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हैंड ग्रेनेड से तीन फीट गहरा हो गया गड्ढा

Tue, 17 Sep 2019 06:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 06:03 PM IST
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Crater three feet deep with hand grenade
शहर के बजरिया मैदान में मिले हैंड ग्रेनेड को कानपुर से आए बम निरोधक दस्ते ने गंगा की कटरी स्थित पंखियों की मढ़ैया कटरी धर्मपुर में उड़ा दिया। दस्ते ने ग्रेनेड में डेटोनेटर लगाकर करीब 200 मीटर दूर से विस्फोट किया। विस्फोट से करीब तीन फीट गहरा गड्ढा हो गया।
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मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला बजरिया निवासी डॉ.प्रमोद कुमार सक्सेना के आवास के पास खड़े नीम के नीचे सोमवार सुबह एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ था। इसके बाद हड़कंप मच गया था। पुलिस अफसरों ने इस बम को कब्जे में लेकर निष्क्रिय करने का प्रयास किया। इस दौरान सेना के अफसरों को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने भी बम की जांच की थी। एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने कानपुर पत्राचार करके बम निरोधक दस्ते को यहां बुलाया।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बम निरोधक दस्ते के प्लाटून कमांडर रामानंद, बम टेक्नीशियन अवधेश कुमार त्रिपाठी, सहयोगी शिवसिंह और कर्मजीत कुमार सिंह मऊदरवाजा थाने पहुंचे। इसके बाद बीबीगंज चौकी से उन्होंने बम को कब्जे में लिया। इंस्पेक्टर विनय प्रकाश राय के साथ टीम गंगा किनारे स्थित गांव कटरी धर्मपुर के मजरा पंखियों की मढ़ैया पहुंची।
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पुलिस ने वहां से जानवरों को दूर-दूर हटाया और ग्रामीणों को भी पास नहीं आने दिया। वहां करीब एक फीट गहरा गड्ढा करके टीम के तकनीशियन ने बम रखा। उसके बाद उसमें डेटोनेटर फिट किया। डेटोनेटर से करीब 200 मीटर दूर तक तार फैलाकर उसमें एक मशीन का कनेक्शन किया। वहीं टीम के सदस्य जमीन पर लेट गए और शाम 3.20 बजे बटन दबाते ही तेज आवाज के साथ बम फट गया।
बम की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। आसमान में धुआं हो गया। करीब 15 मिनट के बाद विस्फोट के पास जाकर देखा, तो वहां टीम को कुछ नहीं मिला। चार-पांच रांगे के टुकड़े मिले। करीब तीन-चार फीट गहरा गड्ढा हो गया था। इसके बाद टीम वहां से वापस चली आई।
डेटोनेटर लगाते वक्त रहता विस्फोट का खतरा
टीम के प्रभारी प्लाटून कमांडर रामानंद ने बताया कि किसी भी बम में डेटोनेटर लगाना सबसे खतरनाक होता है। इस दौरान विस्फोट होने का खतरा ज्यादा होता है। इससे इस दौरान बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है। जहां तक हैंड ग्रेनेड की बात है, तो यह 32-हैंडग्रेनेड था। पुराना होने के बावजूद काफी शक्तिशाली था।

कुछ तो है जो छिपा रही मऊदरवाजा पुलिस
मऊदरवाजा पुलिस पूरे मामले को काफी हल्के में ले रही है। जबकि शहर के बीच में हैंडग्रेनेड मिलने से साफ है कि जिसने यहां तक पहुंचाया, उसके मंसूबे ठीक नहीं रहे होंगे। बावजूद इसके मऊदरवाजा पुलिस इस मामले में पर्दा डालकर काम करना चाहती है। देखना यह है कि पहले भी तीन बार मिले बमों की तरह इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा या जांच कुछ आगे बढ़ेगी।
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