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एसडीएम अमृतपुर और पेशकार पर धमकाने का आरोप
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फर्रुखाबाद। एसडीएम अमृतपुर और उनकी कोर्ट के पेशकार के खिलाफ अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया है। इसमें शांतिभंग मुकदमे के आरोपी की जमानत के लिए बीस हजार रुपये मांगने, मना करने पर धमकी देकर अपमानित करने का आरोप लगाया है।
अमृतपुर के गांव अमैयापुर निवासी अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार ने अमृतपुर तहसील के एसडीएम नरेंद्र सिंह व कोर्ट के पेशकार शिशुपाल के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा गया कि 11 अगस्त 2021 को उन्होंने शांतिभंग के मुकदमे के आरोपी सुभाष निवासी कोटियापुर की जमानत अर्जी एसडीएम कोर्ट में पेश की थी। पेशकार ने उससे कहा कि साहब ने कहा कि बीस हजार रुपये ले लो, जमानत स्वीकृत कर दी जाएगी।
आरोपी के परिजन रुपये देने में असमर्थ थे, यह बात कहने के बावजूद जमानत नहीं दी गई। आरोपी के परिजनों ने दूसरे अधिवक्ता का वकालतनामा लगवाया, इसके बावजूद लेनदेन के चक्कर में शाम छह बजे तक सुभाष को बैठाए रहे। इसके बाद बिना जमानत दिए अमृतपुर थाने भेज दिया। दूसरे दिन 12 अगस्त 2021 की सुबह 10 बजे अमृतपुर थाना पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में आरोपी सुभाष को दोबारा पेश किया। दूसरे वकील ने वकालतनामा लगाकर जमानत अर्जी पेश की।
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तब एसडीएम ने सुभाष की जमानत मंजूर कर दी। उसके वकालतनामे पर आरोपी को जमानत न देने से उसके विधि व्यवसाय पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे उसकी छवि धूमिल हुई है। इसका विरोध किया तो एसडीएम और पेशकार हमलावर हो गए और जान से मारने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम के आदेश पर कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है।
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अमृतपुर के गांव अमैयापुर निवासी अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार ने अमृतपुर तहसील के एसडीएम नरेंद्र सिंह व कोर्ट के पेशकार शिशुपाल के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा गया कि 11 अगस्त 2021 को उन्होंने शांतिभंग के मुकदमे के आरोपी सुभाष निवासी कोटियापुर की जमानत अर्जी एसडीएम कोर्ट में पेश की थी। पेशकार ने उससे कहा कि साहब ने कहा कि बीस हजार रुपये ले लो, जमानत स्वीकृत कर दी जाएगी।
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आरोपी के परिजन रुपये देने में असमर्थ थे, यह बात कहने के बावजूद जमानत नहीं दी गई। आरोपी के परिजनों ने दूसरे अधिवक्ता का वकालतनामा लगवाया, इसके बावजूद लेनदेन के चक्कर में शाम छह बजे तक सुभाष को बैठाए रहे। इसके बाद बिना जमानत दिए अमृतपुर थाने भेज दिया। दूसरे दिन 12 अगस्त 2021 की सुबह 10 बजे अमृतपुर थाना पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में आरोपी सुभाष को दोबारा पेश किया। दूसरे वकील ने वकालतनामा लगाकर जमानत अर्जी पेश की।
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तब एसडीएम ने सुभाष की जमानत मंजूर कर दी। उसके वकालतनामे पर आरोपी को जमानत न देने से उसके विधि व्यवसाय पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे उसकी छवि धूमिल हुई है। इसका विरोध किया तो एसडीएम और पेशकार हमलावर हो गए और जान से मारने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम के आदेश पर कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है।