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पुलिस ने 50 हजार के ईनामी को दबोचा
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। स्वाट टीम ने 15 साल से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी बदमाश को सोमवार को मऊदरवाजा क्षेत्र से दबोच लिया। वह अपनी जमीन बेचने आ रहा था। उसपर जिले में डकैती, हत्या समेत आठ व अन्य प्रदेशों में कई मामले दर्ज हैं। 2011 में शाहजहांपुर में हत्या का आरोप भी है।
स्वाट प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने सूचना पर मऊदरवाजा एसओ दधिबल तिवारी, सर्विलांस प्रभारी विनय राय और सतेंद्र यादव के साथ ही मऊदरवाजा के जसमई तिराहा के पास घेराबंदी पकड़ लिया। बदमाश ने अपना नाम मोहम्मदाबाद के आजादनगर बनपोई निवासी मोहन बहेलिया उर्फ राकेश उर्फ मनोज पहाड़ी बताया। उसने बताया कि वह इस समय राजस्थान के जिला अलवर की सदर कोतवाली क्षेत्र के हनुमान मंदिर के सामने रहकर टेंपो चलाता है। सोमवार को वह गांव की संपत्ति बेचने के लिए आ रहा था। पुलिस लाइन में एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि मोहन पर 50 हजार का इनाम था। वह 15 साल से फरार था। मोहन बहेलिया ने शाहजहांपुर जिले के थाना मिर्जापुर के ब्लाक मढ़ैया निवासी वीरपाल गिहार की फतेहगढ़ में 18 फरवरी 2011 को गोली मार हत्या कर दी गई थी। वीरपाल की पत्नी शोभा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में मोहन का नाम सामने आया था।
1974 में चोरी कर आया अपराध की दुनिया में
फर्रुखाबाद। मोहन बहेलिया 1974 में चोरी की घटना को अंजाम देकर अपराध की दुनिया में आया था। इसके बाद उसने लूट, डकैती और हत्याओं को अंजाम दिया। इन घटनाओं से मिलने वाले रुपयों से उसने अपनी बेटियों की शादी के साथ ही मकान बनाया। वह नाम बदल कर अन्य जिलों में रहता था। मौका पाकर अपने सदस्यों के साथ घटना को अंजाम देता था।
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फर्रुखाबाद। स्वाट टीम ने 15 साल से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी बदमाश को सोमवार को मऊदरवाजा क्षेत्र से दबोच लिया। वह अपनी जमीन बेचने आ रहा था। उसपर जिले में डकैती, हत्या समेत आठ व अन्य प्रदेशों में कई मामले दर्ज हैं। 2011 में शाहजहांपुर में हत्या का आरोप भी है।
स्वाट प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने सूचना पर मऊदरवाजा एसओ दधिबल तिवारी, सर्विलांस प्रभारी विनय राय और सतेंद्र यादव के साथ ही मऊदरवाजा के जसमई तिराहा के पास घेराबंदी पकड़ लिया। बदमाश ने अपना नाम मोहम्मदाबाद के आजादनगर बनपोई निवासी मोहन बहेलिया उर्फ राकेश उर्फ मनोज पहाड़ी बताया। उसने बताया कि वह इस समय राजस्थान के जिला अलवर की सदर कोतवाली क्षेत्र के हनुमान मंदिर के सामने रहकर टेंपो चलाता है। सोमवार को वह गांव की संपत्ति बेचने के लिए आ रहा था। पुलिस लाइन में एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि मोहन पर 50 हजार का इनाम था। वह 15 साल से फरार था। मोहन बहेलिया ने शाहजहांपुर जिले के थाना मिर्जापुर के ब्लाक मढ़ैया निवासी वीरपाल गिहार की फतेहगढ़ में 18 फरवरी 2011 को गोली मार हत्या कर दी गई थी। वीरपाल की पत्नी शोभा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में मोहन का नाम सामने आया था।
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1974 में चोरी कर आया अपराध की दुनिया में
फर्रुखाबाद। मोहन बहेलिया 1974 में चोरी की घटना को अंजाम देकर अपराध की दुनिया में आया था। इसके बाद उसने लूट, डकैती और हत्याओं को अंजाम दिया। इन घटनाओं से मिलने वाले रुपयों से उसने अपनी बेटियों की शादी के साथ ही मकान बनाया। वह नाम बदल कर अन्य जिलों में रहता था। मौका पाकर अपने सदस्यों के साथ घटना को अंजाम देता था।
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