ने घर के बरामदे में रस्सी से फांसी लगा ली। इस बीच ललिता के चाचा का बेटा शोभित दूध देने पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने कई बार आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं आया। वह छत के रास्ते जीने से नीचे गया। वहां ललिता बरामदे में रस्सी के फंदे से लटक रही थी और उसका छह माह का बेटा सो रहा था। यह देख शोभित ने शोर मचा दिया। इससे मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने ललिता को फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर हनुमत भी खेतों से घर पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि मां की मौत के बाद बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके चलते ही उसने फांसी लगा ली। सूचना पर ललिता के ससुरालीजन भी वहीं पहुंच गए।
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